सुरसा प्रसंग जैसी हाजिरजवाबी या भक्त- सा समर्पण; आपके मूलांक में हनुमान जी का कौन-सा गुण बसता है?
अंकशास्त्र के अनुसार विभिन्न मूलांकों वाले व्यक्तियों में हनुमान जी के गुण होते हैं। कैसे प्रत्येक मूलांक हनुमान जी के नेतृत्व, धैर्य, बुद्धि या भक्ति ...और पढ़ें

मूलांक अनुसार जानिए हनुमान जी से जुड़े गुण (AI-Generated Image)
HighLights
मूलांक अनुसार जानें हनुमान जी के कौन से गुण आप में हैं।
प्रत्येक मूलांक हनुमान जी के विशिष्ट गुणों से जुड़ा है।
नेतृत्व, धैर्य, बुद्धि और भक्ति जैसे गुण मूलांक से जानें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कलयुग के देवता और भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी केवल अतिबलशाली और संकट हरने वाले ही नहीं, बल्कि मैनेजमेंट, लीडरशिप, धैर्य और अनुशासन के भी सबसे बड़े गुरु हैं। अंकशास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति के जन्म की तारीख (मूलांक) में एक खास ऊर्जा छिपी होती है, जो उसे किसी न किसी तरह से हनुमान जी के गुणों से जोड़ती है।
अब चाहे वो मूलांक 1 की लीडरशिप क्वालिटी हो या मूलांक 7 का गहन आत्मचिंतन बजरंगबली का एक गुण हम सभी में बसता है। अंक ज्योतिष के माध्यम से इसे समझने की कोशिश करते हैं कि हनुमान जी का कौन-सा गुण आपकी पर्सनैलिटी से मेल खाती है।
मूलांक 1
जिन भी लोगों की जन्म तिथि 1, 10, 19 या 28 है, उनका मूलांक 1 होता है। अंक ज्योतिष में मूलांक 1 का स्वामी सूर्य (Sun) है। जिस प्रकार हनुमान जी ने रामायण काल में माता सीता की खोज से लेकर युद्ध में सैनिक का नेतृत्व प्रदान किया था, ठीक उसी तरह सामान्य जीवन में इस अंक के लोगों में लीडरशिप की क्वालिटी होती है। यह लोग अपने फैसले खुद लेना पसंद करते हैं। अपने आत्मविश्वास और खुले विचारों के कारण मूलांक 1 के लोग काफी नाम और पहचान कमाते हैं। Gen Z की भाषा में कहें तो इस अंक के लोग काफी बोल्ड और बेबाक होते हैं, जिन्हें खुद की शर्तों पर जीना पसंद होता है।
मूलांक 2
ऐसे व्यक्ति जिनका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 है। ग्रह शास्त्र के अनुसार, नंबर 2 का स्वामी चंद्रमा है। मूलांक 2 के जातक स्वभाव से काफी इमोशनल, अपने से जुड़े लोगों की काफी देखभाल करने वाले, लोयल और साफ दिल के होते हैं। जिस तरह हनुमान जी सभी की रक्षा करते हैं, उनकी खुशियों का ध्यान रखते हैं, ठीक वैसे ही मूलांक 2 के लोग भी मिलनसार और सब का अच्छा सोचने वाले माने जाते हैं। हालांकि कई बार इनकी यही आदत इन्हें इमोशनली वीक बनाती है।
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मूलांक 3
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को जन्म हुआ है, उनका मूलांक 3 होता है। मूलांक 3 पर देवगुरु बृहस्पति का शासन होता है। देवगुरु बृहस्पति का अधिक प्रभाव होने के कारण इस अंक के लोग दिमागी तौर पर काफी ज्यादा चमकते हैं। अपनी अच्छी ज्ञान और बुद्धिमत्ता के कारण यह लोग काफी अच्छे मार्गदर्शक माने जाते हैं। इसके अलावा अपने से जुड़े लोगों के प्रति काफी वफादार और सेवा समर्पण की भावना रखते हैं। मूलांक 3 के जातक भी अच्छे रणनीतिकार और नेतृत्व कर्ता माने जाते हैं।
मूलांक 4
जिन भी लोगों का जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 4 होता है। मूलांक 4 का स्वामी राहु को माना जाता है। राहु के प्रभाव के कारण ये लोग काफी व्यावहारिक और तीक्ष्ण दिमाग वाले होते हैं, जो लीक से हटकर चलना पसंद करते हैं। इस अंक के जातक आसानी से किसी भी चीज को सीखने में माहिर होने के साथ आदतों में ढलना जानते हैं। बातचीत में भी प्रभावी होने के साथ खुद के दम पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश करते हैं। जिस प्रकार हनुमान जी साहसी, कुशल रणनीतिकार और समस्याओं का डटकर सामना करते थे, ठीक उसी तरह मूलांक 4 के लोग भी हर परिस्थितियों में हार नहीं मानते हैं।
मूलांक 5
जिन भी लोगों का जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 5 होता है। मूलांक 5 के जातक बुध ग्रह द्वारा शासित होते हैं। बुध ग्रह के खास प्रभाव के कारण ये लोग बुद्धिमान होने के साथ काफी तार्किक होते हैं। अपनी बातचीत करने की शैली और आसानी से किसी भी ज्ञान को ग्रहण करने के कारण ये लोग हर परिस्थिति में सही फैसला लेते हैं।
हनुमान जी के जीवन में मूलांक 5 के गुणों (बुद्धि, निर्णय और कुशल संवाद) को समझने के लिए सुंदरकांड का यह प्रसंग सबसे उपयुक्त उदाहरण हैं। जब समुद्र पार लंका जाने के दौरान सुरसा नामक राक्षसी ने हनुमान जी को खाने के लिए अपने मुंह का आकार बड़ा किया, तब हनुमान जी ने अपना शरीर दोगुना बड़ा लिया। जब सुरसा का मुंह सबसे बड़ा हो गया, तब हनुमान जीने त्वरित निर्णय लेते हुए काफी छोटे हो गए और सुरसा के मुंह के अंदर जाकर तुरंत बाहर आ गाए।
मूलांक 6
जिन भी लोगों का जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 6 होता है। मूलांक 6 का स्वामी शुक्र ग्रह को माना जाता है। शुक्र ग्रह के प्रभाव के कारण ये लोग सुंदर, कला के धनी और फैशन के काफी शौकी होते हैं। ये लोग निस्वार्थ भाव सेवा करते हैं। हनुमान जी जिस प्रकार सच्ची सेवा और समर्पण का भाव प्रभु श्रीराम के लिए रखते हैं, ठीक वैसे ही इस मूलांक के लोग किसी भी काम को दिल से करना पसंद करते हैं, बिना किसी स्वार्थ भाव के।
मूलांक 7
जिन भी लोगों की डेट ऑफ बर्थ 7,16 या 25 तारीख है, उनका मूलांक 7 होता है। मूलांक 7 का स्वामी केतु को माना जाता है। इस अंक के जातक स्वभाव से काफी धार्मक, धैर्यवान और तेज दिमाग के होते हैं। मूलांक 7 के कई गुण हनुमान जी के व्यक्तित्व से मेल खाते हैं। जिस तरह हनुमान जी अपने प्रियजनों के प्रति वफादारी की भावना रखते हैं और निस्वार्थ भाव से उनकी सेवा के लिए जाने जाते हैं, ठीक वैसे ही मूलांक 7 के जातक अपनों के प्रति वफादार और शांत होते हैं। हनुमान जी की ही तरह इनकी आंतरिक शक्ति इनकी सबसे बड़ी ताकत है।
मूलांक 8
जिन भी लोगों का जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 8 है। मूलांक 8 शनि देव को माना जाता है। शनि ग्रह के प्रभाव से इस अंक के लोग काफी सहनशीलता, न्याय और धार्मिक प्रवृत्ति और निष्ठावान होते हैं। जिस तरह हनुमान जी भगवान श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति और समर्पण का भाव रखते हैं, ठीक उसी तरह मूलांक 8 के लोग अपने कार्यों और संबंधों के प्रति निष्ठावान माने जाते हैं।
मूलांक 9
जिन भी लोगों की डेट ऑफ बर्थ 9, 18 या 27 तारीख है, उनका मूलांक 9 होता है। मूलांक 9 मंगल ग्रह द्वारा शासित है। मंगल के प्रभाव से इस अंक के जातकों का स्वभाव ऊर्जावान, साहसी और कुशल नेतृत्वकर्ता वाला है। जिस तरह हनुमान जी विकट से विकट परिस्थितियों में हार नहीं मानते हैं, ठीक उसी तरह मूलांक 9 के जातक हर संकट का डटकर सामना करते हैं। इसके अलावा इस अंक से जुड़े लोग सेवा और अध्यात्म में भी भरोसा रखते हैं, जो हनुमान जी के गुणों से काफी मेल खाता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।