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मूलांक 1 और 3 वाले बनते हैं अच्छे दोस्‍त, इन बातों पर पीठ पीछे करते हैं एक-दूसरे की चुगली

Updated: Sun, 12 Jul 2026 09:00 AM (IST)

मूलांक 1 और 3 के लोग आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षा के कारण अच्छी दोस्ती बनाते हैं, जो उन्हें एक-दूसरे के करीब लाती है। हालांकि, उनके बीच नेतृत्व की आदत ...और पढ़ें

मूलांक 1 और 2, एक-दूसरे का अच्छा सहयोग कर सकते हैं। (Picture Credit- AI Generated)

मूलांक 1 और 2, एक-दूसरे का अच्छा सहयोग कर सकते हैं। (Picture Credit- AI Generated)

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अंक ज्योतिष में प्रत्येक मूलांक के स्वभाव और व्यक्तित्व की अलग-अलग विशेषताएं बताई जाती हैं। अंकशास्‍त्र की माने तो मूलांक 1 और मूलांक 3 के लोगों के बीच अच्छी मित्रता हो सकती है। दोनों ही आत्मविश्वासी, महत्वाकांक्षी और आगे बढ़ने की सोच रखने वाले होते हैं। यही समानताएं उन्हें एक-दूसरे के करीब लाती हैं और समय के साथ उनकी दोस्ती मजबूत हो सकती है। 

मुलांक 1 के स्‍वामी सूर्य हैं और मूलांक 3 के स्‍वामी बृहस्‍पति है। इसलिए मित्रता होने के साथ-साथ दोनों के बीच अपने ज्ञान और उच्‍च पद को लेकर प्रतिस्‍पर्धा भी रहती है। ऐसे में सामने से तो दोनों दोस्‍ती का दावा करते हैं, मगर पीठ पीछे दोनों एक दूसरे की कुछ आदतों से नाखुश रहते हैं। 

चलिए हम आपको उन स्थितियों के बारे में बताते हैं, जहां पर दोनों ही एक दूसरे से सहमत नहीं होते हैं। 

नेतृत्‍व को लेकर करते हैं चुगली

मूलांक 1 के लोग नेतृत्व करना पसंद करते हैं। वे अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रहते हैं और हर काम में आगे रहने की कोशिश करते हैं। वहीं मूलांक 3 के लोग रचनात्मक सोच, प्रभावशाली व्यक्तित्व और बेहतर संवाद क्षमता के लिए जाने जाते हैं। जब ये दोनों साथ आते हैं, तो नए विचार, सकारात्मक ऊर्जा और बेहतर तालमेल देखने को मिल सकता है। कार्यस्थल , व्यवसाय या व्यक्तिगत जीवन हो , दोनों एक-दूसरे का अच्छा सहयोग कर सकते हैं।

हालांकि, अंक ज्योतिष के अनुसार हर मजबूत दोस्ती में कुछ चुनौतियां भी हो सकती हैं। मूलांक 1 को अपनी बात मनवाने की आदत होती है, जबकि मूलांक 3 अपने मन के मालिक होते हैं। उनके विचार और उपलब्धियों को देखकर लोग उनके दिखाए मार्ग पर चलना पसंद करते हैं। ऐसे में यदि दोनों अपनी राय पर अड़े रहें, तो छोटी-छोटी बातों पर मतभेद पैदा हो सकते हैं।

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अपने बीच की बातों को किसी तीसरे से करते हैं शेयर

कई बार ऐसा भी होता है कि दोनों मित्र सामने तो एक-दूसरे का समर्थन करते हैं, लेकिन असहमति होने पर किसी तीसरे व्यक्ति से अपनी नाराजगी या शिकायत साझा कर सकते हैं। यह स्थिति गलतफहमी को जन्म दे सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि किसी भी समस्या पर सीधे आपस में बातचीत की जाए, बजाय इसके कि बात दूसरों तक पहुंचे।

एक दूसरे के स्‍वभाव की चुगली करते हैं

मूलांक 1 के लोग अनुशासन और परिणामों पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि मूलांक 3 नए प्रयोग और रचनात्मक तरीकों को महत्व देते हैं। यदि दोनों एक-दूसरे की कार्यशैली को समझ लें, तो यह अंतर उनकी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। लेकिन दोनों के अंदर एक दूसरे को लेकर तुलना, अहंकार और प्रतिस्पर्धा का भाव रहता है, जो इन्‍हें दूसरों से एक दूसरे की चुगली करने के लिए उकसाता है , इससे रिश्‍तों में तनाव बढ़ जाता है।

दोस्ती को मजबूत बनाए रखने के लिए दोनों को एक-दूसरे की उपलब्धियों की सराहना करनी चाहिए और आलोचना के बजाय रचनात्मक सुझाव देने चाहिए। किसी भी गलतफहमी को लंबे समय तक मन में रखने के बजाय समय रहते स्पष्ट बातचीत करना अधिक लाभदायक हो सकता है। 

अत: मूलांक 1 और 3 की जोड़ी ऊर्जा, उत्साह और सफलता का अच्छा मेल मानी जाती है। यदि दोनों अपने अहंकार को नियंत्रित रखें, एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें और विश्वास बनाए रखें, तो उनकी मित्रता लंबे समय तक मजबूत बनी रह सकती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।