बाहर से सब ठीक, पर अंदर से किस बात से परेशान हैं आप? मूलांक 1 से 9 के अनकहे संघर्ष
अंकशास्त्र के अनुसार, मूलांक व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य के साथ उसकी मानसिक व भावनात्मक चुनौतियों को भी दर्शाता है। यह लेख 1 से 9 तक के मूलांक के अनकह ...और पढ़ें

मूलांक से जानिए आपकी सबसे बड़ी कमजोरी (Picture Credits AI-Generated Image)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अंकशास्त्र (Numerology) के मुताबिक, ब्रह्मांड की प्रत्येक वस्तु ऊर्जा और तरंगों से संचालित होती है और अंक इस ऊर्जा को समझाने का सबसे बेहतर माध्यम है।
व्यक्ति के जन्म तारीख से निकलने वाला मूलांक केवल उसका स्वभाव या भविष्य ही तय नहीं करता है, बल्कि यह भी बताता है कि वह जीवन में अंदर ही अंदर किन मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करेगा।
आइए जानते हैं कि, अंकशास्त्र के मुताबिक, 1 से 9 तक के मूलांकों के पीछे कौन-से ऐसे गहरे और अनकहे संघर्ष छिपे है?
मूलांक 1 से 9 के छिपे हुए संघर्ष
मूलांक 1 (सूर्य का नंबर)
मूलांक 1 के लोग जन्मजात लीडर होने के साथ बाहर से काफी मजबूत दिखाई देते हैं। लेकिन इनकी सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि, ये शीर्ष पर रहकर भी खुद को काफी अकेला पाते हैं और अपने इस स्वभाव के कारण खुलकर किसी से बात नहीं कर पाते हैं।
मूलांक 2 (चंद्रमा का अंक)
मूलांक 2 का स्वामी चंद्रमा होने के कारण ये लोग स्वभाव से काफी संवेदनशील होते हैं। ये लोग छोटी-छोटी बातों को दिल पर लगा लेते हैं और काफी सोचते हैं, जो इन्हें मानसिक रूप से काफी थका देता है।
मूलांक 3 (बृहस्पति का अंक)
मूलांक 3 के जातकों का स्वभाव ज्ञान और रचनात्मकता से भरा है, लेकिन इस अंक के लोगों में एक छिपी हुई कमजोरी होती है। इन्हें दूसरों से लगातार तारीफ और सराहना की इच्छा होती है। ऐसा न मिलने पर ये खुद को असुरक्षित महसूस करने लगते हैं।
मूलांक 4 (राहु का अंक)
मूलांक 4 के जातक लीक से हटकर सोचते हैं, जिस वजह से समाज इन्हें आसानी से समझ नहीं पाता है। इनका सबसे बड़ा संघर्ष यह महसूस करना है कि दुनिया में कोई उन्हें समझने वाला नहीं है, जिससे इनका आत्मविश्वास डगमगा जाता है।
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मूलांक 5 (बुध का अंक)
मूलांक 5 बदलाव और स्वतंत्र का अंक है। ये लोग कभी भी एक जगह बंधकर रह नहीं सकते। इनका संघर्ष यह होता है कि, ये किसी एक रिश्ते, नौकरी या फैसले पर लंबे समय तक टिकने में मुश्किलों का सामना करते हैं।
मूलांक 6 (शुक्र का अंक)
जिन भी लोगों का मूलांक 6 है, वे दूसरों का ख्याल रखने के चक्कर में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि, सबको खुश रखते-रखते खुद की चीजों और मानसिक शांति को नजरअंदाज कर देते हैं।
मूलांक 7 (केतु का अंक)
मूलांक 7 अध्यात्म और गहरे विचारों का अंक है। ये लोग अंदर से काफी गहरे विचार वाले होते हैं, लेकिन इनका संघर्ष यह है कि ये किसी पर भी आसानी से भरोसा नहीं कर पाते हैं, जिस वजह से ये खुद को सबसे अलग कर लेते हैं।
मूलांक 8 (शनि का अंक)
शनि का अंक होने की वजह से इनका जीवन संघर्षों से भरा होता है। ये लोग अपनी तकलीफें, दर्द और वित्तीय या मानसिक परेशानियां कभी भी जताते नहीं हैं और चुपचाप सब कुछ सहते रहते हैं।
मूलांक 9 (मंगल का अंक)
मंगल की ऊर्जा होने के कारण ये दिल के काफी साफ और दूसरों की मदद करने वाले माने जाते हैं। लेकिन इनका सबसे बड़ा नकारात्मक पहलू यह है कि, ये अपनी भावनाओं और अचानक आने वाले तेज गुस्से को काबू नहीं रख पाते हैं, जिससे इनके बने-बनाए रिश्ते खराब हो जाते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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