Skoda Slavia New vs Old: इंजन, पावर और फीचर्स के मामलें में कौन है बेस्ट, पढे़ें सारी डिटेल्स
Skoda Slavia Facelift: स्कोडा ने भारत में नई स्लाविया फेसलिफ्ट को पेश कर दिया है। इसमें नया डिजाइन, आधुनिक फीचर्स और दमदार इंजन विकल्प दिए गए हैं।


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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। Skoda Slavia Facelift को 18 अगस्त को भारत में रिवील कर दिया गया है। इस अपडेट के साथ स्कोडा ने अपनी मिडसाइज सेडान में छोटे-मोटे बदलाव किए हैं और कुछ नए फीचर्स को जोड़ा है। इसका मुकाबाला भारत में Honda City और Hyundai Verna से है। आइए जानते हैं कि पुरानी और नई Slavia में क्या-क्या अंतर है।
नया फ्रंट डिजाइन
Skoda Slavia के फ्रंट में अब एक नया बंपर दिया गया है जिस पर इल्यूमिनेटेड इसकी पूरी चौड़ाई में चलती है और छोटे LED फॉग लैंप दिए गए हैं। ग्रिल का डिजाइन नहीं बदला है लेकिन इसके क्रोम चारों तरफ की जगह दो अलग-अलग ब्कैल बार दिए गए हैं। हेडलैंप हाउसिंग का आकार पहले जैसा है लेकिन इंटीरियर हिस्से को बदला गया है। इसमें 16-इंच के अलॉय व्हील्स का डिजाइन है जो अब ज्यादा बोल्ड दिखते हैं और टू-टोन फिनिश के साथ आते हैं।
सीटों का नया डिजाइन और कलर
पुराने मॉडल के टॉप-स्पेक मॉडल बेज और ब्लैक डुअल टोन लेदरेट सीटें देता था लेकिन नई Slavia में पूरी तरह से बेज कलर की सीटें मिलती हैं। इन सीटों का डिजाइन बदला हुआ नहीं लगता है लेकीन इनमें अब एक नया पैटर्न जरूर मिलता है। डैशबोर्ड की बात करें तो नई Skoda Slavia में 10.25 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है जबकि पुराने मॉडल की अधिकतम यूनिट 8-इंच की थी।
नए इंफोटेनमेंट सिस्टम में गूगल क्लाउड द्वारा संचालित एक इन-बिल्ट AI असिस्टेंट भी देती है जबकि Slavia के नए 360 डिग्री कैमरे का फीड भी इसी स्क्रीन पर दिखाया जाता है।
एक जैसे फीचर्स
कूल्ड ग्लोव बॉक्स, पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, इलेक्ट्रिक सनरूफ, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और LED एंबिएंट लाइटिंग जैसे फीचर्स दोनों मॉडलों में मिलते हैं। इसके अलावा 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल-होल्ड कंट्रोल और टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी दोनों मॉडलों में दी गई हैं।
इंजन और विकल्प
नई Skoda Slavia में 1.0 लीटर डायरेक्ट-इंजक्शन थ्री-सिलिंडर टर्बो पेट्रोल इंजन 115hp और 178nm बनाता है जबकि 1.5 लीटर डायरेक्ट-इंजक्शन फोर-सिलिंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन 150hp और 250nm का टॉर्क देता है। छोटा इंजन स्टैंडर्ड तौर पर 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ आता है और अब इसे 8-स्पीड टॉर्क कंवर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ भी लिया जा सकता है।
