भागलपुर जिले के हजारों बच्चों का रिकॉर्ड डेटाबेस से गायब, बिना आधार कैसे बनेगा अपार कार्ड?
भागलपुर जिले में करीब 48 हजार विद्यार्थियों का आधार रिकॉर्ड शिक्षा विभाग के पास नहीं है, जिससे शैक्षणिक रिकॉर्ड के मिलान और दोहरे नामांकन की पहचान में परेशानी हो रही है।

भागलपुर जिले के हजारों बच्चों का रिकॉर्ड डेटाबेस से लापता (AI Generated Image)
HighLights
भागलपुर में 48 हजार छात्रों का आधार रिकॉर्ड शिक्षा विभाग के पास नहीं।
राज्यभर में 38 लाख बच्चों के आधार की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
आधार रिकॉर्ड के अभाव में अपार कार्ड बनाने में हो रही देरी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में नामांकित हजारों विद्यार्थियों का आधार रिकॉर्ड शिक्षा विभाग के डाटाबेस में उपलब्ध नहीं है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, भागलपुर जिले में कुल 6,32,116 विद्यार्थी नामांकित हैं।
इनमें से 5,85,147 विद्यार्थियों का आधार कार्ड रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध है, जबकि 48,499 विद्यार्थियों के आधार की जानकारी नहीं है। यानी जिले में नामांकित करीब 7.67 प्रतिशत बच्चों का आधार विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, जबकि राज्य में सरकारी और निजी स्कूलों में कुल करीब 1.84 करोड़ विद्यार्थी नामांकित हैं।
इनमें से करीब 38 लाख बच्चों के आधार कार्ड की जानकारी शिक्षा विभाग के डाटाबेस में उपलब्ध नहीं है। राज्य के सरकारी स्कूलों में 1,47,53,759 और निजी स्कूलों में 32,93,421 विद्यार्थी नामांकित हैं। विभाग के पास करीब 1.45 करोड़ विद्यार्थियों का सत्यापित आधार रिकॉर्ड उपलब्ध है।
वहीं, आधार की जानकारी नहीं होने से विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड का मिलान करने के साथ दोहरे नामांकन की पहचान करने में भी विभाग को परेशानी हो रही है।
साथ ही अपार के माध्यम से विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाता है। आधार संबंधी विवरण के अभाव में विद्यार्थियों के रिकॉर्ड का सत्यापन और उसे एकीकृत करना मुश्किल हो रहा है।
अपार कार्ड बनाने में भी राज्य पिछड़ा
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सरकारी स्कूलों में सत्यापित आधार के मुकाबले 94.36 प्रतिशत अपार कार्ड बनाए गए हैं, जबकि निजी स्कूलों में यह आंकड़ा 80.04 प्रतिशत है।
राज्य में कुल नामांकित विद्यार्थियों में करीब 72.94 प्रतिशत का ही अपार कार्ड बनाया जा सका है। आधार रिकॉर्ड पूरा नहीं होने को इसकी प्रमुख वजहों में माना जा रहा है।
नवगछिया में सबसे अधिक 7,214 बच्चों का आधार नहीं
जिले में नवगछिया प्रखंड में सबसे अधिक 7,214 विद्यार्थियों का आधार रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके बाद नगर निगम क्षेत्र में 7,095, सबौर में 6,715 और शाहकुंड में 6,441 बच्चों का आधार दर्ज नहीं है।
कहलगांव में 3,824, नाथनगर में 3,000 और जगदीशपुर में 2,539 बच्चों का आधार रिकॉर्ड नहीं है। सबसे कम इस्माइलपुर में 745 बच्चों का आधार उपलब्ध नहीं है।
