'पापा सोए क्यों हैं... अंकल, डॉक्टर के पास ले चलिए'; भाजपा नेता के शव से लिपट रोई बेटी, छलक पड़े भागलपुर MLA के आंसू
भागलपुर में भाजपा नेता उमा भूषण तांती की हत्या के बाद अस्पताल में मार्मिक दृश्य देखने को मिला। बेटी डोली ...और पढ़ें
HighLights
बेटी डोली ने पिता के शव को झकझोर कर उठाने का प्रयास किया।
विधायक रोहित पांडेय बेटी का रुदन देख भावुक हो गए।
जनसेवा में लगे भाजपा नेता की हत्या से लोग स्तब्ध हैं।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur BJP Leader Murder Reaction: "पापा... आप सोए क्यों हैं? उठिए न, आपको कुछ नहीं हुआ है... अंकल, प्लीज इन्हें जल्दी से डॉक्टर के पास ले चलिए न!" जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) के इमरजेंसी परिसर में शुक्रवार को जब एक बिलखती हुई बेटी ने अपने पिता के निढाल और खून से सने शरीर को दोनों हाथों से झकझोरते हुए यह गुहार लगाई, तो वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा मुंह को आ गया।
गोलियों से छलनी भाजपा श्रीनारायण साह मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती की पार्थिव देह स्ट्रेचर पर बेसुध पड़ी थी और उनकी बड़ी बेटी डोली इस कड़वी हकीकत को स्वीकारने को तैयार नहीं थी कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छिन चुका है।
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बेटी का रुदन देख अस्पताल पहुंचे नगर विधायक रोहित पांडेय खुद पर काबू नहीं रख सके और उनकी आंखें भी आंसुओं से डबडबा गईं। जब डोली ने नम आंखों से विधायक की ओर हाथ जोड़कर देखा और कहा कि "अंकल, डॉक्टर से कहिए न पापा को देखें...", तो ढांढस बंधाने पहुंचे विधायक के शब्द भी गले में ही घुट गए। वे सिर पर हाथ रखकर बेटी को चुप कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन आंसुओं का सैलाब थामे नहीं थम रहा था।
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'हमारे पापा ने किसी का क्या बिगाड़ा था, वो तो लड़ते भी नहीं थे'
सिसकियों के बीच बेटी डोली बार-बार एक ही सवाल दोहरा रही थी— "हमारे पापा ने आखिर किसका क्या बिगाड़ा था? वो तो कभी किसी से लड़ते-झगड़ते भी नहीं थे। मोहल्ले और समाज में किसी को भी कोई तकलीफ होती थी, तो पापा अपनी सुध-बुध भूलकर सबसे पहले मदद के लिए दौड़ पड़ते थे... फिर उन्हें क्यों मार दिया गया?"
जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में पिता उमा भूषण तांती के पार्थिव शरीर को झकझोर कर उठाने की कोशिश करती रही बड़ी बेटी डोली
विधायक रोहित पांडेय की ओर देख बोली बेटी- 'अंकल इन्हें डॉक्टर के पास ले चलिए न... हमारे पापा ने किसी का क्या बिगाड़ा था'
मासूम बेटी की मार्मिक पुकार सुनकर अस्पताल में मौजूद विधायक रोहित पांडेय की आंखें भी हुईं डबडबा, ढांढस बंधाने में लड़खड़ाए शब्द
शव से लिपटकर दहाड़ मारकर रो पड़े सगे व ममेरे भाई; जनसेवा और सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहने वाले नेता की हत्या से स्तब्ध हैं लोग
उमा भूषण के अपने सगे भाई और ममेरे भाई शव से लिपट-लिपटकर दहाड़ मारकर रो रहे थे। छह भाइयों के भरे-पूरे परिवार में सबसे बड़े और सबका संबल रहे उमा भूषण की असमय और नृशंस विदाई ने पूरे कुतूबगंज को गहरे मातम में डुबो दिया है। अस्पताल का कोना-कोना परिजनों की चीत्कारों से गूंज रहा था।
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बदहवास हालत में पहुंचे विधायक, यकीन करना हुआ मुश्किल
कल तक पार्टी के हर कार्यक्रम, संगठनात्मक बैठक और जन समस्याओं को लेकर विधायक के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले अपने समर्पित साथी की हत्या ने विधायक रोहित पांडेय को भीतर तक हिलाकर रख दिया। जैसे ही उन्हें वारदात की खबर मिली, वे बदहवासी की हालत में सीधे कुतूबगंज के लिए निकल पड़े। रास्ते में जब सूचना मिली कि उमा को खून से लथपथ हालत में अस्पताल ले जाया जा रहा है, तो वे उल्टे पांव अस्पताल पहुंचे।
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विधायक ने स्तब्ध लहजे में कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जनसेवा और पार्टी कार्यों के लिए अपनी भूख-प्यास भुला देने वाले इतने मिलनसार और सीधे-सादे इंसान की कोई इतनी बेरहमी से हत्या कर सकता है। इलाके में हर वर्ग के बीच उमा की गहरी पैठ और सम्मान था। एक निष्ठावान सामाजिक कार्यकर्ता और परिवार के मुखिया की इस तरह हत्या ने पूरे शहर की कानून व्यवस्था और इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है।
