भागलपुर के 7 बड़े स्कूलों पर लटकी कार्रवाई की तलवार, नोटिस का जवाब देने के लिए एक हफ्ते की मिली मोहलत
Bhagalpur Private Schools Notice: भागलपुर शिक्षा विभाग ने बिना वैध मान्यता और मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे सात ...और पढ़ें

Bhagalpur Private Schools Notice: DPS, कार्मेल, माउंट असीसी समेत 7 निजी स्कूलों पर गिरेगी गाज! बिना मान्यता संचालन पर शिक्षा विभाग ने मांगा जवाब
HighLights
भागलपुर में 7 निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग का नोटिस।
वैध मान्यता और आरटीई नियमों के उल्लंघन का आरोप।
एक सप्ताह में जवाब न देने पर होगी कड़ी कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Private Schools Notice: जिले में बिना वैध प्रस्वीकृति (मान्यता) और मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे निजी विद्यालयों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने शहर और प्रखंड क्षेत्रों के सात नामी निजी शिक्षण संस्थानों को नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) सह डीपीओ (पीएम पोषण योजना) महेश प्रसाद ने संबंधित सभी विद्यालयों के संचालकों, प्राचार्यों और प्रबंधकों से एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया है। विभाग के इस कड़े कदम के बाद निजी स्कूल प्रबंधन में खलबली मच गई है।
कार्रवाई के दायरे में आए संस्थानों में जिले के प्रतिष्ठित सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूल भी शामिल हैं। जिन सात विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) भागलपुर (सबौर), माउंट असीसी स्कूल (रानीतलाब, सबौर), कार्मेल स्कूल (भागलपुर नगर निगम), सेंट जोसेफ स्कूल (भागलपुर नगर निगम), सेंट जोसेफ स्कूल (कहलगांव), सेंट जोसेफ स्कूल पकरल्ला (कहलगांव) तथा मदरसा अजीजिया सलिमिया मिफ्ताहुल उलूम रामासी मुर्गियाचक (सन्हौला) शामिल हैं।
आरटीई की धारा 18 व 19 का उल्लंघन, नवीनीकरण में भी लापरवाही
डीपीओ द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 की धारा 18 एवं 19 के साथ-साथ बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली के तहत प्रत्येक निजी विद्यालय का राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकार से विधिवत प्रस्वीकृत होना अनिवार्य है।
भागलपुर में बिना वैध प्रस्वीकृति (मान्यता) के संचालित हो रहे सात नामी निजी स्कूलों के प्रबंधन से मांगा गया स्पष्टीकरण
डीपीएस, कार्मेल, माउंट असीसी, सेंट जोसेफ और मदरसा अजीजिया सलिमिया समेत सात संस्थानों को डीपीओ ने थमाया नोटिस
आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 18 व 19 और बिहार राज्य नियमावली के तहत मान्यता व नवीनीकरण कराना अनिवार्य
एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य सहित संतोषजनक जवाब न देने पर शिक्षा विभाग ने दी सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
जिन विद्यालयों को पूर्व में निर्धारित अवधि के लिए प्रस्वीकृति मिली थी, अवधि समाप्त होते ही उसका समय पर नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराना कानूनी बाध्यता है। बिना वैध प्रस्वीकृति के स्कूलों का संचालन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और नियमों की खुली अवहेलना है।
बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं दिया आवेदन, अब नपेंगे स्कूल
डीपीओ महेश प्रसाद ने पत्र में कड़ा ऐतराज जताते हुए उल्लेख किया है कि संबंधित विद्यालय प्रबंधन को पूर्व में आयोजित आधिकारिक बैठकों और पत्राचार के माध्यम से प्रस्वीकृति एवं नवीनीकरण हेतु अनिवार्य दस्तावेजों के साथ आवेदन करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद इन संस्थानों ने विभागीय आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया और अब तक अपेक्षित अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया।
विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना है। नोटिस में दो-टूक चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित एक सप्ताह की समय-सीमा के भीतर ठोस साक्ष्यों के साथ संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया, तो यह मान लिया जाएगा कि विद्यालय प्रबंधन के पास बचाव में कोई तथ्य नहीं है। इसके उपरांत शिक्षा विभाग आरटीई एक्ट के कठोर प्रावधानों के तहत इन संस्थानों के खिलाफ विधि-सम्मत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
