भागलपुर के 2489 स्कूलों में स्वच्छता और हरियाली का सर्वे शुरू ; 30 सितंबर तक होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
भागलपुर जिले में 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन' (एसएचवीआर) प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें 2489 सरकारी और निजी स्कूल भाग लेंगे। स्कूलों का मूल्यांकन 6 श्रेणियों और 60 संकेतकों पर होगा, और उत्कृष्ट विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।

30 सितंबर तक SHVR पोर्टल पर होगा निबंधन; छह श्रेणियों के आधार पर सरकारी व निजी विद्यालयों का होगा मूल्यांकन
HighLights
भागलपुर में 2489 स्कूल स्वच्छ हरित मूल्यांकन में शामिल।
स्कूलों का मूल्यांकन 6 श्रेणियों, 60 संकेतकों पर आधारित।
उत्कृष्ट विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के विद्यालयों में स्वच्छ, हरित, सुरक्षित और समावेशी शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन' (एसएचवीआर) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी मूल्यांकन अभियान में भागलपुर जिले के कुल 2489 सरकारी और निजी विद्यालय भाग लेंगे। इसके लिए सभी विद्यालयों का एसएचवीआर पोर्टल पर ऑनलाइन निबंधन कराया जा रहा है, जिसकी अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है।
गुरुवार को जिला शिक्षा विभाग के सभागार में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) महेश प्रसाद की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी प्रखंडों से नामित एक शिक्षक तथा प्रखंड शिक्षा कार्यालय के एक-एक कर्मी ने भाग लिया। डीपीओ ने प्रखंड स्तर पर शत-प्रतिशत स्कूलों का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित कराने का सख्त निर्देश दिया।
छह श्रेणियों और 60 संकेतकों पर होगी स्कूलों की परख
एसएचवीआर व्यवस्था के तहत सभी स्कूलों का मूल्यांकन 6 प्रमुख श्रेणियों और कुल 60 सूक्ष्म संकेतकों (Indicators) के आधार पर किया जाएगा। मूल्यांकन के प्रमुख आधार निम्नलिखित हैं:
शुद्ध पेयजल की उपलब्धता
बालक-बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था
साबुन से हाथ धोने की सुविधा
स्कूल परिसर का संचालन एवं नियमित अनुरक्षण
व्यवहार परिवर्तन एवं क्षमता निर्माण
'मिशन लाइफ' (LiFE) से जुड़ी पर्यावरण अनुकूल गतिविधियां
इस मूल्यांकन में सरकारी विद्यालयों के अलावा सहायता प्राप्त, निजी, आवासीय, अल्पसंख्यक, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सभी संस्थान शामिल होंगे।
जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक होगा पुरस्कार चयन
मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला स्तरीय जांच समिति जिले से कुल 8 उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन करेगी। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के 6 और शहरी क्षेत्र के 2 विद्यालय शामिल होंगे।
जिला स्तर से चयनित इन विद्यालयों का भौतिक सत्यापन राज्य स्तरीय टीम द्वारा किया जाएगा। इसके बाद बिहार से 20 शीर्ष विद्यालयों की अंतिम सूची राष्ट्रीय स्तर पर भेजी जाएगी। अंत में, देश भर से चयनित सर्वश्रेष्ठ 200 विद्यालयों को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
