बच्चों की थाली पर पुलिस की खुफिया नजर! बिहार में मिड-डे मील के 33 मामलों की जांच, भागलपुर की 3 घटनाएं भी दायरे में
Bihar Mid Day Meal Investigation: पुलिस की खुफिया रिपोर्ट के बाद बिहार शिक्षा विभाग ने राज्यभर में मिड-डे मील की ...और पढ़ें

Bihar Mid Day Meal Investigation: मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी पर पुलिस की रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग सख्त, बिहार के 33 मामलों में जांच व कार्रवाई का आदेश
HighLights
पुलिस रिपोर्ट पर बिहार में मिड-डे मील की जांच शुरू।
राज्यभर के 33 संवेदनशील मामलों की उच्चस्तरीय पड़ताल होगी।
भागलपुर में बच्चों के बीमार पड़ने, कीड़े मिलने के मामले भी शामिल।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bihar Mid Day Meal Investigation: सरकारी विद्यालयों में बच्चों की थाली में परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता और वितरण में होने वाली अनियमितता अब विभागीय फाइलों के नीचे दबी नहीं रहेगी। भोजन की गुणवत्ता से खिलवाड़ और लापरवाही के मामलों पर इस बार पुलिस की खुफिया नजर पड़ी है।
पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) की विस्तृत रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पूरे राज्य के 33 संवेदनशील मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर जवाबदेही तय करने का आदेश दिया है। इस जांच सूची में भागलपुर जिले के भी तीन अलग-अलग मामले शामिल हैं।
विशेष शाखा ने बीते 21 अगस्त को शिक्षा विभाग को एक गोपनीय रिपोर्ट भेजी थी। इस रिपोर्ट में साफ तौर पर आगाह किया गया था कि कई जिलों में मध्याह्न भोजन की खराब गुणवत्ता, तय मेनू की अनदेखी और वितरण में भारी गड़बड़ी के कारण छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों में गहरा असंतोष पनप रहा है।
रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि इंटरनेट मीडिया पर ऐसे वीडियो प्रसारित होने से विधि-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है और राजनीतिक व सामाजिक संगठन इसे बड़ा जन-आंदोलन बना सकते हैं। रिपोर्ट में हाल ही में गया जिले में खराब भोजन को लेकर छात्रों द्वारा किए गए तीव्र विरोध प्रदर्शन का भी विशेष रूप से हवाला दिया गया था।
शिकायत दबाने पर नपेंगे अधिकारी, तुरंत एक्शन के निर्देश
खुफिया रिपोर्ट की गंभीरता को देखते हुए मध्याह्न भोजन योजना के राज्य निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी भी विद्यालय या केंद्रीयकृत रसोईघर (सेंट्रलाइज्ड किचन) से भोजन को लेकर शिकायत मिलने पर मामले को दबाने, टालने या लीपापोती करने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा (Special Branch) की खुफिया रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन योजना पर कसा शिकंजा
बिहार भर के 33 गंभीर मामलों को चिह्नित कर सघन जांच का आदेश; गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों व प्रबंधन पर होगी सीधी कार्रवाई
भागलपुर जिले की तीन घटनाएं जांच के घेरे में; हबीबपुर में बच्चों के बीमार पड़ने, अजगैबीनाथ धाम में कीड़ा मिलने व हॉस्टल मेस विवाद की होगी पड़ताल
एमडीएम निदेशक विनायक मिश्र का सख्त निर्देश— शिकायतों को दबाने के बजाय तुरंत करें कार्रवाई, निदेशालय को भेजनी होगी एक्शन रिपोर्ट
निदेशक ने निर्देश दिया कि शिकायत मिलते ही अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें और तुरंत कार्रवाई कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजें। सभी विद्यालयों और सेंट्रलाइज्ड किचनों में स्वच्छता, सुरक्षा और पोषण के मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराना होगा। साथ ही यह भी अनिवार्य रूप से देखना होगा कि छात्रों को मेनू के अनुसार निर्धारित वजन और गुणवत्ता का भोजन मिल रहा है या नहीं।
राज्य के 33 मामले चिह्नित, सहरसा में सर्वाधिक 5 घटनाएं
जांच के दायरे में आए कुल 33 मामलों में सर्वाधिक पांच मामले सहरसा जिले से हैं। इसके अलावा भागलपुर और मधेपुरा से तीन-तीन घटनाएं जांच सूची में हैं। वहीं गया, नालंदा, कटिहार, खगड़िया, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) और मुजफ्फरपुर के दो-दो मामले शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त अरवल, पटना, औरंगाबाद, सुपौल, गोपालगंज, अररिया, शेखपुरा, सीतामढ़ी और वैशाली जिले की एक-एक घटना की भी गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।
भागलपुर के इन तीन मामलों की शुरू हुई विस्तृत जांच
भागलपुर जिले में जिन तीन मामलों को पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जांच के दायरे में लिया गया है, उनका विवरण इस प्रकार है:
भोजन के बाद 15-16 बच्चे हुए थे बीमार: हबीबपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गंगटी टोला शाहजंगी में बीते एक अप्रैल को मध्याह्न भोजन खाने के बाद करीब 15 से 16 बच्चों ने पेट में तेज दर्द और उल्टी की शिकायत की थी। हालत बिगड़ने पर सभी बच्चों को आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
सोयाबीन की सब्जी में मिला था कीड़ा: सुलतानगंज (अजगैवीनाथ धाम) के वार्ड संख्या दो और चार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 131 और 132 में बीते सात जनवरी को बच्चों को परोसी गई सोयाबीन की सब्जी में कीड़े मिलने की गंभीर शिकायत मिली थी। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने केंद्र पर जोरदार हंगामा कर जांच की मांग की थी।
छात्रावास के मेस में मेनू विवाद पर बवाल: विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित अंबेडकर आवासीय छात्रावास में बीते 16 अगस्त की रात मेस के भोजन को लेकर सीनियर और जूनियर छात्रों के बीच हिंसक विवाद हो गया था। छात्रों का आरोप था कि निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन न देकर मनमानी की जाती है। मामले को शांत कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीम को हस्तक्षेप करना पड़ा था, जिसके बाद जिला कल्याण पदाधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे।
