मधेपुरा के सिंहेश्वर धाम में 16वें गणेश महोत्सव की तैयारी शुरू, 90 फीट ऊंचा बनेगा पंडाल
सिंहेश्वर धाम में 16वें गणेश महोत्सव की तैयारी शुरू हो गई है, जिसमें 16 फीट ऊंची प्रतिमा और 90 फीट ...और पढ़ें

सिंहेश्वर धाम में 16वें गणेश महोत्सव की तैयारी शुरू, 90 फीट ऊंचा बनेगा पंडाल
HighLights
सिंहेश्वर धाम में 16वें गणेश महोत्सव की तैयारी शुरू।
16 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा, 90 फीट ऊंचा पंडाल बनेगा।
14-25 सितंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, रामलीला, शोभायात्रा।
संवाद सूत्र, सिंहेश्वर (मधेपुरा)। सिंहेश्वर धाम स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी एक बार फिर भगवान गणेश की भक्ति में सराबोर होने को तैयार है। प्रथम पूज्य, विघ्न विनाशक एवं सिद्धिदाता भगवान श्रीगणेश के 16वें गणेश महोत्सव की तैयारी शुरू हो गई है। भूमि पूजन के साथ ही मंदिर परिसर में उत्सव की रौनक दिखाई देने लगी है।
आगामी 14 से 25 सितंबर तक 12 दिवसीय गणेश महोत्सव का आयोजन भव्य एवं धार्मिक वातावरण में किया जाएगा। इस महोत्सव को लेकर सिंहेश्वरवासियों में खासा उत्साह है। भक्ति, संस्कृति और उत्सव के इस संगम से एक बार फिर सिंहेश्वर धाम गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजने को तैयार है।
गणेश पूजा समिति की बैठक में इस बार महोत्सव के 16वें वर्ष को यादगार बनाने के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा की ऊंचाई बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष 16 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जबकि पिछले वर्ष प्रतिमा की ऊंचाई 15 फीट थी।
महोत्सव को लेकर पूरे सिंहेश्वर धाम में उत्साह का माहौल है। इस बार करीब 90 फीट ऊंचा आकर्षक पंडाल तैयार किया जा रहा है। पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी गणपति टेंट हाउस को दी गई है।
पंडाल को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज से विशेष रूप से कारीगर जोगेन बरमय को बुलाया गया है।
अध्यक्ष राकेश रमाणी ने बताया कि इस बार पंडाल को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को मुंबई स्थित प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हो सके।
14 की रात प्राण-प्रतिष्ठा, 15 से शुरू होगा महोत्सव
पंडित शांति नाथ झा ने बताया कि 14 सितंबर की रात 10 बजे से 11:30 बजे तक भगवान गणेश की प्राण-प्रतिष्ठा पूजा संपन्न होगी। इसके बाद 15 सितंबर से विधिवत दैनिक पूजा शुरू होगी। प्रत्येक दिन शाम 7:30 बजे आरती का आयोजन निर्धारित समय पर किया जाएगा।
24 सितंबर की रात भगवान गणेश को 56 भोग अर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद और विशेष भंडारे की व्यवस्था रहेगी, जिसका आयोजन सिद्धनाथ साह के चारों पुत्रों की ओर से किया जाएगा।
रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम बढ़ाएंगे महोत्सव की शोभा
गणेश महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। दोपहर तीन बजे से शाम 6:30 बजे तक स्कूली बच्चों की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। नृत्य, नाटक और देशभक्ति गीतों के माध्यम से बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
वहीं, 14 से 23 सितंबर तक प्रत्येक रात आरती के बाद रात आठ बजे से भव्य रामलीला का मंचन होगा। मधुबनी के प्रसिद्ध कलाकार ललित नारायण यादव के निर्देशन में होने वाली रामलीला श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगी।
25 सितंबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
12 दिवसीय गणेश महोत्सव का समापन 25 सितंबर को भगवान गणपति की भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। गणपति बप्पा की प्रतिमा को नगर भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ भगवान गणेश को विदाई देंगे। नगर भ्रमण के बाद प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। स्वयंसेवकों के साथ पुलिस बल की भी तैनाती रहेगी।
सचिव अमित कुमार ने बताया कि मेले में दो बड़े झूले, बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले, बाहर से आने वाली मनिहारी की दुकानें तथा स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टाल लगाए जाएंगे।
