मुंगेर के एक ही परिवार को दो-दो बार आवास, दैनिक जागरण के खुलासे पर एक्शन, BDO ने मुखिया व आवास सहायक से मांगा हिसाब
Munger Pradhan Mantri Awas Yojana Fraud: मुंगेर के जमालपुर में एक ही परिवार को इंदिरा और प्रधानमंत्री आवास योजना का ...और पढ़ें

Munger Pradhan Mantri Awas Yojana Fraud: मुंगेर में एक ही परिवार को दोहरे आवास लाभ पर BDO सख्त, मुखिया-आवास सहायक तलब
HighLights
जमालपुर में एक परिवार को दोहरा आवास योजना लाभ।
दैनिक जागरण के खुलासे पर बीडीओ ने जांच शुरू की।
मुखिया, आवास सहायक से पूछताछ, दोषियों पर होगी कार्रवाई।
संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। Munger Pradhan Mantri Awas Yojana Fraud: जमालपुर प्रखंड की पड़हम पंचायत के वार्ड संख्या नौ में एक ही परिवार को नियम ताक पर रखकर पहले इंदिरा आवास और अब प्रधानमंत्री आवास योजना का दोहरा लाभ दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
दैनिक जागरण के चार नवंबर के अंक में 'इंदिरा से पीएम आवास तक, एक ही परिवार को दो-दो बार मिला लाभ' शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रखंड प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। पूर्व मुखिया तनिक पंडित की आधिकारिक शिकायत और मीडिया में मामला उजागर होने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) श्वेता कुमारी ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
BDO ने मुखिया और आवास सहायक को किया तलब
बीडीओ श्वेता कुमारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पड़हम पंचायत के वर्तमान मुखिया प्रताप नारायण चौधरी और संबंधित ग्रामीण आवास सहायक को तत्काल प्रखंड मुख्यालय तलब किया। दोनों जिम्मेदारों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई। बीडीओ ने अधिकारियों को वर्ष 2003 से 2015 तक के पुराने इंदिरा आवास अभिलेखों, पंजी और वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रधानमंत्री आवास योजना की नई स्वीकृत सूची को तलब कर विस्तृत मिलान करने का सख्त निर्देश दिया है।
जांच के केंद्र में बड़ा सवाल- पूर्व लाभुक को कैसे मिली पहली किस्त?
जांच के केंद्र में सबसे अहम सवाल यह है कि जब वार्ड संख्या नौ के वर्तमान वार्ड सदस्य आनंद मोहन उर्फ पिंकू ठाकुर और उनकी पत्नी लभली देवी के परिवार को पूर्व में ही इंदिरा आवास योजना का लाभ मिल चुका था, तो आवास सहायक की स्थलीय जांच और सत्यापन में यह तथ्य कैसे छिप गया?
इतना ही नहीं, पात्रता सूची में नाम जुड़ने के बाद लाभुक के खाते में 40 हजार रुपये की पहली किस्त भी डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दी गई। प्रशासन अब यह खंगाल रहा है कि यह गड़बड़ी केवल लाभुक के स्तर से गलत शपथ पत्र देने की वजह से हुई या फिर पंचायत प्रतिनिधियों व आवास कर्मियों की मिलीभगत से जानबूझकर सत्यापन में घोर लापरवाही बरती गई।
मुखिया ने आवास सहायक पर फोड़ा ठीकरा, वार्ड सदस्य ने नकारे आरोप
पूछताछ के दौरान वर्तमान मुखिया प्रताप नारायण चौधरी ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इतना पता था कि करीब 15 साल पहले मकान मरम्मत के लिए 20 हजार रुपये मिले थे, लेकिन नई योजना में लाभ किस आधार पर दिया गया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने पूरा ठीकरा आवास सहायक के सत्यापन पर फोड़ दिया। उधर, आरोपों के घेरे में आए वार्ड सदस्य पिंकू ठाकुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूर्व में कोई लाभ लेने से इनकार किया है।
जांच प्रभावित करने का बनाया जा रहा दबाव
मामले का भंडाफोड़ करने वाले पूर्व मुखिया तनिक पंडित ने दावा किया कि वर्ष 2016 में उन्होंने 2003 से 2015 तक के सभी लाभार्थियों की अधिकृत पंजी तैयार कराई थी, जिसमें पिंकू ठाकुर का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब से उन्होंने इस दोहरे लाभ के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, तब से उन पर शिकायत वापस लेने का चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है। जांच को दबाने और प्रभावित करने के लिए उच्चाधिकारियों तक पैरवी पहुंचाई जा रही है।
बीडीओ का बयान- दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
प्रखंड विकास पदाधिकारी श्वेता कुमारी ने दो टूक कहा कि सरकारी राशि के गबन और योजना के दुरुपयोग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुराने रिकॉर्ड और नई सूची का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। जांच में जो भी कर्मी, प्रतिनिधि या लाभुक दोषी पाए जाएंगे, उनसे न केवल राशि की रिकवरी कराई जाएगी, बल्कि उनके विरुद्ध विधि सम्मत सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
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