विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बाढ़ के बीच सम्राट सरकार का मेगा प्लान, मंत्री-सचिव 13 जिलों में करेंगे कैंप; पटना के तटबंधों पर खास नजर

Published: Sat, 05 Sep 2026 02:22 PM (IST)

बिहार में गंगा सहित कई नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ...और पढ़ें

HighLights

  1. गंगा सहित कई नदियों का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ गंभीर।

  2. सीएम ने 13 जिलों में मंत्रियों-सचिवों को कैंप करने को कहा।

  3. राहत-बचाव कार्यों की सीधी निगरानी पर जोर दिया गया।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंगा समेत सोन, पुनपुन, सरयू और कोसी नदियों के जलस्तर में लगातार उफान से निचले इलाकों में पानी फैल गया है।

कई जगह घरों, सड़कों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी और तेज करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा के तटवर्ती 13 जिलों में राहत-बचाव कार्यों की निगरानी के लिए प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिवों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि संबंधित प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और जरूरत के अनुसार वहीं कैंप कर राहत एवं बचाव कार्यों का गहन पर्यवेक्षण करेंगे।

Flood control

13 जिलों के लिए जारी किए गए निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार समेत गंगा तटवर्ती जिलों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।

अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रहने देने को कहा गया है।

सरकार का जोर इस बात पर है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, भोजन, पेयजल और आवश्यक सहायता समय पर पहुंचाई जाए। जलस्तर में वृद्धि के कारण संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर पर विशेष नजर

पटना शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। पटना शहरी सुरक्षा तटबंध के आसपास के इलाकों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

मुख्यमंत्री ने पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और तटबंधों एवं संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।

राहत-बचाव कार्यों की होगी सीधी निगरानी

बढ़ते जलस्तर के बीच प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिवों के जिलों में कैंप करने से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी सीधे उच्च स्तर से होगी। स्थानीय प्रशासन को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों में तेजी लाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

यह भी पढ़ें- गंगा के रौद्र रूप की आहट: जल संसाधन विभाग ने बिहार के सभी DM-SP को किया अलर्ट, भेजा चेतावनी संदेश