श्रवण कुमार के स्वागत में बिछे फूल! मां लालती के स्वस्थ होने पर 12 ज्योतिर्लिंगों की दौड़ पर निकला बिहार का 'चौहान'
Monu Raj Chauhan 12 Jyotirlinga Run : मोनू राज चौहान अपनी गंभीर रूप से बीमार मां के ठीक होने की ...और पढ़ें

Monu Raj Chauhan 12 Jyotirlinga Run : मां लालती देवी के जीवनदान की मन्नत पूरी करने के लिए 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन हेतु रोजाना 50 किमी दौड़ लगाता पटना का 19 वर्षीय युवा मोनू राज चौहान।
HighLights
मां की बीमारी ठीक होने पर 12 ज्योतिर्लिंगों की दौड़।
प्रतिदिन 50 किलोमीटर दौड़कर 8,000 किमी का सफर तय।
मोनू राज चौहान को लोग 'कलयुग का श्रवण कुमार' कह रहे।
डिजिटल डेस्क, भागलपुर। Monu Raj Chauhan 12 Jyotirlinga Run : जब माता-पिता के प्रति अगाध प्रेम और भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था एक साथ मिल जाए, तो इंसान असंभव से लगने वाले संकल्पों को भी अपने कदमों से नाप देता है। ऐसा ही एक अद्भुत, प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाला उदाहरण पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड से सामने आया है।
यहां के 19 वर्षीय युवा मोनू राज चौहान (Monu betaurabala balck panther) अपनी गंभीर रूप से बीमार मां के ठीक होने की मन्नत पूरी करने के लिए पूरे देश के 12 ज्योतिर्लिंगों की दौड़कर यात्रा कर रहे हैं। वे हर रोज औसतन करीब 50 किलोमीटर की दौड़ लगा रहे हैं।
इस पावन और कठिन यात्रा में उनके मामा के पुत्र आकाश और भांजा आयुष राज भी साए की तरह साथ रहकर उनका संबल बने हुए हैं। मोनू के इस कठिन तप और पारिवारिक समर्पण को देखकर सोशल मीडिया पर लोग उन्हें कलयुग का 'श्रवण कुमार' बता रहे हैं।
जब मां की सांसों पर आया संकट
पटना के फुलवारीशरीफ प्रखंड अंतर्गत चिलबिल्ली पंचायत के बेउर स्थित बेतौरा गांव निवासी महेश चौहान के 19 वर्षीय पुत्र मोनू राज चौहान का यह सफर एक कठिन पारिवारिक संघर्ष से शुरू हुआ था। कुछ समय पूर्व उनकी माता लालती देवी अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गई थीं। मां की बिगड़ती हालत और डॉक्टरों की चिंता देखकर मोनू पूरी तरह टूट गए थे।
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तो महादेव से मांगी थी मन्नत
उस विषम घड़ी में उन्होंने भगवान शिव के दरबार में हाथ जोड़कर प्रार्थना की और संकल्प लिया कि यदि उनकी मां सकुशल स्वस्थ हो जाती हैं, तो वे अपनी देह को तपाकर पूरे भारत के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए दौड़ते हुए जाएंगे। ईश्वर की कृपा और उचित इलाज से जब माता लालती देवी की सेहत में सुधार हुआ और वे पूरी तरह ठीक हो गईं, तो मोनू ने अपने वादे को पूरा करने के लिए जूते बांध लिए।
मामा के पुत्र आकाश और आयुष राज भी बने हमसफर
इस कठिन संकल्प यात्रा में मोनू अकेले नहीं हैं। पारिवारिक आत्मीयता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए उनके मामा के पुत्र आकाश और आयुष राज भी इस यात्रा में उनके साथ जुड़े हुए हैं।
दोनों ममेरे भाई पूरी यात्रा के दौरान मोनू के खान-पान, सुरक्षा, मार्ग समन्वय और प्राथमिक आवश्यकताओं की जिम्मेदारी संभालते हुए कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। भाइयों के इस निस्वार्थ सहयोग ने मोनू के हौसले को दोगुना कर दिया है।
15 मार्च से जारी है सफर
माता-पिता का आशीर्वाद लेकर मोनू राज चौहान ने 15 मार्च 2026 को अपने गांव बेतौरा से इस पावन दौड़ यात्रा का शंखनाद किया था। चिलचिलाती धूप, आंधी-पानी और शारीरिक थकावट को दरकिनार करते हुए मोनू प्रतिदिन करीब 50 किलोमीटर की दूरी दौड़कर तय करते आ रहे हैं।
अब तक 8,000 किमी की दौड़ पूरी
अपनी इस अटूट लगन के दम पर मोनू अब तक लगभग 8,000 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं और देश के 12 में से 5 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के पावन चरणों में मत्था टेककर पूजा-अर्चना कर चुके हैं। उनके चेहरे पर न तो थकान दिखती है और न ही हौसले में कोई कमी; केवल मां का चेहरा और महादेव का नाम ही उनकी ऊर्जा का स्रोत बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर छाया कलयुग का श्रवण कुमार
मोनू राज चौहान अपनी इस कठिन व पावन यात्रा का हर पड़ाव अपने इंस्टाग्राम हैंडल (@monu_betaurabala) पर वीडियो के जरिए साझा कर रहे हैं। सिर पर तिलक लगाए और पीले रंग की बनियान में सड़क पर निरंतर दौड़ते हुए उनके वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
लाखों नेटिजन्स उनकी इस असीम मातृभक्ति और अदम्य साहस को सलाम कर रहे हैं। लोग उनकी तुलना रामायण काल के मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार से कर रहे हैं। रास्ते में जहाँ-जहाँ से मोनू, आकाश और आयुष गुजरते हैं, स्थानीय लोग उनके स्वागत में खड़े हो जाते हैं और उनके इस महान संकल्प के सकुशल संपन्न होने की कामना कर रहे हैं।
