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नेपाल में तबाही के बाद उत्तरी बिहार में बाढ़ का अलर्ट! 6 से अधिक जिलों पर मंडराया खतरा

Updated: Wed, 02 Sep 2026 09:49 AM (IST)

नेपाल और तिब्बत में भारी बारिश तथा ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के कारण उत्तरी बिहार में बाढ़ का संकट गहरा गया है।

नेपाल में तबाही के बाद उत्तरी बिहार में बाढ़ का अलर्ट

नेपाल में तबाही के बाद उत्तरी बिहार में बाढ़ का अलर्ट

HighLights

  1. नेपाल में भारी बारिश और GLOF से उत्तरी बिहार में बाढ़।

  2. गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले गए, 1 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज।

  3. NDRF/SDRF टीमें तैनात, कई जिलों में हाई-अलर्ट जारी।

डिजिटल डेस्क, पटना। नेपाल और तिब्बत सीमा के पर्वतीय क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि एवं ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के बाद उत्तरी बिहार के सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। नेपाल की त्रिशूली, भोटेकोशी और नारायणी (भारत में गंडक) नदियों में आए अचानक उफान के कारण बिहार सरकार ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सुपौल, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित कई जिलों में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया है।

वाल्मीकिनगर बैराज के खोले गए सभी 36 गेट

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से भारी मात्रा में पानी आने की आशंका को देखते हुए पश्चिमी चंपारण स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 गेटों को एहतियातन खोल दिया गया है।

बैराज पर पानी का डिस्चार्ज 1 लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंच चुका है, जिसे नियंत्रित करने के लिए सिंचाई नहरों की आपूर्ति रोककर मुख्य नदी में पानी मोड़ा जा रहा है।

गंडक के तटीय और निचले इलाकों (जैसे बगहा और चकदहवा) में जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे किनारे बसे गांवों पर दबाव बढ़ गया है।

प्रभावित जिले और जमीनी हालात

पश्चिम एवं पूर्वी चंपारण: गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से थारू बहुल तराई इलाकों और दियारा क्षेत्र में पानी प्रवेश करने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीण एहतियातन सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर शरण ले रहे हैं।

गोपालगंज और सारण: गोपालगंज के चवाही तटबंध और निचले इलाकों में बचाव दल तैनात किए गए हैं। सारण जिले के संवेदनशील अंचलों में गश्त बढ़ा दी गई है और सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

सुपौल, सहरसा, मधेपुरा: नेपाल की पूर्वी नदियों में जलस्तर बढ़ने से कोसी नदी का प्रवाह भी तेज हुआ है, जिससे तटबंधों की सुरक्षा पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासनिक तैयारी और राहत-बचाव कार्य

आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य सरकार ने बाढ़ के किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बहुस्तरीय रणनीति लागू की है। बेतिया, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और वैशाली में NDRD और SDRF की कई टीमें तैनात की गई हैं। मोटरबोट्स और गोताखोरों की मदद से 24x7 निगरानी की जा रही है।

जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों और तकनीकी टीमों को चौबीसों घंटे तटबंधों और बैराज स्थलों पर गश्त करने का निर्देश दिया गया है।

स्थिति को देखते हुए राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया है। केंद्रीय एजेंसियों (CWC) के साथ नेपाल से आने वाले पानी के प्रवाह पर पल-पल की रिपोर्ट साझा की जा रही है।

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