रेपो रेट बढ़ने पर भी तुरंत महंगे नहीं होंगे होम-ऑटो लोन, त्योहारी सीजन तक बैंक जारी रख सकता है पुरानी दर को
आगामी 7 अक्टूबर को RBI द्वारा रेपो रेट में 0.25 आधार अंक की बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे बैंकों के ...और पढ़ें

रेपो रेट बढ़ने के बावजूद त्योहारी सीजन में तुरंत महंगे नहीं होंगे मकान और ऑटो लोन (AI फोटो)
HighLights
7 अक्टूबर को RBI रेपो रेट में 0.25 आधार अंक की वृद्धि संभव।
त्योहारी सीजन में बैंक लोन की ब्याज दरें तुरंत नहीं बढ़ाएंगे।
ब्याज दर बढ़ने से मकान और ऑटोमोबाइल बिक्री प्रभावित हो सकती है।
राजीव कुमार (जागरण ब्यूरो), नई दिल्ली| बढ़ती महंगाई को देखते हुए आगामी सात अक्टूबर को RBI की तरफ से रेपो रेट में 0.25 आधार अंक की बढ़ोतरी की संभावना जाहिर की जा रही है। ऐसा होने पर बैंकों को RBI से लोन लेने पर पहले के मुकाबले 0.25 आधार अंक अधिक ब्याज देना होगा और वे इसकी भरपाई ग्राहक से करेंगे। बैंक सभी प्रकार के लोन की दर बढ़ा देगा।
सूत्रों का कहना है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए बैंक अगले कुछ दिनों के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी को टाल सकता है ताकि त्योहारी सीजन में मकान और ऑटोमोबाइल्स की बिक्री पर असर नहीं हो। नवरात्र से लेकर दिवाली तक मकान और कार की काफी अधिक खरीदारी होती है और 70 प्रतिशत से अधिक खरीदारी लोन की मदद से की जाती है।
नियम के मुताबिक RBI की तरफ से रेपो रेट में बदलाव के बाद सभी बैंक अपनी-अपनी ब्याज दरों में बदलाव के लिए सर्कुलर जारी करते हैं कि किस तारीख से नई ब्याज दर लागू होगी। अमूमन इस काम में एक सप्ताह से लेकर 15 दिन तक का समय लग जाता है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में नवरात्र शुरू हो रहा है और इस अवधि में बढ़ी हुई ब्याज दर को लागू करने पर खरीदार नई खरीदारी से पीछे हट सकते है।
आईजी ग्रुप के प्रबंध निदेशक ललित परिहार ने बताया कि मकान के दाम पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ गए हैं, लेकिन ब्याज दर कम होने से मकान की मांग निकल रही थी। ऐसे में ब्याज दर में स्थिरता जरूरी है। ग्राहक पहले ही मकान की कीमत को लेकर सोच-समझ कर फैसला ले रहा है और ब्याज दर बढ़ने पर रियल एस्टेट सेक्टर प्रभावित होगा।
कार डीलरों ने बताया कि नवरात्र में गाड़ियों की डिलिवरी लेने के लिए पहले से बुकिंग हो चुकी है। ब्याज दर 0.25 आधार अंक बढ़ने पर छोटी गाड़ियों के लोन की मासिक ब्याज राशि में खास अंतर नहीं आएगा, लेकिन बड़ी गाड़ियों के खरीदार को बढ़ी हुई राशि की चुभन महसूस हो सकती है। ब्याज दर बढ़ने पर फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लेने वाले खरीदार की किस्त की राशि बढ़ जाएगी या फिर लोन की अवधि।
