ये हैं भारत के 5 सबसे अमीर जैन, नंबर 1 पर गौतम अदाणी, लिस्ट में बाकी चार और कौन?
भारत के बड़े कारोबारी क्षेत्रों में जैन समुदाय की मजबूत उपस्थिति है। गौतम अदाणी, दिलीप सांघवी, सत्यनारायण नुवाल, विवेक कुमार ...और पढ़ें
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भारत के 5 सबसे अमीर जैन
HighLights
गौतम अदाणी: अदाणी ग्रुप के संस्थापक
दिलीप सांघवी: सन फार्मास्युटिकल्स के संस्थापक
सत्यनारायण नुवाल: सोलर इंडस्ट्रीज के फाउंडर
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। इस समय जैन धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण महापर्व पर्युषण पर्व चल रहा है, जो आत्म-शुद्धि, संयम और क्षमा का संदेश देता है। बात बिजनेस की करें तो भारत के बड़े कारोबारियों में जैन समुदाय की मौजूदगी काफी मजबूत रही है। ट्रेड, फार्मास्यूटिकल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, केमिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में कई जैन उद्यमियों ने बड़े कारोबारी एम्पायर खड़े किए हैं।
2025 की अमीर भारतीयों की लिस्ट और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर गौतम अदाणी, दिलीप सांघवी, विवेक कुमार जैन, सत्यनारायण नुवाल और दानी परिवार प्रमुख तौर अमीर जैन लोगों में दिखाई देते हैं। हालांकि, अलग-अलग सोर्सेज में किसी व्यक्ति की जैन पहचान और नेटवर्थ के आधार पर अंतर हो सकता है।
गौतम अदाणी - अदाणी ग्रुप
गौतम अदाणी भारत के सबसे बड़े कारोबारी ग्रुपों में से एक, अदाणी ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन हैं। 1962 में अहमदाबाद के एक जैन परिवार में जन्म अदाणी ने युवावस्था में मुंबई जाकर हीरा ट्रेड में काम शुरू किया और बाद में कमोडिटी ट्रेडिंग से अपना कारोबार शुरू किया।
इसके बाद अदाणी ग्रुप ने बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, एयरपोर्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सेक्टर्स में विस्तार किया। इस समय उनकी नेटवर्थ 7.67 लाख करोड़ रुपये है।
दिलीप सांघवी - सन फार्मास्युटिकल्स
दिलीप सांघवी भारत के सबसे बड़े फार्मा उद्यमी माने जाते हैं और उनका संबंध एक गुजराती जैन परिवार से है। उन्होंने 1983 में अपने पिता से उधार लिए और उस पैसे से सन फार्मास्युटिकल्स की शुरुआत की। कंपनी ने शुरुआत में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दवाओं पर ध्यान दिया और बाद में अलग-अलग कंपनियों की खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के जरिए ग्लोबल फार्मा कंपनी बन गई।
2015 में सन फार्मा ने लगभग $4 अरब में रैनबैक्सी को खरीदा, जो भारतीय फार्मा उद्योग के बड़ी डील्स में से एक थी। Forbes के अनुसार इस समय दिलीप सांघवी की नेटवर्थ करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये है।
सत्यनारायण नुवाल - सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया
सत्यनारायण नुवाल ने इंडस्ट्रियल विस्फोटकों के कारोबार से शुरुआत करके सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया को एक बड़े कारोबारी ग्रुप में तब्दील किया। उनका शुरुआती जीवन संघर्षपूर्ण रहा और उन्हें स्टेशन तक पर सोना पड़ा। दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी।
बाद में उन्होंने विस्फोटक और औद्योगिक उत्पादों के कारोबार में कदम रखा और सोलर इंडस्ट्रीज को भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार किया। कंपनी आज खनन, इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्र के लिए इस्तेमाल होने वाले औद्योगिक एवं विस्फोटक उत्पादों से जुड़ी है। उनकी नेटवर्थ 73800 करोड़ रुपये है।
विवेक कुमार जैन - गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स
विवेक कुमार जैन गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स के फाउंडर हैं। गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स की शुरुआत से ही वे इसके मैनेजिंग डायरेक्टर रहे हैं और उनके पास तीन दशकों से अधिक का कारोबारी एक्सपीरियंस है। उनका कारोबार फ्लोरोकेमिकल्स, स्पेशल केमिकल्स और इससे जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उनके परिवार के कई सदस्य प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा हैं। फोर्ब्स के अनुसार इस समय उनकी नेटवर्थ 36421 करोड़ रुपये है।
दानी परिवार - एशियन पेंट्स
एशियन पेंट्स का ओनर दानी परिवार भी भारत के अमीर जैन कारोबारी परिवारों में है। अश्विन सूर्यकांत दानी का जन्म मुंबई के एक जैन परिवार में हुआ था और उनके पिता सूर्यकांत दानी एशियन पेंट्स के को-फाउंडर्स में शामिल थे।
अश्विन दानी ने कंपनी के टेक्निकल डेवलपमेंट और वैश्विक विस्तार में अहम भूमिका निभाई और लंबे समय तक उसके नेतृत्व से जुड़े रहे। उनके बाद उनके बेटे मालव दानी ने कमान संभाली। इस परिवार की नेटवर्थ करीब 54600 करोड़ रुपये है।
