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अनिल अग्रवाल की Vedanta Aluminium ने फिर किया धमाका, IIT Delhi के साथ मिलकर बना दिए दो नए एडवांस मेटल

Updated: Thu, 20 Aug 2026 06:02 PM (IST)

Vedanta Aluminium ने IIT दिल्ली के सहयोग से ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए दो नए उन्नत धातु उत्पाद लॉन्च किए हैं। इनमें कॉपर-डोप्ड अलॉय और वेदांता फाउंड्री अलॉय शामिल हैं, जो वाहनों को अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाएंगे।

वेदांता एल्युमीनियम ने IIT दिल्ली के साथ नए धातु लॉन्च किए।

वेदांता एल्युमीनियम ने IIT दिल्ली के साथ नए धातु लॉन्च किए।

HighLights

  1. वेदांता एल्युमीनियम ने IIT दिल्ली के साथ नए धातु लॉन्च किए।

  2. कॉपर-डोप्ड और वेदांता फाउंड्री अलॉय ऑटोमोबाइल हेतु।

  3. उत्पाद 'मेक इन इंडिया' और हल्केपन पर केंद्रित।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। वेदांता डीमर्जर के तहत अलग होकर शेयर बाजार में लिस्ट हुई अनिल अग्रवाल की वेदांता एल्युमीनियम से एक बड़ी खबर आई है। कंपनी ने एक बार फिर से ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। दरअसल, कंपनी ने दो नए एडवांस मेटल लॉन्च किए हैं। कंपनी ने यह कारनामा IIT दिल्ली के साथ मिलकर किया।

एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार भारत की अग्रणी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमिनियम (Vedanta Aluminium) ने ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए अपनी 'प्राइमरी फाउंड्री अलॉय' (PFA) रेंज के तहत दो नए उन्नत उत्पाद लॉन्च किए हैं। इन उत्पादों की लॉन्चिंग कंपनी के विशेष कॉन्क्लेव 'AutoEdge 2026' के दूसरे सीजन में की गई।

वेदांता एल्युमीनियम ने लॉन्च किए 2 नए एडवांस मेटल

अनिल अग्रवाल की वेदांता एल्युमीनियम ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि उसने अपनी सबसे ज्यादा बिकने वाली 'प्राइमरी फाउंड्री अलॉय' (PFA) रेंज के तहत दो नए और एडवांस्ड प्रोडक्ट लॉन्च करके अपने ऑटोमोटिव सॉल्यूशंस पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। इनमें 'कॉपर-डोप्ड अलॉय' शामिल है, जिसे हाई-परफॉर्मेंस ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए बनाया गया है, और 'वेदांता फाउंड्री अलॉय' (VFA) है, जो ज्यादा मजबूती और टिकाऊपन देने वाला एक वर्सटाइल मटीरियल है और इसे IIT दिल्ली के सहयोग से विकसित किया गया है।

कॉपर-डोप्ड अलॉय (Copper-Doped Alloy) को विशेष रूप से हाई-परफॉर्मेंस ऑटोमोटिव एप्लिकेशन के लिए बनाया गया है। तांबे (Copper) के गुणों के कारण यह इंजन, ट्रांसमिशन और पावरट्रेन जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों के लिए अधिक टिकाऊ और मजबूत साबित होगा।

वेदांता फाउंड्री अलॉय (VFA) को IIT दिल्ली के सहयोग से विकसित किया गया है। यह एक वर्सटाइल मटेरियल है जो गाड़ियों के स्थायित्व (durability) को बढ़ाता है। यह पारंपरिक और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) दोनों के लिए उपयुक्त है।

लॉन्च के अवसर पर वेदांता एल्युमिनियम के CEO राजेश कुमार ने कहा, "भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से बदल रहा है और अब हल्के व मजबूत मटेरियल की मांग बढ़ रही है। हमारे ये नए उत्पाद 'मेक इन इंडिया' के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। हम भारत को वैश्विक ऑटो विनिर्माण हब बनाने के लक्ष्य में योगदान दे रहे हैं।"

वेदांता एल्युमिनियम कर रही है प्लांट क्षमता में विस्तार

अनिल अग्रवाल की वेदांता एल्युमिनियम ने अपने प्रेस रिलीज में बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्थित BALCO प्लांट में क्षमता बढ़ाने का काम पूरा होने के बाद, वेदांता एल्युमीनियम 1.25 मिलियन टन सालाना (MTPA) की क्षमता के साथ दुनिया का सबसे बड़ा प्राइमरी बिलेट उत्पादक बनने की राह पर है।

कंपनी भारत की सबसे बड़ी PFA उत्पादक भी है, जिसकी मौजूदा क्षमता 380 किलो टन सालाना (KTPA) है। इसके ऑटोमोटिव पोर्टफोलियो में PFA प्रोडक्ट्स शामिल हैं जिनका इस्तेमाल अलॉय व्हील्स, सिलेंडर हेड्स, इंजन के पार्ट्स और अन्य ऑटोमोटिव कास्टिंग में होता है।

साथ ही, इसमें HVAC और क्रैश-रेसिस्टेंट इंजीनियरिंग कामों के लिए खास बिलेट्स भी शामिल हैं। इसके अलावा, भारत और दुनिया भर में अच्छी क्वालिटी वाले और सस्टेनेबल तरीके से बने एल्युमीनियम की बढ़ती मांग को देखते हुए, कंपनी अपने पोर्टफोलियो में वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 90% कर रही है।

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