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GST Council बैठक में सोने-चांदी पर होगा बड़ा फैसला? पीएम मोदी ज्वेलरी न खरीदने वाली की अपील के बाद काउंसिल की बड़ी तैयारी

Published: Mon, 05 Oct 2026 09:21 PM (IST)

GST काउंसिल की 7 अक्टूबर को होने वाली बैठक में सोने, चांदी और प्लेटिनम के आयात पर बैंकों व नामित ...और पढ़ें

सोने चांदी और कीमती धातु पर हो सकता है बड़ा फैसला

सोने चांदी और कीमती धातु पर हो सकता है बड़ा फैसला

HighLights

  1. 7 अक्टूबर को GST काउंसिल की 57वीं बैठक में अहम चर्चा।

  2. सोने, चांदी, प्लेटिनम आयात पर बैंकों की कर छूट समाप्त संभव।

  3. विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने हेतु यह बड़ा कदम।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| 7 अक्टूबर को होने वाली GST Council की बैठक से पहले कई तरह के बदलावों के कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा है कि सोना, चांदी और प्लेटिनम के इंपोर्ट पर बैंकों और सरकार की ओर से नामित एजेंसियों को मिलने वाली कर छूट को खत्म किया जा सकता है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल 57वीं बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। फिलहाल इन कीमती धातुओं के इंपोर्ट पर सामान्य तौर पर 3 फीसदी Integrated जीएसटी लगता है। लेकिन बैंकों और नामित एजेंसियों को इससे छूट मिली हुई है।

क्यों बन रहा छूट वापिस लेने का विचार?

सबसे बड़ा सवाल ये है कि इन मेटल्स के इंपोर्ट में मिलने वाली छूट को क्यों खत्म किया जा रहा है? मीडिया सूत्रों के मुताबिक, यह छूट 2017 में कारोबार को आसान बनाने के लिए दी गई थी। उस समय इन धातुओं का इंपोर्ट सीमित ऑथराइज्ड माध्यमों से होता था। अब छूट वापस लेने से कीमती धातुओं के एक्सचेंज, बैंकों और नामित एजेंसियों पर टैक्स के लिहाज से समान व्यवस्था लागू हो सकेगी। केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली GST काउंसिल इस बदलाव पर विचार कर सकती है।

विदेशी मुद्रा भंडार बना चिंता की वजह

आप सब जानते हैं कि सोना, चांदी और दूसरी हाई वैल्यू वाली धातुओं को आयात करने में बहुत अधिक विदेशी मुद्रा खर्च होती है। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है। देश में सोने के आयात की बड़ी वजह ज्वेलरी इंडस्ट्री की बढ़ती मांग को बताया जा रहा है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध के बाद आयात बिल बढ़ने से रुपये पर भी दबाव आया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से सोने की खरीदी कम करने या न करने की भी अपील कर चुके हैं।

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सरकार बढ़ा चुकी है इंपोर्ट ड्यूटी

सरकार धातुओं के अलावा अन्य ने गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाने के लिए लगातार काम कर रही है। मई में सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। इसी तरह प्लेटिनम पर भी ड्यूटी 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 15.4 फीसदी किया गया था। अब बैंकों और डेजिगिनेटेड एजेंसियों को मिली एकीकृत जीएसटी की छूट वापस लेने पर विचार हो सकता है। बता दें कि यह आयात शुल्क से अलग लगने वाला टैक्स है।