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चीनी के बाद प्याज के चढ़े तेवर! 45 फीसदी उछले दाम; सरकार की 'कांदा एक्सप्रेस' से लगेगी कीमतों पर लगाम?

Updated: Mon, 24 Aug 2026 09:59 AM (GMT+05:30)

देश भर में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार अपना बफर स्टॉक बाजार में उतारेगी और सोमवार से 'कांदा एक्सप्रेस' चलाएगी। औसत कीमत ₹42 प्रति किलो तक पहुंच गई है, जिसके चलते दिल्ली, चेन्नई जैसे शहरों में खुदरा दाम काफी बढ़ गए हैं।

प्याज की कीमत फिर उछली (AI फोटो)

प्याज की कीमत फिर उछली (AI फोटो)

HighLights

  1. सरकार प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने को तैयार

  2. सोमवार से नासिक से चलेगी 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेनें

  3. बफर स्टॉक जारी कर कीमतों को नियंत्रित किया जाएगा

नई दिल्ली। देश भर में अलग-अलग जगह चीनी की कीमतों में उछाल के बीच अब प्याज के दामों में भी जोरदार बढ़त हुई है। इसीलिए अलग-अलग क्षेत्रों में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार अपना बफर स्टॉक बाजार में उतारना शुरू करेगी। शनिवार को प्याज की औसत कीमत 42 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, जो पिछले साल से 45% और पिछले महीने से 19% अधिक है। इसलिए, केंद्र सरकार सोमवार से नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए 'कांदा एक्सप्रेस' (प्याज ढोने वाली ट्रेनें) चलाएगी, क्योंकि इन जगहों पर कीमतें राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हैं।

कितना पहुंचा खुदरा दाम?

कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट के डेटा के मुताबिक, दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 65 रुपये प्रति किलो रही, जबकि एक साल पहले यह 35 रुपये थी। चेन्नई में प्याज 58 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि पिछले साल यह 33 रुपये था।
केरल और असम के कुछ हिस्सों में भी प्याज की कीमतें चढ़ गईं हैं।

चीनी का दाम कितना?

चीनी की खुदरा कीमतें भी बढ़ रही हैं। शनिवार को यह 62.5 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, जबकि एक महीने पहले यह 46 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली और मुंबई में चीनी की रिटेल कीमतें क्रमशः 65 रुपये और 69 रुपये प्रति किलो थीं।

प्याज के लिए सरकार का प्लान

प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार के दखल पर अधिकारियों ने कहा कि इसे कम कीमत पर और सोच-समझकर बेचा जाएगा, क्योंकि हो सकता है कि व्यापारी जानबूझकर कीमतें बढ़ा रहे हों। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में मांग पूरी करने के लिए सरकार और किसानों, दोनों के पास काफी स्टॉक है।
पिछली बार सरकार ने बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए अक्टूबर 2024 में नासिक से दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों के लिए 'कांदा एक्सप्रेस' चलाई थी।

क्या कह रहे हैं बाजार के जानकार?

बाजार जानकारों के अनुसार महाराष्ट्र (जो राज्यों में प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक है) में खरीफ प्याज के उत्पादन में 5% से 7% की गिरावट की खबरों से कीमतें बढ़ी हैं। किसानों की सहकारी संस्था NAFED और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फ़ेडरेशन (NCCF) ने चालू वित्त वर्ष के लिए बफर के तौर पर लगभग 1.2 लाख टन प्याज खरीदा है।
इससे पहले मई में, इन एजेंसियों ने प्याज की खरीद कीमत 1,270 रुपये प्रति क्विंटल तय की थी, लेकिन खरीद की रफ्तार बढ़ाने के लिए पिछले हफ्ते इसे बढ़ाकर 2,645 रुपये कर दिया। कृषि मंत्रालय के दूसरे शुरुआती अनुमान के अनुसार, 2025-26 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में प्याज का उत्पादन 307 लाख टन रहने का अनुमान है, जो 2024-25 फसल वर्ष के उत्पादन के बराबर ही है।

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