अब चावल भी होगा महंगा? निर्यात कीमत एक साल के हाई लेवल पर! बांग्लादेश की सख्ती, वियतमान-थाईलैंड ने भी बढ़ाए दाम
भारत में चावल की निर्यात कीमतें एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं, जिसका मुख्य कारण सामान्य से ...और पढ़ें

भारतीय चावल का निर्यात मूल्य साल के हाई लेवल पर
HighLights
भारत में चावल की निर्यात कीमतें एक साल के उच्चतम स्तर पर।
कम बारिश और आपूर्ति की कमी से कीमतें बढ़ीं।
बांग्लादेश ने सुगंधित चावल निर्यात कोटा आधा किया।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत के घरेलू बाजारों में इन दिनों रसोई की प्रमुख चीजों के दाम तेजी से बढ़े हैं। अगस्त महीने में प्याज और शक्कर की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ता पर दबाव बढ़ाया है, जो खुदरा बाजारों में अभी भी जारी है। घरेलू बाजारों के बाद अब ग्लोबल मार्केट में भी महंगाई का असर देखने को मिल रहा है। इस साल सामान्य से कम बारिश के कारण गर्मी के मौसम में बोई जाने वाली फसल के उत्पादन को लेकर बढ़ती चिंताओं और सप्लाई में कमी के चलते इस हफ्ते भारत में चावल की निर्यात कीमतों में तेजी जारी रही और वे एक साल के उच्च स्तर पर पहुंच गईं।
एक ग्लोबल ट्रेडिंग हाउस से जुड़े कोलकाता के एक डीलर ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि बारिश की कमी बढ़ने के साथ फसल उत्पादन के अनुमान घटाए जा रहे हैं, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि अगस्त में वर्षा सामान्य से 16% कम रही और सितंबर में भी देश में सामान्य से कम मानसून बारिश होने की संभावना है।
कितना है भारतीय चावल का दाम?
भारत के 5% टूटे हुए पारबॉयल्ड चावल का भाव इस सप्ताह 371-377 डॉलर प्रति टन रहा, जो पिछले सप्ताह 369-375 डॉलर प्रति टन था। वहीं 5% टूटे हुए सफेद चावल का एक्सपोर्ट मूल्य 368-373 डॉलर प्रति टन रहा।
दूसरी ओर, वियतनाम के 5% टूटे हुए चावल का भाव गुरुवार को 440-445 डॉलर प्रति टन रहा, जो पिछले हफ्ते के बराबर ही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हो ची मिन्ह सिटी के एक व्यापारी ने कहा कि घरेलू आपूर्ति घट रही है क्योंकि ग्रीष्म-शरदकालीन फसल की कटाई एक सप्ताह में समाप्त हो जाएगी, लेकिन मांग भी कम हो रही है। व्यापारी ने आगे बताया कि फिलीपींस अपने चावल आयात को बढ़ा रहा है, लेकिन वह वियतनाम के बजाय अन्य आपूर्तिकर्ताओं से खरीदारी कर रहा है।
बांग्लादेश ने की चावल को लेकर सख्ती
वियतनाम फूड एसोसिएशन के हवाले से सरकारी मीडिया ने बताया कि इस साल वियतनाम का चावल निर्यात 77.4 लाख टन रहने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश ने घरेलू कीमतों में तेजी और आगे बढ़ोतरी के रिस्क को देखते हुए व्यापारियों के लिए पहले अप्रूव्ड सुगंधित चावल के निर्यात कोटे को आधा कर दिया है। सरकार ने पहले 45,270 टन सुगंधित चावल के निर्यात को मंजूरी दी थी, लेकिन 30 अगस्त तक केवल 2,419 टन का ही निर्यात हो पाया था। संशोधित नियमों के तहत न्यूनतम निर्यात मूल्य 1.60 डॉलर प्रति किलोग्राम तय किया गया है। साथ ही सीमा शुल्क गुणवत्ता जांच और निर्यात से होने वाली इनकम को देश में वापस लाना भी अनिवार्य किया गया है।
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इस बीच भारत और वियतनाम के अलावा प्रमुख चावल उत्पादक और निर्यातक थाईलैंड ने भी दाम बढ़ाए हैं। थाईलैंड के 5 प्रतिशत टूटे हुए चावल का भाव पिछले सप्ताह के 483-485 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 488 डॉलर प्रति टन हो गया। बैंकॉक स्थित एक व्यापारी ने कहा, “कीमतें इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि बाजार को उम्मीद है कि उत्पादन लगातार कम बना रहेगा।”
