₹500 सस्ती हुई चीनी फिर भी आम ग्राहक को राहत नहीं! घटने के बजाय और बढ़ी खुदरा कीमत; सप्लाई और स्टॉक पर खाद्य सचिव की दो टूक
थोक बाजार में चीनी की कीमतों में ₹500 प्रति क्विंटल की गिरावट के बावजूद, खुदरा दरें ₹60-₹70 प्रति किलो तक बढ़ गईं, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं। खाद्य ...और पढ़ें

चीनी की खुदरा कीमतें फिर बढ़ीं
HighLights
थोक में चीनी ₹500 सस्ती, खुदरा में बढ़ी कीमतें।
खाद्य सचिव ने जमाखोरी, मुनाफाखोरी को बताया कारण।
त्योहारों के लिए पर्याप्त स्टॉक, सरकार की सख्ती।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| इन दिनों चीनी की कीमतें आम उपभोक्ता के रसोई का बजट बिगाड़ने से लेकर सत्ता के गलियारे तक हलचल पैदा कर रही हैं। देश के अधिकांश बाजारों में चीनी की कीमत ₹60-₹70 प्रति किलो तक पहुंच गई है। हालांकि सरकार की ओर से कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। शनिवार को निविदाओं (Tender) के माध्यम से मिलों द्वारा बेची जाने वाली चीनी की कीमतों में ₹500 प्रति क्विंटल की गिरावट आई, लेकिन खुदरा दरें ₹60.26 प्रति किलोग्राम के एक और उच्च स्तर पर पहुंच गईं।
मिलों में कितनी है चीनी की कीमत?
रिपोर्ट के मुताबिक व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के सोलापुर में लोकनेते बाबूराव पाटिल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने "एस-30" ग्रेड की चीनी ₹5,850 प्रति क्विंटल के भाव से बेची है। मीडिया के इंडस्ट्री सूत्र ने बताया कि कंपनी ने 70 टन चीनी की बिक्री की है। इसके अलावा, जो भी अन्य खरीदारों ने चीनी खरीदने की इच्छा जताई है, उन्हें मिल ने उसे इसी भाव से चीनी उपलब्ध कराई है।
थोक में ₹500 की गिरावट, खुदरा महंगाई बढ़ी
चीनी की लगातार तेज बढ़ोतरी के बीच दामों में गिरावट भी देखी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीते शुक्रवार को एक अन्य टेंडर में, "एस-30" ग्रेड के दाम ₹6,600 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर ₹6,100 प्रति क्विंटल हो गए, जबकि "एम-30" ग्रेड के दाम ₹6,725 से गिरकर ₹6,225 प्रति क्विंटल हो गए। हालांकि, उपभोक्ता मामलों के विभाग के मूल्य निगरानी प्रभाग के आंकड़ों के अनुसार, चीनी की खुदरा कीमतों में शनिवार को ₹2 प्रति किलोग्राम से अधिक की वृद्धि हुई जबकि शुक्रवार को यह ₹58.23 प्रति किलोग्राम थी।
जमाखोरी के चलते बढ़ी कीमत, चीनी की कमी नहीं
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने मीडिया को बताया कि चीनी की कीमतों में मौजूदा समय में बढ़ोतरी बाजार की बुनियादी बातों से प्रेरित नहीं है। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर चीनी की उपलब्धता और भंडार पर्याप्त है। चीनी की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी को अनुचित बताते हुए उन्होंने कहा कि मिल से चीनी की कीमतें कुछ ही समय में ₹48 से बढ़कर ₹62 प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जो अस्वीकार्य है। ये सट्टेबाजी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के कारण कृत्रिम रूप से उत्पन्न हुई है।
त्योहारों में नहीं होगी कमी
खाद्य सचिव के मुताबिक सीजन का अंतिम स्टॉक 33-35 लाख टन रहेगा, जबकि 15 अक्टूबर के आसपास समय से पहले शुरू होने वाली पेराई से 10-12 लाख टन की बढ़ोतरी से स्टॉक और अधिक मजबूत होगा, जिससे त्योहारी मौसम की मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।
जमाखोरी के खिलाफ सरकार की सख्ती
घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने चीनी के स्टॉक की जांच में सख्ती बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो केंद्र सरकार की 10 टीमें विभिन्न राज्यों का दौरा कर चीनी के स्टॉक का फिजिकल वेरिफिकेश करेंगी और संभावित जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी की जांच करेंगी।
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राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे सरकार के बनाए स्टॉक लिमिट के अनुसार कार्रवाई तेज करें और चीनी की जमाखोरी या अधिक मुनाफा कमाने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
