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    25-30 की उम्र में क्यों Health Insurance लेना चाहिए? जवानी में पॉलिसी खरीदने के हैं ये 5 बड़े फायदे

    By Jagran BusinessEdited By: Ashish Kushwaha
    Updated: Sat, 01 Aug 2026 10:53 PM (IST)

    आजकल की जीवनशैली में कम उम्र में ही बीमारियां घेर रही हैं, और अस्पताल का खर्च भी बढ़ गया है। इसलिए कम उम्र में स्वास्थ्य बीमा लेना फायदेमंद है, जिससे ...और पढ़ें

    जितनी कम उम्र, उतना ज्यादा फायदा! हेल्थ इंश्योरेंस में 'वेटिंग पीरियड' और 'नो-क्लेम बोनस' का ये नियम जरूर जानें

    जितनी कम उम्र, उतना ज्यादा फायदा! हेल्थ इंश्योरेंस में 'वेटिंग पीरियड' और 'नो-क्लेम बोनस' का ये नियम जरूर जानें

    HighLights

    1. कम उम्र में कम प्रीमियम पर बड़ा कवर मिलता है।

    2. वेटिंग पीरियड स्वस्थ रहते हुए ही पूरा हो जाता है।

    3. अचानक खर्चों से बचत और परिवार का भविष्य सुरक्षित।

    नई दिल्ली। आजकल की लाइफस्टाइल ने बीमारियों का गणित बदल दिया है। जो बीमारियां पहले 50-60 वर्ष की उम्र में होती थीं, वे अब 25-30 साल के युवाओं को अपनी चपेट में ले रही हैं। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती होने भी काफी महंगा हो गया है। ऐसे में जल्द से जल्द स्वास्थ्य बीमा लेना काफी फायदेमंद है। विशेषज्ञों का मानना है कि जितनी कम उम्र स्वास्थ्य बीमा ले लिया जाता है, उसके उतने ही फायदे होते हैं। मनोज कुमार बता रहे हैं कम उम्र में स्वास्थ्य बीमा लेने के फायदे...

    कम उम्र मतलब कम प्रीमियम

    स्वास्थ्य बीमा की दुनिया का एक सीधा सा नियम है: जितनी कम उम्र, उतना कम प्रीमियम। जब आप 20 या 25 की उम्र में पालिसी लेते हैं, तो बीमा कंपनी आपको 'कम जोखिम' वाली श्रेणी में रखती है। आप स्वस्थ होते हैं, बीमार होने की संभावना कम होती है, इसलिए आपको बहुत कम खर्च में एक बड़ा कवर मिल जाता है। इसके विपरीत, अगर आप 40 की उम्र के बाद बीमा लेते हैं, तो प्रीमियम की राशि काफी बढ़ जाती है। इतना ही नहीं, अगर आपको पहले से कोई बीमारी (जैसे डायबिटीज या बीपी) है, तो कंपनियां आपसे 'लोडिंग चार्ज' के नाम पर अतिरिक्त पैसा वसूलती हैं। यानी, देरी करने का मतलब है ज्यादा पैसा और कम फायदे।

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    वेटिंग पीरियड स्वास्थ्य बीमा में सबसे पेचीदा चीज होती है वेटिंग पीरियड। ज्यादातर पालिसियों में पहले से मौजूद बीमारियों के लिए 2 से 4 साल का वेटिंग पीरियड होता है। अगर आप फिट रहते हुए पालिसी लेते हैं, तो आपका वेटिंग पीरियड आपके स्वस्थ दिनों में ही कट जाता है। जब आपको भविष्य में वाकई इलाज की जरूरत पड़ती है, तब आपकी पालिसी पूरी तरह 'मैच्योर' हो चुकी होती है और आपको एक रुपया भी अपनी जेब से नहीं देना पड़ता। इसके विपरीत अगर आप तब बीमा लेते हैं जब बीमारी दस्तक दे चुकी हो, तो आपको कवर के लिए 3 साल इंतजार करना पड़ सकता है। सोचिए, बीमारी आज है और बीमा 3 साल बाद काम आएगा। ऐसी स्थिति में बीमा का क्या फायदा होगा।

    परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव

    बीमा होने का सबसे बड़ा मानसिक फायदा यह है कि आप अपनी सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो जाते हैं। जब आपको पता होता है कि आपके पास कवर है, तो आप छोटी बीमारियों को नजरअंदाज नहीं करते और समय रहते जांच करवाते हैं। यह व्यवहार आपको बड़ी बीमारियों से बचाता है। बढ़ती महंगाई और अनिश्चित जीवनशैली के इस दौर में स्वास्थ्य बीमा को टालना, अपनी मेहनत की कमाई को जोखिम में डालना है। जल्दी शुरुआत करना सिर्फ समझदारी नहीं, बल्कि आपके परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव है। बीमा तब खरीदा जाना चाहिए जब आपको उसकी जरूरत न हो, क्योंकि जब जरूरत पड़ती है, तब शायद आपको वह मनचाही शर्तों पर न मिले।

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    अचानक खर्च से बचत

    स्वास्थ्य बीमा को अब एक खर्च की तरह नहीं, बल्कि एक वित्तीय संपत्ति की तरह देखा जाना चाहिए। यह आपको अचानक आने वाले लाखों रुपये के खर्च से बचाता है, जिससे आपकी सालों की जमा-पूंजी सुरक्षित रहती है। स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को जीएसटी के दायरे से बाहर रखकर सरकार ने इसे मध्यम वर्ग के लिए और आसान बना दिया है।

    अन्य लाभ

    आज स्वास्थ्य बीमा अस्पताल में इलाज और दवाइयों तक सीमित नहीं है। अगर आप इसे लंबे समय तक बनाए रखते हैं, तो आपको कई अन्य लाभ भी मिलते हैं।

    नो-क्लेम बोनस: अगर आप साल भर क्लेम नहीं लेते तो अगले साल आपका कवर बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के बढ़ जाता है।
    फ्री हेल्थ चेक-अप: कई कंपनियां हर साल फ्री बाडी चेक-अप की सुविधा देती हैं।
    वेलनेस रिवार्ड्स: फिट रहने, रोज टहलने या जिम जाने पर भी अब कंपनियां प्रीमियम में छूट या रिवार्ड प्वाइंट्स देती हैं।