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Parag Parikh Flexi Cap Fund के निवेशकों को झटका! BER में बढ़ोतरी से जेब पर पड़ेगा कितना असर?

Updated: Fri, 21 Aug 2026 12:28 PM (IST)

Best Mutual Fund: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड के बेस एक्सपेंस रेशियो (BER) में 25 अगस्त 2026 से 0.01% की बढ़ोतरी होगी, जो डायरेक्ट और रेगुलर दोनों प्लान्स पर लागू होगी। इस बदलाव से निवेशकों पर सालाना ₹1 लाख के निवेश पर लगभग ₹10 का मामूली अतिरिक्त भार पड़ेगा।

Parag Parikh Flexi Cap Fund के निवेशकों को झटका! BER में बढ़ोतरी से जेब पर पड़ेगा कितना असर?

Parag Parikh Flexi Cap Fund के निवेशकों को झटका! BER में बढ़ोतरी से जेब पर पड़ेगा कितना असर?

HighLights

  1. पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड का BER बढ़ेगा।

  2. 25 अगस्त 2026 से नई दरें लागू होंगी।

  3. निवेशकों पर मामूली वित्तीय असर पड़ेगा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपने भी देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड में निवेश किया है तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल फंड हाउस अपनी एक स्कीम के बेस एक्सपेंस रेशियो (Base Expense Ratio) में बदलाव करने वाला है, जिसकी नई दरें 25 अगस्त 2026 से लागू होंगी। आइए जानते हैं कि क्या होंगी नई दरें और इनका आप पर क्या असर पड़ेगा।

क्या हुआ एलान?

पराग पारिख फंड हाउस (Parag Parikh Fund House) की ओर से निवेशकों को कई बार ईमेल के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन भेजा गया है। फंड हाउस ने बताया कि SEBI (म्यूचुअल फंड्स) रेगुलेशन, 2026 के रेगुलेशन 66(7) के अनुसार पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड (Parag Parikh Flexi Cap Fund) के लिए बेस एक्सपेंस रेश्यो (BER) में बदलाव कर रहे हैं। ये बदलाव फंड के डायरेक्ट और रेगुलर, दोनों प्लान्स पर लागू होगा।

कितना हुआ बदलाव?

फंड हाउस ने BER में 0.01% की बढ़ोतरी की है। पराग पारिख फ्लैक्सी कैप फंड (Parag Parikh SIP Calculation) के डायरेक्ट प्लान के लिए पहले ये 0.52% था और अब बढ़कर 0.53% हो गया है। वहीं रेगुलर प्लान के लिए BER पहले 1.04% था, जो बढ़कर 1.05% हो गया है। फंड हाउस के मुताबिक, BER में रेगुलेशन 66 के तहत आने वाले तमाम खर्च शामिल होते हैं। हालांकि, इसमें Statutory Levy (यदि कोई लागू हो), ब्रोकरेज कॉस्ट और ट्रेड एग्जिक्यूशन के समय लगने वाले ट्रांजैक्शन कॉस्ट को शामिल नहीं किया जाता है।

क्या होता है बेस एक्सपेंस रेशियो (BER)?

सेबी के नियमों के हिसाब से, बेस एक्सपेंस रेशियों (Expense Ratio) वो खर्च होता है जो किसी भी फंड को रोजाना चलाने, मैनेज करने और उसके ऑपरेशन में आता है। मालूम हो कि इसमें फंड मैनेजर की फीस और कई तरह के एक्सपेंसेस शामिल हैं, जो फंड हाउस निवेशकों से वसूलता है।

फंड हाउस ने BER क्यों बढ़ाया?

BER बढ़ाने की फंड हाउस ने कोई ठोस वजह अभी तक नहीं बताई है। निवेशकों को भेजे गए ईमेल में भी ये कहीं नहीं लिखा है कि कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने, टेक्नोलॉजी पर ज्यादा खर्च होने, रिसर्च कॉस्ट बढ़ने या किसी दूसरी वजह से बीईआर बढ़ाया गया है।

आप पर कितना पड़ेगा असर?

मालूम हो कि इस बढ़ोतरी का असर आप पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। अगर आप ₹1 लाख निवेश करते हैं तो सलाना लगभग ₹10 की अंतर आएगा। यदि निवेश ₹5 लाख है, तो एक्स्ट्रा खर्च लगभग ₹50 सालाना हो सकता है। इसी तरह ₹10 लाख पर लगभग ₹100, ₹25 लाख पर करीब ₹250 और ₹50 लाख पर लगभग ₹500 सालाना का अतिरिक्त असर पड़ सकता है।

योजना का प्रकार पुराना सालाना खर्च (लगभग) नया सालाना खर्च (लगभग) अनुमानित अंतर
डायरेक्ट प्लान (₹1 लाख के स्थिर निवेश पर) ₹520 ₹530 लगभग ₹10
रेगुलर प्लान (₹1 लाख के स्थिर निवेश पर) ₹1,040 ₹1,050 लगभग ₹10

Disclaimer: म्यूचुअल फंड के बारे में दी गई ये जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। किसी भी फंड में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। 

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