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शेयर बाजार पहले ही दिन गिरावट के साथ हुआ बंद, एक्सपर्ट से जानें किस वजह से हुआ धड़ाम; कल आएगी तेजी?

Updated: Mon, 24 Aug 2026 05:47 PM (GMT+05:30)

भारतीय शेयर बाजार सोमवार को मिडिल ईस्ट तनाव और बॉन्ड यील्ड बढ़ने जैसे कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 0.22% तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि कुछ सेक्टरों में बढ़त भी देखी गई।


HighLights

  1. मिडिल ईस्ट तनाव और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बाजार गिरा।

  2. सेंसेक्स 77,369.11 और निफ्टी 24,219.05 पर बंद।

  3. धातु शेयरों में बढ़त, बैंकिंग शेयरों पर दबाव रहा।

नई दिल्ली। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और बॉन्ड यील्ड बढ़ने की चिंता जैसे कमजोर ग्लोबल संकेत थे। निफ़्टी और सेंसेक्स, दोनों में 0.22 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि इन मुख्य बेंचमार्क ने कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ की थी।

BSE सेंसेक्स 171.72 अंक या 0.22 फीसदी गिरकर 77,369.11 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 32.95 अंक या 0.14 फीसदी गिरकर 24,219.05 पर आ गया।

सेशन के दौरान, सेंसेक्स 77,629.56 पर खुला, जो पिछली क्लोजिंग से 88.72 अंक या 0.11 फीसदी ज्यादा था और एक समय पर इसने 77,789.40 का इंट्राडे हाई छुआ, जो 248.56 अंक या 0.32 फीसदी की बढ़त थी; हालांकि, बाद में यह 339.17 अंक या 0.43 फीसदी गिरकर 77,201.66 के इंट्राडे लो पर आ गया।

वहीं, निफ्टी 50 दिन के सत्र में अपने पिछले बंद 24,252 से 33 अंक यानी 0.13 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,285.05 पर खुला और एक समय इसने 0.25 फीसदी की बढ़त के साथ 24,313 का इंट्रा-डे हाई तो 0.44 फीसदी की गिरावट के साथ 24,144.30 का इंट्रा-डे लो छुआ।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.13 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.26 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

सेक्टर के नज़रिए से देखें तो IT, एनर्जी, मेटल और रियल एस्टेट को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक के शेयरों में 1 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि प्राइवेट बैंक, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 0.3–0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

आज के टॉप बढ़त और गिरावट वाले शेयर

निफ्टी 50 इंडेक्स में SBI लाइफ इंश्योरेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और TMPV के शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि JSW स्टील, हिंडाल्को, टाटा स्टील, HCL टेक, डॉ. रेड्डीज़ और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयर सबसे ज़्यादा बढ़त के साथ बंद हुए।

निफ्टी का टेक्निकल एनालिसिस, कहां बन रहा सपोर्ट?

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, मिस्टर नागराज शेट्टी ने आज के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी है। उनके मुताबिक एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के कारण सोमवार को निफ्टी में फिर से उतार-चढ़ाव और कमजोरी देखी गई और यह 32 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। 20 अगस्त को 24000 के निचले सपोर्ट लेवल से वापसी के बाद, मार्केट पिछले कुछ सेशन में ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया और इसमें थोड़ी कमजोरी आ गई।
निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड उतार-चढ़ाव वाला बना हुआ है। 24100-24000 के अहम सपोर्ट लेवल तक कोई भी गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है। 24300 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर लगातार बढ़त ट्रेंड को ऊपर की ओर मोड़ सकती है।

किस वजह से शेयर बाजार में आज आई गिरावट?

बाजार का मूड सावधानी भरा रहा क्योंकि निवेशक आज ईरान पर अमेरिका की ओर से नए प्रतिबंधों का इंतज़ार कर रहे हैं। मुनाफ़ा वसूली के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में थोड़ी नरमी आई, लेकिन यह $90/बैरल के स्तर से ऊपर बना रहा। ईरान से तेल की सप्लाई में कमी की आशंका और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास जारी तनाव ने इसे सहारा दिया। इस माहौल के साथ-साथ RBI के हालिया सख़्त रुख (hawkish stance) के कारण घरेलू बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा कमज़ोर पड़ी। कमज़ोर एशियाई बाज़ारों के असर से भारतीय शेयर बाज़ार में दिन भर गिरावट का रुख रहा और लार्ज-कैप शेयरों का प्रदर्शन व्यापक बाज़ार के मुक़ाबले कमज़ोर रहा। सेक्टर के हिसाब से देखें तो कमोडिटी की मज़बूत कीमतों के कारण मेटल शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि बैंकिंग शेयरों पर दबाव देखा गया; सॉवरेन बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से हुए 'मार्क-टू-मार्केट' नुकसान के चलते PSU बैंकों का प्रदर्शन प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के मुक़ाबले कमज़ोर रहा।"

कमजोर होते रुपया पर एक्सपर्ट की क्या राय है?

जतिन त्रिवेदी, VP रिसर्च एनालिस्ट कमोडिटी और करेंसी, LKP सिक्योरिटीज के मुताबिक, "कमज़ोर डॉलर और कच्चे तेल की नरम कीमतों से कुछ सपोर्ट मिलने के कारण रुपया 95.73 के आसपास ज़्यादातर सपाट (बिना किसी बड़े बदलाव के) ट्रेड करता रहा। डॉलर इंडेक्स 98.90 के आसपास है और उसे 98.50 के स्तर पर सपोर्ट मिला है, जिससे रुपये की बढ़त सीमित रही, जबकि $92 के आसपास ब्रेंट क्रूड एक अहम फैक्टर बना हुआ है। इस हफ़्ते डॉलर के बारे में नए संकेतों के लिए US GDP और कोर PCE प्राइस इंडेक्स पर नज़र रहेगी। रुपये की रेंज: 95.35–95.90 रहेगी।"

गोल्ड की कीमतों पर एक्सपर्ट ने क्या कहा?

जतिन त्रिवेदी ने कहा कि, "सोने में तेज़ी बनी रही क्योंकि COMEX गोल्ड $4,600 से ऊपर और MCX गोल्ड ₹1,60,000 से ऊपर बना रहा, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड मज़बूत रहा। US-ईरान के बीच जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षित निवेश (सेफ़-हेवन) की मांग को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, COMEX पर $4,650 का स्तर थोड़ा 'ओवरबॉट' (ज़रूरत से ज़्यादा खरीदा हुआ) लग रहा है और ऊंचे स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है। तुरंत सपोर्ट $4,575 के आसपास दिख रहा है, जबकि MCX गोल्ड को ₹1,60,000 के आसपास सपोर्ट मिल रहा है।"

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)

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