NSE IPO के लिए बड़ा हो सकता है 11 सितंबर का दिन, प्राइस बैंड का एलान होने की उम्मीद; हो जाएं तैयार
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO 16 सितंबर को खुलेगा, जिसका प्राइस बैंड 11 सितंबर को घोषित होगा। इसका आकार ...और पढ़ें

NSE IPO के लिए प्राइस बैंड का एलान जल्द
HighLights
NSE IPO 16 सितंबर को खुलेगा, प्राइस बैंड जल्द घोषित
IPO का आकार घटकर अब 23,000 करोड़ रुपये होने की संभावना
बीमा कंपनियों, मॉर्गन स्टेनली ने कम शेयर बेचने का फैसला किया
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO का काफी समय से इंतजार हो रहा था। ये आईपीओ अब 16 सितंबर को खुलने जा रहा है। हालांकि अभी आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का एलान नहीं हुआ है। इसके लिए प्राइस बैंड की आधिकारिक घोषणा शुक्रवार, 11 सितंबर को की जा सकती है।
यह एलान NSE द्वारा सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) और स्टॉक एक्सचेंजों के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) दाखिल करने के बाद अब किया जा सकता है, जिससे देश का सबसे बड़ा एक्सचेंज अपनी पब्लिक लिस्टिंग के एक कदम और करीब आ गया है।
कितना हो सकता है आईपीओ का साइज?
NSE IPO का साइज अब लगभग 23,000 करोड़ रुपये होने की संभावना है, जो जून में एक्सचेंज द्वारा अपना मूल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करते समय लगभग 30,000 करोड़ रुपये के ऑफर से कम है। यह कमी कुछ मौजूदा शेयरधारकों, जिनमें पब्लिक बीमा कंपनियां और मॉर्गन स्टेनली शामिल हैं, द्वारा इस ऑफर में कम शेयर बेचने के फैसले के बाद आई है।
IPO पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होगा, जिसका मतलब है कि जुटाई गई राशि NSE के बजाय बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगी।
सबसे बड़ा IPO होगा या नहीं?
असल DRHP में 14.89 करोड़ शेयरों के OFS का प्रस्ताव था, जो एक्सचेंज की पेड-अप इक्विटी पूंजी के लगभग 6 प्रतिशत के बराबर था। साइज में कमी का मतलब यह भी हो सकता है कि NSE IPO भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफरिंग बनने से चूक जाए। यह रिकॉर्ड फिलहाल 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के IPO के नाम है।
अनुमानित प्राइस बैंड कितना?
अनुमान ये भी है कि NSE अपने शेयरों की कीमत 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर की सीमा में तय कर सकता है। यह पहले बताई गई 2,000 रुपये से 2,100 रुपये प्रति शेयर की सीमा से कम है। रिपोर्ट के अनुसार, एक्सचेंज IPO के माध्यम से पेश किए जाने वाले हिस्सेदारी को भी अपने मूल ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में प्रस्तावित 6 प्रतिशत से घटाकर लगभग 5.5 प्रतिशत कर सकता है।
ओरिजिनल DRHP में, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (GIC) ने 1.066 करोड़ तक शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया था, जबकि न्यू इंडिया एश्योरेंस ने 1.05 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया था। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने 60-60 लाख शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया था। इन चारों पब्लिक-सेक्टर इंश्योरेंस कंपनियों ने मिलकर शुरू में NSE के लगभग 3.37 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया था।
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