छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला: कांग्रेस नेताओं और अफसरों में बांटे गए 104 करोड़ रुपये, विधायक देवेंद्र यादव पर EOW के सनसनीखेज आरोप
ईओडब्ल्यू ने छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाले में छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव सहित 12 आरोपी शामिल हैं।

कोल घोटाले में EOW का विशेष कोर्ट में पूरक चालान

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डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ में सामने आए कोल लेवी घोटाले में ईओडब्ल्यू ने सोमवार को विशेष अदालत में छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप पत्र में भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, रामगोपाल अग्रवाल, आरपी सिंह समेत 12 आरोपितों के नाम हैं।
जांच एजेंसी ने दावा किया कि कोयले की दलाली की राशि कांग्रेस ने वर्ष 2022 में हुए खैरागढ़ उपचुनाव में झोंकी थी। इस उपचुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी यशोदा वर्मा विजयी हुई थी।
आरोप पत्र के अनुसार, कोयला परिवहनकर्ताओं से वसूले गए अवैध लेवी के 104.20 करोड़ रुपये रायपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचाए गए। यह रकम तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष और तत्कालीन नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक भेजी गई थी।
आरोप पत्र के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने डायरियों में दर्ज भवन और सी पार्टी कोडवर्ड की 32 प्रविष्टियों के माध्यम से कुल 104.20 करोड़ रुपये लिए। भिलाई नगर के वर्तमान विधायक देवेंद्र सिंह यादव ने खैरागढ़ उपचुनाव और व्यक्तिगत उपयोग के लिए सहयोगी नवाज खान के माध्यम से तीन करोड़ रुपये लिए।
बिलाईगढ़ के पूर्व विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय ने मामले के मुख्य आरोपित सूर्यकांत तिवारी द्वारा नकद रकम और चुनावी खर्च के अतिरिक्त द्वारा लाखों रुपये के सोने के आभूषण लिए।
तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म आइएएस जयप्रकाश मौर्य ने सिंडिकेट को सहायता पहुंचाने और पैलेट उद्योगों पर 100 रुपये प्रति टन वसूली के लिए दबाव बनाने के एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त किया। वहीं, कांग्रेसी नेता आरपी सिंह और विनोद तिवारी ने खैरागढ़ उपचुनाव के लिए क्रमश: 2.12 करोड़ व 2.93 करोड़ रुपये लिए।
