वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोली, एयरपोर्ट के अंदर या प्लेन में हथियार ले जाने के क्या हैं नियम?
विमान यात्रा के दौरान आप लाइसेंसी हथियार ले जा सकते हैं या नहीं? वाराणसी एयरपोर्ट की घटना ने इस सवाल को फिर से चर्चा में ला दिया है। जानिए शर्तें और नियम?
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विमान यात्रा के दौरान लाइसेंसी हथियार ले जाने के नियम। AI जनरेटेड
HighLights
वाराणसी एयरपोर्ट पर लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलने की घटना।
हथियार केवल चेक्ड बैगेज में, सख्त शर्तों के साथ अनुमत।
नियम तोड़ने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में वाराणसी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलने की घटना ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में एक महिला सुरक्षाकर्मी समेत दो लोग घायल हो गए।
वहीं, घटना के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आजमगढ़ निवासी यात्री कमलेश राय को हिरासत में ले लिया। इस सनसनीखेज घटना के बाद हवाई यात्रा के दौरान हथियार ले जाने के नियम और शर्तों को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। आइए बताते हैं कि आखिर हवाई यात्रा के दौरान लाइसेंसी हथियार ले जा सकते हैं या नहीं?
क्या प्लेन में हथियार ले जाने की अनुमति है?
नागरिक विमानन नियमों के अनुसार, हवाई यात्रा के दौरान पिस्तौल, बंदूक या अन्य लाइसेंसी हथियार ले जाने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए कुछ सख्त नियम लागू होते हैं।
चेक्ड बैगेज (Checked Baggage): हथियार केवल आपके मुख्य सामान (जो फ्लाइट के कार्गो में जाता है) में ही शर्तों के साथ ले जाए जा सकते हैं।
केबिन बैगेज (Cabin Baggage): हाथ वाले बैग (केबिन बैगेज) में या शरीर पर पहनकर किसी भी प्रकार का हथियार ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
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हथियार ले जाने की 6 प्रमुख शर्तें
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के अनुसार, यात्रा के दौरान इन शर्तों का पालन करना अनिवार्य है।
लिखित घोषणा: यात्री को चेक-इन काउंटर पर अपने सामान में हथियार होने की लिखित जानकारी देनी होती है।
वैध लाइसेंस: एयरलाइन अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को हथियार का ओरिजिनल और वैध लाइसेंस दिखाना जरूरी है।
हथियार अनलोड होना चाहिए: हथियार पूरी तरह से खाली (Unloaded) होना चाहिए। चैंबर में कोई गोली नहीं होनी चाहिए।
सुरक्षित बॉक्स: हथियार को एक मजबूत, हार्ड-साइडेड और कड़े लॉक वाले बॉक्स में ही पैक किया जाना चाहिए।
वजन सीमा: कारतूस (गोला-बारूद) का कुल वजन, हथियार सहित, 5 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए।
अलग पैकिंग: कारतूसों को हथियार से अलग और पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पैक किया जाना चाहिए।
नियम तोड़ने पर क्या है सजा का प्रावधान?
एयरपोर्ट जैसी अति-संवेदनशील जगह पर हथियारों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है।
केबिन में हथियार ले जाना (लाइसेंस होने पर भी): आर्म्स एक्ट के तहत 1 साल से लेकर 3 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।
बिना लाइसेंस हथियार लाना: 7 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान है।
लापरवाही से गोली चलना: एयरपोर्ट परिसर में लापरवाही से गोली चलने के मामले में 2 साल तक की जेल, 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।
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सबक और सलाह: वाराणसी का यह हादसा एक चेतावनी है कि हथियार के साथ यात्रा करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें। यात्रा पर निकलने से पहले अपने हथियार की ठीक से जांच कर लें कि वह अनलोडेड है और सभी विमानन नियमों का कड़ाई से पालन करें।
