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'रामलीला मैदान की महारैली स्थगित करें, 10 हजार करोड़ का बिजनेस होगा प्रभावित'; राहुल को कारोबारियों की चिट्ठी

Published: Sat, 24 Oct 2026 11:05 AM (IST)Updated: Sat, 24 Oct 2026 11:12 AM (IST)

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली ...और पढ़ें

राहुल गांधी।

राहुल गांधी।

HighLights

  1. CTI ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली स्थगित करने का अनुरोध किया।

  2. 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस रैली पर बात।

  3. भाई दूज त्योहार के बाद रैली आयोजित करने का सुझाव दिया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली 'कांग्रेस रैली' को भाई दूज के बाद करने के लिए कहा है।

सीटीआई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली को 10 नवंबर (भैया दूज) के बाद तक स्थगित करने की मांग की है।

संगठन का तर्क है कि दीवाली और धनतेरस के पीक त्योहारी सीजन के दौरान रैली से दिल्ली का करीब 10000 करोड़ रुपये का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

कारोबारियों ने पत्र में उठाए ये मुख्य बिंदु

  • धनतेरस पर 25 हजार करोड़ का व्यापार: दिल्ली में धनतेरस, दीपावली और भैया दूज के दौरान सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और ऑटोमोबाइल समेत विभिन्न सेक्टरों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। 1 नवंबर से लोग खरीदारी शुरू कर देते हैं, जो दिल्ली की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।
  • पहले ही 3 हजार करोड़ का नुकसान: सीटीआई के अनुसार, अक्टूबर में सेंट्रल दिल्ली में हुए प्रदर्शनों और रास्ते बंद होने के कारण व्यापारियों को पहले ही 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
  • 20 से अधिक थोक बाजार होंगे प्रभावित: रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस और करोल बाग जैसे 20 ऐतिहासिक होलसेल और रिटेल बाजार स्थित हैं। रैली के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन, बैरिकेडिंग और मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से इन बाजारों का कामकाज पूरी तरह ठप होने का डर है।
  • बाहरी खरीदारों की आवाजाही पर असर: नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पास में ही होने के कारण रोजाना लाखों व्यापारी दिल्ली आते हैं। रैली के चलते रास्ते बंद होने और भीड़भाड़ से बाहरी खरीदार दिल्ली आने से बचेंगे, जिसका सीधा असर त्योहारों की बिक्री पर पड़ेगा।

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