दिल्ली में सांसों पर संकट: AQI 350 के पार, जहांगीरपुरी में हालात बेहद खराब
दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है, मंगलवार को एक्यूआई 350 दर्ज किया गया जो 287 दिनों में ...और पढ़ें

शाम के समय आईटीओ के पास विकास मार्ग स्माॅग में गुजरते वाहन। फोटो: हरीश कुमार
HighLights
दिल्ली का औसत AQI 350, 287 दिनों में सबसे खराब।
जहांगीरपुरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 462, 'गंभीर' श्रेणी में।
GRAP-2 लागू होने के बावजूद प्रदूषण में लगातार वृद्धि।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 दर्ज किया गया, जो पिछले 287 दिनों में सबसे खराब है।
जहांगीरपुरी में AQI 462 तक पहुंच गया, जबकि 10 निगरानी केंद्रों पर हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदूषण और बढ़ सकता है।

20 जनवरी के बाद सबसे खराब हुई हवा
सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 324 था, जो मंगलवार को बढ़कर 350 हो गया।
यह पिछले 287 दिनों में सबसे खराब स्तर है।
इससे पहले इस वर्ष 20 जनवरी को सर्वाधिक 378 AQI दर्ज किया गया था।
जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 462 AQI दर्ज हुआ।
मंगलवार को सुबह हल्का कोहरा रहा, जबकि दिन में धूप खिली। मौसम में खास बदलाव नहीं होने के बावजूद प्रदूषण का स्तर बढ़ा।
दिल्ली के निगरानी केंद्रों पर हवा की स्थिति
वायु गुणवत्ता श्रेणी | निगरानी केंद्र |
|---|---|
गंभीर (AQI 400 से अधिक) | 10 |
बहुत खराब | 35 |
खराब | 12 |
छह नवंबर तक बहुत खराब, फिर गंभीर श्रेणी में पहुंचेगी
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, छह नवंबर तक दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में रह सकती है। इसके बाद इसके गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों ने भी आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने का पूर्वानुमान जताया है।
वाहनों से प्रदूषण में सबसे ज्यादा 15.8 प्रतिशत योगदान
'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' (DSS) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में अलग-अलग स्रोतों की हिस्सेदारी इस प्रकार रही:
प्रदूषण का स्रोत | योगदान |
|---|---|
वाहन उत्सर्जन | 15.8% |
पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना | 15.3% |
घरेलू/आवासीय स्रोत | 3.9% |
दिल्ली और आसपास के उद्योग | 3% |
निर्माण गतिविधियां | 2.2% |
कचरा जलाना | 1.4% |
पड़ोसी राज्यों के थर्मल पावर प्लांट | 1.2% |
उड़ती धूल | 1.2% |
अन्य स्रोत | 1% |
झज्जर का योगदान 8.8%, गुरुग्राम का 4.1%
NCR के पड़ोसी जिलों से दिल्ली के प्रदूषण में योगदान के आंकड़े भी जारी किए गए हैं। इनमें झज्जर की हिस्सेदारी सबसे अधिक दर्ज की गई।
पड़ोसी जिला | प्रदूषण में हिस्सेदारी |
|---|---|
झज्जर | 8.8% |
गुरुग्राम | 4.1% |
सोनीपत | 2.6% |
रोहतक | 2.5% |
मेवात | 2% |
ग्रैप-2 के बीच बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय
दिल्ली की हवा सोमवार को ही बहुत खराब श्रेणी में पहुंचने के कारण ग्रैप-2 लागू किया गया था। इसके बावजूद मंगलवार को AQI में और बढ़ोतरी दर्ज हुई। अब निगाहें आने वाले दिनों के मौसम और प्रदूषण के स्तर पर टिकी हैं।
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