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दिल्ली-NCR की फैक्ट्रियों में अब ‘तीसरी आंख’ की नजर, ईंधन के इस्तेमाल पर रहेगी लाइव निगरानी

Published: Wed, 07 Oct 2026 01:55 AM (IST)

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन के इस्तेमाल पर निगरानी सख्त ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. CAQM ने औद्योगिक इकाइयों में निगरानी सख्त करने का आदेश दिया।

  2. 31 अक्टूबर 2026 तक अतिरिक्त पीटीजेड कैमरे लगाने होंगे।

  3. ईंधन भंडारण और उपयोग की वास्तविक समय में निगरानी होगी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले औद्योगिक इकाइयों पर निगरानी और सख्त होने जा रही है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने उद्योगों में पैन-टिल्ट-जूम (पीटीजेड) कैमरों का दायरा बढ़ाने का आदेश दिया है।

अब कैमरों से न केवल उत्सर्जन बल्कि उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की भी वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी। सभी संबंधित उद्योगों को 31 अक्टूबर 2026 तक अतिरिक्त कैमरे लगाने होंगे।

यह कदम उद्योगों में प्रतिबंधित या गैर-अनुमोदित ईंधन के इस्तेमाल के मामले सामने आने के बाद उठाया गया है। सीएक्यूएम के उड़न दस्ते ने एनसीआर में गुप्त निरीक्षण के दौरान कई इकाइयों में गैर-अनुमोदित ईंधन का इस्तेमाल पाया था।

सर्दियों में औद्योगिक उत्सर्जन का वायु गुणवत्ता पर असर बढ़ने को देखते हुए आयोग ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का फैसला किया है।

भंडारण से लेकर ईंधन डालने तक कैमरे की नजर

नए आदेश के तहत उद्योगों को कैमरे ऐसे स्थानों पर लगाने होंगे, जहां से ईंधन के सभी भंडारण क्षेत्रों और ईंधन डालने वाले स्थानों की स्पष्ट निगरानी हो सके। गैस आधारित ईंधन इस्तेमाल करने वाली इकाइयों में गैस का गेज या मीटर भी कैमरे के दायरे में रखना होगा।

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इन कैमरों की लाइव वीडियो फीड सीपीसीबी और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों तथा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के सर्वर पर उपलब्ध करानी होगी। कैमरों और इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए उद्योगों को पर्याप्त बिजली बैकअप भी रखना होगा।

सिर्फ कैमरे लगाना नहीं, सीधी निगरानी भी

सीएक्यूएम ने सीपीसीबी और संबंधित एसपीसीबी/डीपीसीसी को लाइव वीडियो फीड प्राप्त करने के लिए पोर्टल और जरूरी तकनीकी ढांचा विकसित करने का निर्देश दिया है। इससे अधिकारी बिना मौके पर पहुंचे उद्योगों के ईंधन इस्तेमाल और अनुपालन की निगरानी कर सकेंगे।

संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को इसकी अनुपालन रिपोर्ट एक नवंबर तक सीएक्यूएम को देनी होगी। मालूम हो कि इससे पहले सीपीसीबी ने उद्योगों में पीटीजेड कैमरों के साथ आनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली लगाने के निर्देश दिए थे।

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