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चांदनी चौक के सर्राफा बाजार में 100 से अधिक दुकानें सील, करोड़ों के जेवर अंदर बंद; MCD की बड़ी कार्रवाई

Published: Thu, 10 Sep 2026 02:30 PM (IST)

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने चांदनी चौक के कूचा महाजनी में 100 से अधिक दुकानें सील ...और पढ़ें

HighLights

  1. सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने कार्रवाई तेज की।

  2. कूचा महाजनी में 100 से अधिक दुकानें अचानक सील की गईं।

  3. करोड़ों के जेवर और नकदी दुकानों में बंद, व्यापारी आक्रोशित।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम एक्शन मोड में आ गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बाद एमसीडी ने शहरभर में अभियान तेज कर दिया है।

इसी कड़ी में गुरुवार सुबह दिल्ली के प्रसिद्ध सर्राफा बाजार कूचा महाजनी में निगम की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ अचानक दस्तक दी और सीलिंग की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

बिना सूचना नोटिस चस्पा, 100 से ज्यादा दुकानें सील

दुकानदारों का आरोप है कि गुरुवार सुबह लगभग 11:30 बजे एमसीडी के सिटी-एसपी जोन की टीम पुलिस बल के साथ चांदनी चौक स्थित कूचा महाजनी पहुंची।

अधिकारियों ने मास्टर प्लान-2021 के नियमों के उल्लंघन और बेसमेंट/इमारतों के दुरुपयोग का हवाला देते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी।

देखते ही देखते तीन प्रमुख इमारतों के भूतल और बेसमेंट में स्थित 100 से अधिक दुकानों पर नोटिस चस्पा कर उन्हें सील कर दिया गया।

करोड़ों के जेवर अंदर बंद, व्यापारियों में आक्रोश

निगम की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के सर्राफा व्यापारियों में भारी रोष है। आल बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की टीम का कहना है कि दुकानदारों को संभलने या पूर्व सूचना देने का कोई मौका नहीं दिया गया।

सीलिंग के वक्त दुकानों के अंदर करोड़ों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बंद रह गए हैं। दुकानदारों का आरोप है कि जब व्यापारी अपनी दुकान पहुंचे तो उन्हें सीधे अपने बेरोजगार होने और सीलिंग की जानकारी मिली, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद जागा प्रशासन

हाल ही में सत्य निकेतन क्षेत्र में एक पुरानी और अवैध रूप से निर्मित इमारत गिरने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें छात्रों के साथ सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल है। जिसे लेकर दिल्ली सरकार और नगर निगम पर सवाल उठ रहे हैं।

हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी अधिकारियों को अवैध निर्माण और मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन करने वाली व्यावसायिक संपत्तियों पर तत्काल कड़ा रुख अपनाने के कड़े निर्देश दिए थे।

व्यापारियों ने अधिकारियों और नेताओं की जवाबदेही पर उठाए सवाल

इस कार्रवाई के बाद व्यापारी संगठनों ने प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। व्यापारियों का कहना है कि हादसे की आड़ में केवल छोटे-बड़े व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है और उनके व्यापार पर कहर तोड़ा जा रहा है।

सवाल यह उठ रहा है कि वर्षों से जारी इन निर्माणों और गतिविधियों के लिए क्या केवल व्यापारी जिम्मेदार हैं, या फिर उन सरकारी विभागों और नेताओं पर भी कोई गाज गिरेगी जिनकी देखरेख में यह सब होता रहा?

फिलहाल सीलिंग की इस कार्रवाई से कूचा महाजनी के व्यापारियों में भय और अनिश्चितता का माहौल है, वहीं निगम अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।