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दिल्ली के बदरपुर-मीठापुर में 50 हजार लोगों को मिलेगी दूषित पानी से राहत, पाइपलाइन बदलने का काम शुरू

Published: Thu, 22 Oct 2026 08:32 AM (IST)

दिल्ली के मीठापुर सहित बदरपुर विधानसभा के कई इलाकों में डेढ़ साल से दूषित जलापूर्ति से जूझ रही 50 हजार ...और पढ़ें

अब 50 हजार आबादी को राहत मिलेगी। AI जनरेटेड

अब 50 हजार आबादी को राहत मिलेगी। AI जनरेटेड

HighLights

  1. डेढ़ साल से दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे थे लोग।

  2. दिल्ली जल बोर्ड ने क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनें बदलनी शुरू कीं।

  3. मीठापुर के 50 हजार लोगों को स्वच्छ पानी की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के बदरपुर विधानसभा में मीठापुर सहित कई इलाकों में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 50 हजार की आबादी को दूषित जलापूर्ति से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की ओर से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को बदलने का काम शुरू हो चुका है। क्षेत्र में भारी आबादी करीब डेढ साल से घरों में गंदा पानी आने की समस्या से जूझ रही थी। इसे लेकर जल मंत्री प्रवेश वर्मा सहित जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों से कई शिकायतें होने के बावजूद समस्या हल नहीं हुई थी।

दैनिक जागरण ने 28 सितंबर के अंक में समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले पर संज्ञान लेते हुए काम शुरू हो चुका है।

दरअसल, इलाके के वार्ड 182 और 183 में मीठापुर, सिंधु फार्म रोड, हर्ष विहार, प्रिंस कालोनी, ओमनगर, रूपनगर आदि कई कालोनियों में पेयजल संकट की समस्या थी। लोगों के मुताबिक घरों में तीन से चार दिनों तक पानी ही नहीं आता है। कई दिन इंतजार के बाद भी बदबूदार और गंदे पानी की आपूर्ति होती है।

इलाके में जल बोर्ड की पेयजल लाइनों कई जगहों से क्षतिग्रस्त होने के कारण सीवर और नालियों का पानी घरों तक पहुंच रहा था। अब पाइपलाइन बदलने से लोगों को उम्मीद है कि दूषित पानी की समस्या दूर होगी।

फेडरेशन ऑफ ऑल आरडब्ल्यूए के संयोजक दुष्यंत कुमार ने दैनिक जागरण का आभार जताते हुए कहा कि इलाके में पानी की पाइपलाइनें कई जगहों से टूटी थी। इस बारे में मंत्री, संबंधित विभाग के अधिकारियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों से कई शिकायतें की थी। आखिरकार पेयजल लाइन बदली जा रही हैं।

उप चेयरमैन पीके झा ने कहा कि हम लोग लंबे समय से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे थे। दैनिक जागरण हमारी इस समस्या को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में आवाज बना। इसके लिए आरडब्ल्यूए सदस्यों और स्थानीय लोगों की तरफ से धन्यवाद।