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काली फिल्म, बंद पैनिक बटन और GPS... निर्भया के बाद बने नियमों का क्या हुआ? कश्मीरी गेट कांड के बाद उठे सवाल

Published: Thu, 03 Sep 2026 05:07 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 03 Sep 2026 08:08 PM (GMT+05:30)

दिल्ली-एनसीआर में 4 अगस्त को हुई बस में गैंगरेप की घटना ने एक बार फिर निर्भया कांड की याद दिला ...और पढ़ें

बसों के नियम। AI जनरेटेड

बसों के नियम। AI जनरेटेड

HighLights

  1. बसों में पैनिक बटन और जीपीएस का सक्रिय होना अनिवार्य।

  2. बस स्टाफ का पुलिस सत्यापन और वैध दस्तावेज जरूरी।

  3. बसों में परदे या टिंटेड ग्लास का उपयोग प्रतिबंधित।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में 4 अगस्त को हुई खौफनाक वारदात ने एक बार फिर 14 साल पुरानी उस डरानी रात को आंखों के सामने ला दिया है। जब 2012 में राजधानी दिल्ली में निर्भया कांड ने हर किसी को झकझोर दिया था।

पूरे देश को झकझोर देनी वाली इस वारदात ने कई सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद पूरे देश में बसों के लिए सख्त नियम तय किए गए।

वहीं, अब फिर से एनसीआर में निर्भया जैसा कांड हुआ तो महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अधिकारी फिर से कटघरे में आ गए हैं। अगर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते और नियमों का पालन कराया जाता तो शायद फिर से ऐसी घटना न होती। आइए बताते हैं कि आखिर बसों के लिए वो कौन से नियम हैं, जिन्हें महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्ती से लागू किया जाना बहुत जरूरी है।

क्या हैं नियम?

पैनिक बटन और GPS

सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन का हर समय चालू रहना अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के अनुसार, ये पैनिक बटन ऐसे स्थानों पर लगाए जाएंगे जहां आपात स्थिति में यात्री बिना किसी कठिनाई के आसानी से पहुंच सकें।

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कर्मचारियों का सत्यापन जरूरी

यात्रियों की सुरक्षा और अनुशासित सफर सुनिश्चित करने के लिए बस ऑपरेटरों को अपने ड्राइवरों, कंडक्टरों व अन्य स्टाफ का पुलिस सत्यापन (Verification) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, ऑन-ड्यूटी स्टाफ के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, निर्धारित वर्दी और पीएसवी (Public Service Vehicle) बैज होना जरूरी होगा।

बसों पर परदे और टिंटेड ग्लास प्रतिबंध

नियमों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा के लिए पारदर्शिता बनाए रखना बहुत जरूरी है। साथ ही बस के अंदर की गतिविधि छिपाने से रोकने के लिए बसों की खिड़की पर परदे या फिर ब्लैक/टिंटेड फिल्मों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

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पार्किंग के नियम

यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बसों को रात और खाली घंटों में सिर्फ अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाले स्थानों पर ही पार्क करने के निर्देश दिए गए हैं।

आपातकालीन कार्रवाई का नियम

यात्रा के दौरान महिला और बाल सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। बस में यदि किसी महिला या बच्चे के साथ उत्पीड़न या छेड़छाड़ की घटना होती है, तो बस क्रू (ड्राइवर-कंडक्टर) को तत्काल पुलिस को सूचित करना होगा। साथ ही, ऐसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई करते हुए बस को सीधे नजदीकी पुलिस स्टेशन या पीसीआर वैन के पास ले जाना अनिवार्य होगा।

4 अगस्त को हुई वारदात

दिल्ली में 4 अगस्त की रात को 16 वर्षीय 11वीं की छात्रा से चलती बस में ड्राइवर और कंडक्टर ने सामूहिक दुष्कर्म किया। दुष्कर्म करने के बाद पीड़िता को कश्मीरी गेट के पास रिंड रोड पर छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत पर दोनों आरोपियों को कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

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