विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

44 साल से खूब रुला रहा है Lata Mangeshkar का ये क्लासिक गीत, शादी में बजते ही खूब रोती है दुल्हन की मां

Published: Fri, 30 Oct 2026 01:52 PM (IST)

शादी का सीजन आने वाला है, ऐसे में लता मंगेशकर का 44 साल पुराना एक गीत जमकर ट्रेंड कर रहा ...और पढ़ें

शादी में खूब रुलाता है लता मंगेशकर का गाना/ फोटो- इंस्टाग्राम

शादी में खूब रुलाता है लता मंगेशकर का गाना/ फोटो- इंस्टाग्राम

HighLights

  1. शादियों के सीजन से पहले ट्रेंड हुआ ये कल्ट गीत

  2. लता मंगेशकर की आवाज में ये गीत सुन शादियों में रो देती है मां

  3. 44 साल से लड़कियों की विदाई के वक्त बजता है गीत

एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। करवाचौथ हो या शादी, लता मंगेशकर ने अपने 8 दशक के करियर में कई ऐसे हिट गाने दिए हैं, जो फेस्टिवल्स और इंपोर्टेंट फंक्शन का भी खास हिस्सा बन जाते हैं।

40 से 50 हजार के आसपास गाने गा चुकीं लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने 44 साल पहले एक ऐसा क्लासिक गीत गाया था, जो आपने शादी में बहुत बार सुना होगा। ये एक ऐसा गाना है, जिसके बजते ही 44 साल बाद भी दुल्हन की मां अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक पाती है।

लाडली की विदाई के वक्त गीत सुनकर रोती है मां

शादी की सीजन आने वाला है, ऐसे में लता मंगेशकर(Lata Mangeshkar Songs) का 1982 में रिलीज हुआ एक गाना सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रेंड कर रहा है। वो गाना जिस पर परफॉर्म करके सहेलियां दुल्हन को छेड़ती हैं और लड़की की मां सुनकर रोती है, वह 44 साल पहले पद्मिनी कोल्हापूरे और ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) पर फिल्माया गया था।

गाने के लिरिक्स थे 'ये गलियां ये चौबारा, यहां आना न दोबारा'। 1982 में रिलीज हुई प्रेम रोग के इस गाने को जहां लता मंगेशकर ने अपनी सुरीली आवाज में गाया, तो वहीं इसका म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने दिया और लिरिक्स संतोष आनंद ने लिखे। शादी में बजने वाले इस गाने की पॉपुलैरिटी का अंदाजा आप इसके यूट्यूब व्यूज से लगा सकते हैं, जोकि 11 करोड़ से ज्यादा हैं। 44 साल पहले रिलीज हुई फिल्म प्रेम रोग बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई थी।

Untitled design - 2026-10-30T134745.198

दर्द भरे गाने को सुनकर हंसते थे ऋषि कपूर

अक्सर गानों को शूट करते सितारे अपनी कई यादें बना लेते हैं। ये गलियां ये चौबारा (Yeh Galiyan Yeh Chaubara Song) गाने के दौरान भी ऋषि कपूर ने कुछ ऐसा किया, जिससे पद्मिनी कोल्हापूरे गाने में इमोशन ला ही नहीं पा रही थीं। दरअसल, विदाई पर बना, ये बेहद इमोशनल करने वाला गीत था और उसके अपोजिट ऋषि कपूर हंसमुख स्वभाव के थे। ऐसे में जैसे ही ये गाना बजता, तो पद्मिनी कोल्हापूरे रोने की कोशिश करती थीं, लेकिन अभिनेता उन्हें हंसा देते थे।

फिल्म रिलीज के 39 साल बाद जब ऋषि कपूर का निधन हुआ था, तो पद्मिनी कोल्हापुरे ने गाने के एक वर्जन में आवाज दी थी। हालांकि, गाने की शूटिंग के दौरान ऋषि कपूर को याद करके एक्ट्रेस काफी भावुक हो गई थीं।

यह भी पढ़ें- लता मंगेशकर ने 57 साल पहले गाया था बॉलीवुड का सबसे रोमांटिक गाना, करवाचौथ पर सुनने के लिए है एकदम परफेक्ट

यह भी पढ़ें- मर्दो की आवाज में गाने वाली इकलौती फीमेल सिंगर, Doordarshan पर हुई थीं हिट, मोहम्मद रफी की करती थीं नकल

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। चुनाव 2026, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।