60 साल पहले Shammi Kapoor जिस गाने से पंचम दा को हटाना चाहते थे, उसी पर झूम रहे Gen-Z; Mohammed Rafi ने दी आवाज
60 साल पहले आए जिस कल्ट गाने से शम्मी कपूर दिग्गज संगीतकार पंचम दा को बाहर निकालना चाहते थे, वहीं ...और पढ़ें
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पंचम दा को गाने से बाहर करना चाहते थे शम्मी कपूर/ फोटो- इंस्टाग्राम
HighLights
60 साल पुराने कल्ट गीत से पंचम दा को हटाना चाहते थे शम्मी कपूर
शम्मी कपूर को उनके करियर का पहला हिट मिला आरडी बर्मन से
मोहम्मद रफी का गाया गीत आज भी पार्टियों की जान
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड में अपनी पकड़ को मजबूत बनाना बिल्कुल भी आसान नहीं होता। कई संघर्षों का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही शुरुआत हुई थी हिन्दी सिनेमा के दिग्गज संगीतकार आरडी बर्मन की भी, जब 'पंचम दा' को अपनी फिल्म का गाना देने से शम्मी कपूर काफी हिचकिचा रहे थे।
हालांकि, अगर पंचम दा को ये मौका छिन जाता, तो शम्मी कपूर को भी उनके करियर का सबसे बड़ा हिट गाना भी नहीं मिल पाता। कौन सा है वह गीत जिसके बजते ही 60 साल बाद खुद ब खुद थिरकने लगते हैं जेन-जी के भी पैर। पढ़ें उस गाने से जुड़ा दिलचस्प किस्सा।
इस गाने से पंचम दा को हटाना चाहते थे शम्मी कपूर
जिस गाने का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं। वह साल 1966 में रिलीज हुई फिल्म तीसरी मंजिल का है, जिसका निर्देशन विजय आनंद ने किया था और निर्माता नासिर हुसैन थे। वैसे तो इस कल्ट फिल्म में ही विजय आनंद भाई देवानंद को कास्ट करना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने यह फिल्म शम्मी कपूर की झोली में डाल दी।
जब यह फिल्म शम्मी कपूर के पास आई, तो वह आरडी बर्मन के म्यूजिक इंडस्ट्री में नई शुरुआत के कारण उनसे 'तीसरी मंजिल' का सबसे हिट सॉन्ग 'आजा-आजा मैं हूं प्यार तेरा' गाने का संगीत नहीं करवाना चाहते थे। उन्होंने इस बारे में जब निर्देशक विजय आनंद से डिस्कस किया, तो वह नहीं मानें क्योंकि उन्होंने पंचम दा के पिता से यह वादा किया था कि वह उनके बेटे को उनकी फिल्मों में मौका जरूर देंगे। उन्होंने इस गाने का संगीत बनाने की जिम्मेदारी आरडी बर्मन को सौंप दी।

मोहम्मद रफी की आवाज में आज भी बना हुआ है कल्ट
'तीसरी मंजिल' का गाना आजा-आजा जब बन रहा था। उस दौरान फिल्म के निर्माता नासिर हुसैन ने आरडी बर्मन को यह चुनौती दी कि वह शंकर-जय किशन की तरह उनके लिए एक ऐसा गीत लाए, जो रॉक एंड रोल टाइप हो और जिस पर हर कोई झूमे। फिर क्या था।
पंचम दा ने निर्माता की चुनौती को स्वीकार किया और 'आजा-आजा गाने' की धुन बना डाली। इस गाने को किसी और ने नहीं, बल्कि मेलोड़ी किंग मोहम्मद रफी ने गाया। आज शम्मी कपूर और आशा पारेख पर फिल्माया यह गीत न सिर्फ हिन्दी सिनेमा के कल्ट क्लासिक गानों में से एक है, बल्कि आज के दौर में भी कई पार्टीज और क्लब ही ये गाना शान है।
