7 Dogs Review: कमजोर कहानी पर भारी पड़ा दमदार एक्शन, सलमान खान-संजय दत्त के सामने 'लेडी विलेन' ने लूटी महफिल
Seven Dogs Film Review: इंटरनेशनल फिल्म 7 डॉग्स की चर्चा भारत में भी खूब हो रही है क्योंकि फिल्म में सलमान खान और संजय दत्त भी हैं। फिल्म देखने से पहले इसका रिव्यू जरूर पढ़ें...

7 डॉग्स मूवी का रिव्यू।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रियंका सिंह, मुंबई। डिजिटल प्लेटफॉर्म ने वर्ल्ड सिनेमा को देखना दर्शकों के लिए आसान बना दिया है। ऐसे में वह दूसरे देशों के कलाकारों, फिल्मकारों को भी जानने लगे हैं। दूसरे देश के फिल्मकार भी हर तरह के दर्शकों के सिनेमा देखने के अनुभवों को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
सउदी अरेबियन एक्शन फिल्म 7 डॉग्स (Seven Dogs) का भारत में हिंदी और अंग्रेजी में रिलीज होना भी वही पहल लगती है। आदिल अल अर्बी और बिलाल फलाह निर्देशित फिल्म 7 डॉग्स में दुनिया भर के कई कलाकार हैं, जिसमें भारतीय कलाकारों सलमान खान (Salman Khan) और संजय दत्त (Sanjay Dutt) को भी जगह मिली हैं।
क्या है 7 डॉग्स फिल्म की कहानी?
कहानी की शुरुआत इंटरपोल अधिकारी खालिद अल जजी (अहमद एज) के हवाई जहाज में घैली (करीम अब्देल अजीज) को पकड़ने से होती है। घैली 7 डॉग्स नाम के आपराधिक संगठन से जुड़ा होता है, जो पिंक लेडी नाम के खतरनाक ड्रग्स की तस्करी बड़े पैमाने पर करते हैं। खालिद की शादी भी होने वाली होती है, इसलिए वह मिशन पर जाने की बजाय अब डेस्क पर काम करना चाहता है।

घैली के पकड़े जाने के बाद 7 डॉग्स अपने काम के तरीके को बदल देते हैं। वह अरब में ज्यादा से ज्यादा ड्रग्स भेजने की तैयारी करते हैं। इसे रोकने के लिए खालिद को फिर से बुलाया जाता है। घैली को भी इसमें साथ मिलाना पड़ता है। इस खोज में जौहर (सलमान खान) भी खालिद की मदद करता है।
स्क्रीनप्ले कमजोर पर एक्शन दमदार
अपराध की दुनिया पर आधारित इस कहानी में लेखक मोहम्मद अल दबाह (Mohamed el-Dabah) की स्क्रीनप्ले भले ही कुछ नया नहीं जोड़ती है, लेकिन उन्होंने इसे एक स्टाइलिश एक्शन फिल्म बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है।
फिल्म में कई पात्र हैं, जिनकी अपनी जिंदगी है, फिर भी कहानी बिना कहीं उलझे आसानी से समझ आती है। हवाई जहाज से लेकर, रेत में कार चेज का क्लाइमेक्स सीन समेत बंदूकों और हाथों से लड़ने वाले शॉट्स दमदार हैं।

अभिनेताओं से भरपूर इस एक्शन फिल्म में महिला पात्रों को भी अच्छा स्क्रीनस्पेस मिला है। हालांकि कुछ सहायक पात्र ठीक से विकसित नहीं हो पाते हैं। आगे क्या होगा, इसका अंदाजा लग जाता है, लेकिन कहानी की तेज गति बोर नहीं होने देती।
अलग-अलग देशों के कलाकारों को साथ देखना मजेदार है, लेकिन कई जगहों पर ऐसा भी लगता है मानों बड़े नामों को फिल्म में शामिल करने की होड़ लगी है।
निर्देशन के साथ-साथ सिनेमैटोग्री-एडिटिंग भी बढ़िया
विल स्मिथ और मार्टिन लारेंस अभिनीत हॉलीवुड फिल्म बैड ब्वायज : राइड और डाय का निर्देशन कर चुकी निर्देशक जोड़ी आदिल और बिलाल इस फिल्म को एक्शन के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने में कामयाब होते हैं। इसमें उन्हें सिनेमैटोग्राफर रोब्रेक्ट हेवटे और एडिटर पीटर स्मेट का अच्छा साथ मिला है।
सिर पर लगे घाव या कपड़ों की सिलाइ के बीच से जाते शॉट्स हैरान करते हैं। क्लाइमेक्स में ब्लास्ट का स्टंट सीन रोंगटे खड़े कर देगा।
कैसा है फिल्म का म्यूजिक?
बैकग्राउंड में चलता अरबी संगीत उनकी संस्कृति से मेल करवाता है। हालांकि कई जगहों पर बैकग्राउंड म्यूजिक इतना तेज भी है कि संवाद ही सुनाई नहीं देते।

संजय-सलमान ने चलाया जादू
अभिनय की बात करें, तो खालिद के रोल में अहमद एज प्रभावशाली लगे हैं। इसमें उन्हें अनुभवी अभिनेता करीम अब्देल अजीज का साथ मिला है। दोनों के बीच प्यार-नफरत वाला रिश्ता कहानी में हल्के-फुल्के पल जोड़ता है।
विलेन बनी मोनिका बेलुची खूबसूरत और खतरनाक दोनों लगी हैं। सलमान खान और संजय दत्त की मौजूदगी उनके स्टारडम को बयां करती है, साथ ही हिंदी फिल्मों की उनकी हीरो वाली छवि से बेहद अलग है।
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