Spider-Man Brand New Day Review: भावनाओं का जाल, पहचान की नई तलाश; उम्मीदों पर खरी उतरी 'ब्रांड न्यू डे'?
Spider-Man Brand New Day Review: पांच साल बाद फिर 'स्पाइडर मैन' लौट आया है। सिनेमाघरों में देखने से पहले जान लें कि टॉम हॉलैंड की फिल्म कैसी है? ...और पढ़ें

स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे का रिव्यू। फोटो क्रेडिट- एक्स

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रियंका सिंह, मुंबई। खुद के साथ ईमानदार क्यों नहीं रहते, बताओ क्या तुम पीटर पार्कर हो या स्पाइडरमैन? इस पर स्पाइडरमैन कहता है कि वह दोनों है। खुद को सही से खोजने की इसी स्पष्टता पर बनी है मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) की 38वीं और स्पाइडर-मैन फिल्म सीरीज की चौथी फिल्म 'स्पाइडर-मैन : ब्रांड न्यू डे' (Spider-Man: Brand New Day)।
क्या है फिल्म की कहानी?
कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां साल 2021 में रिलीज हुई फिल्म 'स्पाइडर-मैन: नो वे होम' की कहानी खत्म हुई थी। उस फिल्म के अंत में डॉ. स्ट्रेंज अपनी शक्तियों से पीटर पार्कर (टॉम हॉलैंड) ही स्पाइडरमैन है, इस सच को दुनिया की यादों से मिटा चुके हैं। अब इस फिल्म में पीटर का दोस्त नड (जेकब बैटलान) और गर्लफ्रेंड एमजे (जेंडाया) भी उसे नहीं पहचानते हैं।
पीटर एक छोटे से कमरे में अपनी तकनीकी उपकरणों के साथ रहता है। वह डैमेज कंट्रोल डिपार्टमेंट के मुखिया बिल मेट्जगर (ट्रामेल टिलमैन) के साथ मिलकर न्यूयार्क शहर की रक्षा करता है। उसके शरीर में भी कई बदलाव हो रहे है, उसकी कलाइयों से जो जाले स्वाभाविक तौर पर निकल रहे हैं, वह उसे संभाल नहीं पा रहा है, कई बार वह सही और गलत के बीच अंतर नहीं कर पा रहा है।
इससे निपटने के लिए वह वैज्ञानिक डॉ. ब्रूस बैनर उर्फ हल्क (मार्क रफालो) और ब्लैक विडो (फ्लोरेंस प्यू) से भी मदद मांगता है। एक दिन अचानक स्कॉर्पियन (माइकल मैंडो) डैमज कंट्रोल डिपार्टमेंट पर हमला कर देता है। स्पाइडरमैन से उसका सामना होता है। लेकिन असली खतरा उसे जीन ग्रे (सैडी सिंक) से महसूस होता है, जो टेलीपैथी से किसी के भी शरीर पर आसानी से कब्जा कर सकती है। इस बार स्पाइडरमैन की मदद फ्रैंक (जान बर्नथल) भी करता है, जिसकी जान कभी स्पाइडरमैन ने बचाई थी। कौन है जीन, क्या उससे वाकई खतरा है, इस पर कहानी आगे बढ़ती है।
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स्क्रीनप्ले है शानदार
लेखक क्रिस मैकेना और एरिक सोमर्स स्पाइडरमैन की दुनिया को जानते हैं, जबकि निर्देशक डेस्टिन के लिए यह नई दुनिया है। उसके बावजूद तीनों मिलकर पिछली फिल्मों के चंचल स्पाइडरमैन और इस गंभीर व जिम्मेदार स्पाइडरमैन के बीच के अंतर को महसूस करवा पाए हैं। इस बार स्पाइडरमैन पहले से ज्यादा शक्तिशाली और परिपक्व बनने के सफर पर है, लगता है कि वह मल्टीवर्स में कुछ नया करने की तैयारी में है।
गति पकड़ने में लेती है समय
इस बार स्पाइडरमैन की लड़ाई बाहरी ताकतों से कम, अंदरुनी ज्यादा है। बड़े-बड़े खतरनाक दुश्मनों से लड़ने की बजाय खास शक्तियां रखने वाले सुपरहीरो को कैसा होना चाहिए, फिल्म इसके आसपास ज्यादा घूमती दिखी। इंटरवल से पहले फिल्म बदले स्पाइडरमैन के आसपास कहानी धीमी गति से चलती है, समझने में समय लगता है कि जो हो रहा है, वो क्यों हो रहा है। दूसरे हिस्से में कहानी रफ्तार पकड़ती है इन सभी सवालों के जवाब मिल जाते हैं।
कैसा है फिल्म का निर्देशन?
डेस्टिन अपने निर्देशन से फिल्म को नई दिशा तो दे पाए हैं, जहां सुपरहीरो में त्याग की भावना है, अकेले लड़ने का साहस है, लेकिन स्पाइडरमैन के प्रशंसक इससे ज्यादा की उम्मीद करते है। अपनी कलाइयों से निकलते जाले के सहारे एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग पर छलांग लगाने वाले स्पाइडरमैन की कलाबाजियां भी कम हैं। हालांकि डैमेज कंट्रोल डिपार्टमेंट में कुछ एक्शन सीन जरूर अच्छे बन पड़े हैं, लेकिन नवीनता उसमें भी नहीं है।
कैसी है कलाकारों की परफॉर्मेंस?
एमजे और पीटर की प्रेम कहानी इसमें भी कोई नया मोड़ नहीं ले पाती है। हालांकि नड को अपनी दोस्ती की याद दिलाने वाला पीटर का एक दृश्य दिल को छूता है। पीटर पार्कर की सलाहकार के तौर पर ब्लैक विडो के रोल में फ्लोरेंस प्यू मेहमान भूमिका में तालियां बटोरती हैं। स्पाइडरमैन की दुनिया में हल्क को तबाही मचाते हुए देखना भी दिलचस्प लगता है।
पीटर पार्कर और स्पाइडरमैन की भूमिका को यूं तो टॉम हॉलैंड आत्मसात कर चुके है, लेकिन इस बार वह अंतर महसूस करवाते हैं। जेंडाया जैसी प्रभावशाली अभिनेत्री को इस फ्रेंचाइज में अपने लिए मजबूत रोल तलाशने की जरुरत है। नड की भूमिका में जेकब बैटलन के हिस्से बहुत कम सीन आए हैं। जीन ग्रे की भूमिका में सैडी सिंक न केवल खूबसूरत, बल्कि बेहद खतरनाक भी लगी हैं। अपनी बहन को खोने का दर्द और गुस्सा वह महसूस कराती हैं।
फ्रैंक की भूमिका में जॉन बर्नथल स्क्रीन पर जबरदस्त एक्शन और हंसी के पल लाते हैं। डॉ. ब्रूस के रोल में मार्क रफालो और स्कार्पियन बने माइकल मंडो छोटी सी भूमिका में याद रह जाते हैं। वहीं, नकारात्मक भूमिका में ट्रामेल टिलमैन खास प्रभाव नहीं छोड़ते हैं। फिल्म इस भरोसे के साथ खत्म होती है कि स्पाइडर-मैन लौटेगा।