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ब्लैकबोर्ड से AI तक पहुंची हरियाणा की पढ़ाई, 400 सरकारी शिक्षक सीखेंगे नई तकनीक

Published: Wed, 07 Oct 2026 01:55 AM (GMT+05:30)

हरियाणा के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में अब एआई और स्मार्ट टीवी के माध्यम से डिजिटल शिक्षा दी जाएगी। निपुण हरियाणा ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटे इमेज।

एआई जेनेरेटे इमेज।

HighLights

  1. 400 प्राथमिक शिक्षकों को एआई और स्मार्ट टीवी का प्रशिक्षण।

  2. गणित और अंग्रेजी शिक्षण को रोचक बनाने पर विशेष जोर।

  3. एआई टूल्स से वर्कशीट निर्माण और शिक्षकों के समय की बचत।

बलवान शर्मा, नारनौल। कभी स्लेट-तख्ती की खड़िया मिट्टी और ब्लैकबोर्ड की चाक से शुरू होने वाली हरियाणा की प्राथमिक शिक्षा अब एक नए डिजिटल युग में कदम रख चुकी है। निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्मार्ट टीवी (एसटीवी) जैसे आधुनिक टूल्स से लैस हो रहे हैं।

कक्षा शिक्षण को अधिक रुचिकर, इंटरैक्टिव और प्रभावी बनाने के लिए बुधवार से छह दिवसीय विशेष शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों शुरू किया जा रहा है। इसमें तकनीक और नवीन शैक्षणिक पद्धतियों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। जिले के 400 प्राइमरी शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और एआइ से प्रशिक्षित किया जा रहा है।

गणित शिक्षण और एआइ: अब आसान और रोचक तरीके से गणित की पढ़ाई होगी। प्रशिक्षण में सिखाया जाएगा कि कैसे गणित जैसे विषय का डर बच्चों के मन से निकाला जाए। इसके लिए शिक्षकों को टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटीरियल) किट, स्मार्ट टीवी डिवाइसेज और व्यावहारिक लेसन प्लान निर्माण का गहन अभ्यास कराया जाए।

इस प्रशिक्षण का सबसे बड़ा आकर्षण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) टूल्स का उपयोग है। विशेष सत्र में शिक्षकों को सिखाया जाएगा कि कैसे एआइ की मदद से मिनटों में।

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बच्चों के स्तर के अनुसार आकर्षक वर्कशीट तैयार की जाएं। अवधारणाओं (कन्सेप्ट) को समझाने के लिए शैक्षणिक वीडियो चुने और बनाए जाएं।

एआई से बचेगा शिक्षकों का समय

परीक्षा व अभ्यास के लिए सैंपल प्रश्न पत्र तैयार किए जाएं। एआइ के प्रयोग से शिक्षकों का प्रशासनिक व तैयारी का समय बचेगा, जिससे वे बच्चों के साथ व्यक्तिगत रूप से अधिक समय बिता सकेंगे। अंग्रेजी शिक्षण और समग्र प्रगति कार्ड (एचपीसी) खेल-खेल में भाषा का ज्ञान देने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अंग्रेजी भाषा शिक्षण (बुनियादी और एडवांस प्रोग्राम) पर केंद्रित रहता है। अब सरकारी स्कूलों के बच्चे स्मार्ट टीवी की मदद से फोनिक्स (ध्वनि-विज्ञान) और एक्शन वर्ड्स खेल-खेल में सीख रहे हैं। आडियो-विजुअल माध्यम से बच्चे अंग्रेजी उच्चारण को अधिक सहजता और सटीकता से सीख सकेंगे।
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डिजिटल ट्रैकिंग और पारदर्शिता

प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल तकनीक सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी अपनी व्यवस्था भी पूरी तरह डिजिटल है। पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक दिन की शुरुआत प्री-टेस्ट और समापन पोस्ट-टेस्ट के साथ किया जाएगा।

इससे शिक्षकों के सीखने के स्तर का तुरंत मूल्यांकन होता है। शिक्षकों की उपस्थिति निपुण ऐप और संपर्क स्मार्ट शाला ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से ट्रैक की जाएगी । -डा. विक्रम सिंह, संयोजक, जिला एफएलएन

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