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हरियाणा में 12 सूत्रीय मांगों को लेकर पेंशनर्स और नर्सिंग ऑफिसर्स का जोरदार प्रदर्शन, सरकार पर दबाव बढ़ा

Published: Fri, 02 Oct 2026 02:00 AM (IST)

हरियाणा में पेंशनर्स ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर 24 घंटे का पड़ाव किया, जिसमें पुरानी पेंशन बहाली और डीए भुगतान जैसी मांगें शामिल हैं।

पेंशनर्स का 24 घंटे पड़ाव, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन।

पेंशनर्स का 24 घंटे पड़ाव, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन।

HighLights

  1. पेंशनर्स ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर 24 घंटे का पड़ाव किया।

  2. नर्सिंग ऑफिसर्स ने ऑनलाइन ट्रांसफर नीति के विरोध में प्रदर्शन किया।

  3. पुरानी पेंशन बहाली और डीए भुगतान प्रमुख मांगों में शामिल।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पेंशनर्स की मांगों की अनदेखी के विरोध में अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे का पड़ाव किया। सुबह 10 बजे शुरू हुआ पड़ाव अगले दिन सुबह 10 बजे संपन्न हुआ। समापन पर प्रधानमंत्री के नाम 12 सूत्रीय मांगपत्र उपायुक्तों को सौंपेऑफिसर्सऑफिसर्स गए।

पेंशनर्स ने पेंशन रूल्स वैलिडेशन एक्ट-2025 वापस लेने, आठवें वेतन आयोग में एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने और अंतरिम राहत देने की मांग की।

50 प्रतिशत डीए/डीआर को पेंशन में मर्ज करने, एनपीएस-यूपीएस समाप्त कर ओपीएस बहाल करने, 18 माह के लंबित डीए/डीआर का भुगतान, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और वरिष्ठ नागरिकों को रेल व हवाई किराये में रियायत बहाल करने की मांग उठाई। कम्युटेशन राशि की वसूली अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष 8 माह करने तथा 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर बेसिक पेंशन में पांच-पांच प्रतिशत बढ़ोतरी की भी मांग की।

रिटायर्ड कर्मचारी संघ के सलाहकार सुभाष लांबा, प्रधान वजीर सिंह और महासचिव रतन जिंदल ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन व्यापक किया जाएगा। 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली और 13 दिसंबर को केंद्रीय व राज्य पेंशनर्स की संयुक्त कन्वेंशन प्रस्तावित है।

ऑनलाइन ट्रांसफर नीति के विरोध में नर्सिंग ऑफिसर्स ने लगाए काले बिल्ले

हरियाणा के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में माडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग ऑफिसर्स ने आंदोलन शुरू कर दिया है। बुधवार को प्रदेशभर के अस्पतालों, मेडिकल कालेजों, सीएचसी और पीएचसी में नर्सिंग स्टाफ ने काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी की।

नर्सिंग आफिसर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के अनुसार प्रदेश के करीब 70 स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 5500 नर्सिंग ऑफिसर्स हैं, जिनमें करीब 95 प्रतिशत महिलाएं हैं। एसोसिएशन की अध्यक्ष विनीता बांगड़ ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ तीन शिफ्टों में 24 घंटे सेवाएं देता है, इसलिए ऑनलाइन ट्रांसफर नीति उनकी व्यावहारिक और पारिवारिक समस्याएं बढ़ा सकती है। आंदोलन के दूसरे चरण में पांच से सात अक्टूबर तक सुबह 10 से 12 बजे तक सांकेतिक हड़ताल की जाएगी।