विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रोज शाखा में आने वाले सेवाराम अब नहीं लौटेंगे, निधन की खबर से स्वयंसेवक स्तब्ध

Published: Thu, 05 Nov 2026 01:01 AM (IST)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के यमुनानगर जिला संघचालक सेवाराम (75) का बुधवार सुबह पैतृक गांव रादौर में निधन हो गया। उनके ...और पढ़ें

जिला संघचालक सेवाराम का निधन ( फोटो स्रोत : जागरण )

जिला संघचालक सेवाराम का निधन ( फोटो स्रोत : जागरण )

HighLights

  1. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के यमुनानगर जिला संघचालक सेवाराम का निधन।

  2. शिक्षाविद और समाजसेवी सेवाराम श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय रहे।

  3. हजारों लोगों ने यमुनानगर से पहुंचकर दी सेवाराम को अंतिम विदाई।

जागरण संवाददाता, यमुनानगर। शास्त्री पार्क की गोविंद शाखा में हर सुबह स्वयंसेवकों से मिलने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के यमुनानगर जिला संघचालक सेवाराम (75) का बुधवार सुबह पैतृक गांव रादौर (सहारनपुर) में निधन हो गया।

रोज उनके साथ शाखा में समय बिताने वाले स्वयंसेवकों को जब यह खबर मिली तो वे स्तब्ध रह गए। दोपहर 12 बजे गांव में उनका अंतिम संस्कार हुआ। बेटे चेतन ने मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई देने के लिए यमुनानगर से हजारों लोग पहुंचे।

पिछले तीन दिनों से अपने पैतृक गांव में थे सेवाराम 

सेवाराम पिछले तीन दिनों से अपने पैतृक गांव में थे। बुधवार सुबह उनकी तबीयत खराब हुई तो भतीजा उन्हें डॉक्टर के पास ले जाने लगा। इसी दौरान वह अचानक जमीन पर गिर पड़े और उनका निधन हो गया।

गोविंद शाखा में सुबह रोज की तरह स्वयंसेवक पहुंचे तो उन्हें सेवाराम के निधन की सूचना मिली। जो साथी हर सुबह उनके साथ शाखा में मिलते थे, वे इस खबर से स्तब्ध रह गए।

जगाधरी के जिला संघचालक रमेश धारीवाल ने कहा कि सेवाराम शिक्षाविद और समाजसेवी थे। उन्होंने हमेशा समाजहित में काम किया। गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी संत जैसा जीवन जिया। वह कभी किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं करते थे।

इस क्षति की भरपाई संभव नहीं

मिलनसार स्वभाव और सकारात्मक सोच के कारण हर कोई उनसे जुड़ाव महसूस करता था। वह सभी का ध्यान रखते थे। उनके जाने से समाज को हुई क्षति की भरपाई संभव नहीं है।

सेवाराम बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने रसायन शास्त्र में एमएससी की थी। वह डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, यमुनानगर से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

संघ के कार्यों में रहे सक्रिय 

शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं देने के साथ संघ के कार्यों में भी लगातार सक्रिय रहे। उन्हें 24 घंटे का स्वयंसेवक कहा जाता था। राष्ट्र के विकास और उत्थान को लेकर वह हमेशा चिंतित रहते थे। उनका कहना था, "सबसे पहले राष्ट्र, उसके बाद कुछ और।" राष्ट्र के विकास के मामले में उन्होंने कभी समझौता नहीं किया।

गोविंद शाखा के स्वयंसेवकों एवं अधिकारियों पंडित उदयवीर शास्त्री, सीए रजनीश गर्ग, अविनाश भाटिया, प्रोफेसर महेश, अजय त्यागी, हकीम नानक चंद, बृज भूषण गोयल, तरुण शर्मा, प्रोफेसर हेमंत मिश्रा और प्रोफेसर विनय चंदेल ने कहा कि सेवाराम हमेशा देश और धर्म के लिए कार्य करते रहे। हर सुबह शाखा में उनसे मुलाकात होती थी। उनके जीवन में देशभक्ति सर्वोपरि थी।

उनके परिवार में पत्नी, बेटा चेतन और दो बेटियां हैं। अंतिम संस्कार में हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष मुकेश गर्ग, मार्केट कमेटी के अध्यक्ष राकेश त्यागी, पूर्व चेयरमैन रामनिवास गर्ग, डीएवी शिक्षण संस्थान से जुड़े एमसी शर्मा और शुभम राणा सहित यमुनानगर व सहारनपुर के गणमान्य लोग, संघ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- जमशेदपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: पटमदा से डिमना तक 30 दुकानों पर छापा, पशु आहार से बेसन बनाने का खुलासा

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।