हिमाचल के स्कूलों में शिक्षकों के लिए बदले नियम, एक अक्टूबर से लागू होगा ड्रेस कोड; तीन बार अटेंडेंस लगाना जरूरी
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए नए नियम लागू होंगे, जिसमें 1 अक्टूबर से ड्रेस कोड और दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते सीएम सुक्खू
HighLights
सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों को दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करनी होगी
1 अक्टूबर से शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू होगा
अनुपस्थिति पर वेतन कटौती होगी, 1200 शिक्षकों की नियुक्ति हुई
राज्य ब्यूरो, शिमला। प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध 150 सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों की दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए।
नई व्यवस्था के तहत स्कूल पहुंचने के समय, लंच ब्रेक और छुट्टी के समय उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे स्कूलों में अनुशासन और उपस्थिति व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड निर्धारित किए जाएंगे।
शिक्षकों के लिए तय ड्रेस कोड पहली अक्टूबर से अनिवार्य होगा। ड्रेस खरीदने के लिए प्रत्येक शिक्षक को एकमुश्त 5,000 रुपये की विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी। विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफार्म को लेकर निर्णय अगले एक सप्ताह में लिया जाएगा, जबकि शिक्षकों के ड्रेस कोड पर दो सितंबर को निर्णय होगा।
1200 शिक्षकों की होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीबीएसई स्कूलों में करीब 1,200 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। आने वाले समय में और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। सरकार सीबीएसई स्कूलों के सुधार और विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त 80 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी।
उन्होंने शिक्षा विभाग को इन फैसलों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा सीबीएसई स्कूलों के संचालन और सुविधाओं में लगातार सुधार के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, महाधिवक्ता अनूप रतन, सचिव शिक्षा राकेश कंवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वीएसके पोर्टल पर उपस्थिति नहीं तो कटेगा वेतन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्धता वाले स्कूलों में सोमवार से मोबाइल एप से उपस्थिति की व्यवस्था शुरू हो गई है।
सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के वेतन को आनलाइन हाजिरी से जोड़ा है। शिक्षा निदेशालय ने वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) स्विफ्ट चैट पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज होने वाली उपस्थिति को ई-सैलरी सिस्टम से लिंक करने के निर्देश दिए हैं।
निदेशालय ने पहली सितंबर को जारी आदेश में प्रदेश के सभी संबंधित उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों के वेतन बिल वीएसके पोर्टल पर दर्ज हाजिरी के सत्यापन के बाद ही तैयार किए जाएं।
उपस्थिति दर्ज न कराने पर कटेगा वेतन
यदि कोई शिक्षक पोर्टल पर निर्धारित तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करता है तो लागू नियमों के तहत संबंधित अवधि की राशि अगले महीने के वेतन से काटी जा सकेगी।
अटेंडेंस पोर्टल को जल्द ई-सैलरी सिस्टम के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। इसके बाद वेतन बिल तैयार करने के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन स्वचालित तरीके से किया जा सकेगा।
सरकारी कार्यालयों में पहले से व्यवस्था सरकार ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पेशेवर गरिमा बनाए रखने के लिए पहले से कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किया है। पुरुषों के लिए कार्यालय में शर्ट और पैंट या ट्राउजर पहनना अनिवार्य है।
महिला कर्मचारियों के लिए साड़ी, सलवार-कमीज (सूट) या फार्मल ट्राउजर और शर्ट पहनने के निर्देश हैं। जींस, टी-शर्ट, महंगे फैशनेबल और कैजुअल पार्टी वियर पहनने पर रोक है। आदेश का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
