Hockey World Cup 2026: 'सरपंच साहब की सेना' को रहना होगा चौकन्ना, दूसरे दौर का प्रत्येक मैच 'करो या मरो' जैसा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए वर्ल्ड कप 2026 का अगला दौर आसान नहीं रहने वाला है। हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व वाली भारतीय टीम के लिए अब प्रत्येक मैच करो या मरो की तरह है।

भारत को इंग्लैंड से मिली शिकस्त
HighLights
भारत के लिए आगे की राह कठिन
भारत के लिए हर मैच करो या मरो जैसा
भारत की अगली भिड़ंत नीदरलैंड्स से होगी
प्रेट्र, एम्सटेलवीन। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भले ही दूसरे दौर में जगह बना ली है, लेकिन उसकी आगे की राह आसान नहीं होगी क्योंकि बिना अंक के आगे बढ़ने के कारण उसके लिए अब प्रत्येक मैच करो या मरो जैसा बन गया है।
विश्व कप के नए प्रारूप के अनुसार पहले चरण में अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीम अगर दूसरे नंबर की टीम पर जीत हासिल करके आगे बढ़ती है तो दूसरे दौर में खेलने से पहले ही उसके नाम पर तीन अंक दर्ज होंगे।
भारत इस मामले में नुकसान में है क्योंकि पहले चरण में इंग्लैंड से हारने के कारण भारतीय टीम दूसरे दौर में उसके विरुद्ध नहीं खेलेगी जबकि इंग्लैंड पहले दौर के तीन अंक लेकर इस दौर में पहुंची है। इसके मायने हैं कि भारत को बाकी दोनों टीमों से जीतना ही होगा।
नीदरलैंड्स के हाल मजबूत
भारत ने पूल डी में वेल्स को 3 -1 से और पाकिस्तान को 5-3 से हराया, जबकि इंग्लैंड से 2 -4 से हार गई। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए नीदरलैंड्स का जीतना लगभग तय है, क्योंकि जापान पहले दोनों मैच हारकर दौड़ से पहले ही बाहर हो चुका है।
वहीं दूसरे मैच में विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज अर्जेंटीना का सामना 11 वीं रैंकिंग वाली न्यूजीलैंड से होगा जिसमें दूसरे दौर में जाने वाली एक और टीम का निर्धारण होगा। अर्जेंटीना और न्यूजीलैंड दोनों के नीदरलैंड्स से हारने के बाद तीन तीन अंक हैं, लेकिन गोल औसत के आधार पर फिलहाल अर्जेंटीना दूसरे स्थान पर है।
भारत को कमजोरी पर करना होगा काम
दूसरे दौर में भारत का पहला मैच पेरिस ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीदरलैंड्स से हो सकता है जिसमें गलती की कोई गुंजाइश नहीं होगी। पाकिस्तान के विरुद्ध 3-0 और 4-1 से बढ़त बनाने के बाद जिस तरह से भारत ने पकड़ ढीली की, वह नीदरलैंड्स जैसी टीमों के विरुद्ध भारी पड़ सकती है।
