हॉकी विश्व कप: सेमीफाइनल की राह में ओलिंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स से भिड़ेगा भारत, अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं
भारत शनिवार को हॉकी विश्व कप के दूसरे दौर के अपने पहले मैच में सह-मेजबान और मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स से भिड़ेगा।

भारतीय टीम
HighLights
ग्रुप स्टेज में भारत ने पाकिस्तान को हराया था
हरमनप्रीत की टीम को इंग्लैंड से मिली हार
भारत ने अपने पहले मैच में वेल्स को रौंदा था
पीटीआई, एम्सटेलवीन। भारत शनिवार को जब हॉकी विश्व कप के दूसरे दौर के अपने पहले मैच में सह-मेजबान और मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स से भिड़ेगा तो उसकी रक्षात्मक कमजोरियों की सबसे बड़ी परीक्षा तब होगी और हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम यह अच्छी तरह से जानती है कि अगर उसे सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।
भारतीय टीम को न सिर्फ एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना होगा बल्कि वैगनर स्टेडियम में नीदरलैंड्स के लिए बनने वाले माहौल की चुनौती से भी पार पाना होगा। इस 10,000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में नीदरलैंड्स के समर्थकों के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है।
स्थानीय दर्शकों ने अभी तक अपनी टीम के प्रति पूरी प्रतिबद्धता दिखाई है और वह बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचे हैं। ऐसे में स्टैंड में ओरेंज रंग का विशाल जनसमूह, लगातार नारे लगाना और घरेलू टीम के लिए जोशीला समर्थन भारत के लिए माहौल को बेहद चुनौतीपूर्ण बना सकता है। हालांकि भारतीय टीम को विचलित नहीं होना चाहिए। उसके लिए सबसे बड़ी चिंता अच्छी शुरुआत के बाद नियंत्रण खो देना है।
पाकिस्तान के विरुद्ध 3-0 और 4-1 से बढ़त बनाने के बाद भारत ने पकड़ ढीली की, जबकि इंग्लैंड के विरुद्ध पहले हाफ में 2-1 की बढ़त तीसरे क्वार्टर में दो गोल खाने के बाद हाथ से निकल गई और आखिर में टीम 2-4 से हार गई। नीदरलैंड्स जैसी टीमों के विरुद्ध इस तरह की गलती भारी पड़ सकती है।
भारत ने पूल डी में वेल्स को 3 -1 से और पाकिस्तान को 5-3 से हराया जबकि इंग्लैंड से हार उसे भारी पड़ सकती है। पहले चरण में इंग्लैंड से हारने के कारण भारतीय टीम दूसरे दौर में उसके विरुद्ध नहीं खेलेगी जबकि इंग्लैंड पहले दौर के तीन अंक लेकर इस दौर में पहुंची है। इसके मायने हैं कि भारत को बाकी दोनों टीमों से जीतना ही होगा।
