भारतीय टीम चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी हाई वोल्टेज मैच, जीतने से 'हरमनप्रीत ब्रिगेड' को मिलेगा फायदा
भारत और पाकिस्तान के बीच एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के पूल डी का हाई वोल्टेज मैच खेला जाएगा। भारत की कोशिश पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर रिकॉर्ड को बरकरार रखने की होगी।

भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मैच की उम्मीद
HighLights
पाकिस्तान के विरुद्ध एक दशक से नहीं हारा है भारत
भारत जीत दर्ज करके अगले दौर में पहुंच जाएगा
भारत को पाकिस्तान के खिलाफ कम से कम ड्रॉ की दरकार
प्रेट्र, एम्स्टलवीन (नीदरलैंड्स)। भारत बुधवार को एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के पूल डी के हाई-वोल्टेज मुकाबले में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के विरुद्ध मैदान में उतरेगा। भारत की नजरें पाकिस्तान के विरुद्ध एक दशक से चले आ रहे अजेय अभियान को जारी रखने और दूसरे दौर में जगह पक्की करने पर होंगी।
भारत के दो मैचों में तीन अंक हैं और उसे अगले दौर में पहुंचने के लिए कम से कम ड्रॉ की जरूरत है। वहीं, एक अंक के साथ पाकिस्तान के लिए टूर्नामेंट में बने रहने के लिए जीत जरूरी है। इंग्लैंड अपने दोनों मैच जीतकर पहले ही अगले दौर में पहुंच चुका है।
भारत ने गंवाया पिछला मैच
भारत ने अपने अभियान की शुरुआत वेल्स को 3-1 से हराकर की थी, लेकिन विश्व की तीसरे नंबर की टीम इंग्लैंड के विरुद्ध उसे 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। दूसरे हाफ में तीन गोल गंवाना भारत के लिए चिंता का विषय रहा। भारतीय कोच क्रेग फुल्टन के लिए रक्षात्मक गलतियां और पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की खराब दर प्रमुख चिंता बनी हुई है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इंग्लैंड से 1-4 की हार के बाद वेल्स के विरुद्ध 3-3 से ड्रॉ खेला। भारत को चुनौती देने के लिए उसे अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा। पाकिस्तान के पेनाल्टी कॉर्नर और डिफेंस में भी अब तक निरंतरता की कमी रही है।
हाल के मुकाबलों में भारत का पाकिस्तान पर पलड़ा भारी रहा है। इस साल प्रो लीग के यूरोपीय चरण में भारत ने पाकिस्तान को 7-1 और 4-3 से हराया था। पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध अपनी आखिरी जीत 2016 चैंपियंस ट्रॉफी में दर्ज की थी।
53 साल बाद वेगनेर स्टेडियम में फिर भिड़ेंगी भारत-पाकिस्तान की टीमें
पांच दशक से अधिक समय पहले विश्व कप इतिहास के सबसे रोमांचक भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में से एक का गवाह बना वेगनेर स्टेडियम बुधवार को एफआईएच विश्व कप में एक बार फिर दोनों चिर प्रतिद्वंद्वियों की टक्कर की मेजबानी के लिए तैयार है।
इसी स्टेडियम में 31 अगस्त 1973 को विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 1-0 से हराया था। बीपी गोविंदा ने 62वें मिनट में निर्णायक गोल कर भारत को फाइनल में पहुंचाया था। भारत के तत्कालीन कप्तान एमपी गणेश के लिए वह मुकाबला आज भी सबसे यादगार भारत-पाकिस्तान मैचों में शुमार है।
अस्सी वर्षीय गणेश ने उस समय को याद करते हुए कहा कि विदेश में खेलने वाली वह भारत की सबसे फिट टीमों में एक थी। भारत ने पाकिस्तान पर दबदबा बनाया था जिससे हमारे पास कुछ और गोल करने के मौके थे। सुरजीत शानदार लय में थे और पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने नौ गोल किए थे।
