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'गलत बयानबाजी से गुमराह कर रहे सोनम वांगचुक', तिब्बत सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन ने जताई कड़ी आपत्ति

Published: Sat, 26 Sep 2026 05:56 AM (IST)

पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के लद्दाख को चीन अधिकृत तिब्बत से बदतर बताने वाले बयान पर तिब्बत सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन ने आपत्ति जताई है।

सोनम वांगचुक। फाइल फोटो

सोनम वांगचुक। फाइल फोटो

HighLights

  1. सोनम वांगचुक ने लद्दाख को चीन अधिकृत तिब्बत से बदतर बताया।

  2. तिब्बत सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन ने वांगचुक के बयान को गलत ठहराया।

  3. प्रशासन ने कहा चीन तिब्बत में मौलिक अधिकारों का हनन कर रहा है।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। चीन के कब्जे वाले तिब्बत के हालात को लद्दाख से बेहतर बताने वाले पर्यावरणविद्ध सोनम वांगचुक को तिब्बत सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन ने आड़े हाथ लेते उन पर गलत व भ्रामक बयानबाजी करने का आरोप लगाया है।

लेह हिंसा के एक साल पूरा होने पर केंद्र सरकार के खिलाफ तेवर दिखाने वाले सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया था कि वर्तमान में लद्दाख में भय व दमन का ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जो चीन, तिब्बत में नहीं कर रहा है।

वांगचुक ने कहा था कि जब लद्दाख के सामने भारत व चीन के विकल्प थे, तब भारत को इसलिए चुना गया था क्योंकि यहां लोकतांत्रिक व्यवस्था व नागरिकों को गरिमा के साथ रहने का अधिकार मिलने की उम्मीद थी। आज लद्दाख का माहौल चिंता का विषय है।

सोनम वांगचुक का बयान गलत

उनके इस बयान पर तिब्बत से पलायन कर देश में बसे तिब्बतियों के धर्मशाला स्थित तिब्बत सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन ने एतराज जताया। प्रवक्ता तेंजिन लेक्शे ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा है कि वांगचुक का बयान गलत है। तिब्बत में चीन आज भी जोर जबरदस्ती कर रहा है। वहां पर लोगों को मौलिक शिक्षा, धर्म के अधिकार नही है।

तिब्बतियों के साथ जुल्म कर उनकी संस्कृतिक पहचान को मिटाने के प्रयास हो रहे हैं। ऐसे में सोनम वांगचुक का लद्दाख का मुकाबला चीन के कब्जे वाले तिब्बत से करना बिलकुल गलत है।

अमित शाह से मांगा था इस्तीफा

वांगचुक ने वीरवार को लेह में अपने एक घंटे के भाषण के दौरान लद्दाख में चार लोगों की पुलिस फायरिंग में मौत के लिए गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनका त्यागपत्र मांगा था।

इस दौरान उन्होंने तिब्बत की संज्ञा लद्दाख से करने के साथ यह दावा भी किया था कि उनकी मुठभेड़ करवाई जा सकती है। वांगचुक ने कहा था कि लेह हिंसा के दौरान पुलिस का गलत इस्तेमाल किया गया था।