SAIL को पहली छमाही में बंपर मुनाफा: बोकारो प्लांट सबसे आगे, कमाए 1500 करोड़
SAIL ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में लगभग 4000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है, जिसमें बोकारो इस्पात ...और पढ़ें

सेल को पहली छमाही में बंपर मुनाफा, मंगलवार को होगी वित्तीय परिणामों की घोषणा।
HighLights
सेल को पहली छमाही में 4000 करोड़ से अधिक का मुनाफा।
बोकारो इस्पात संयंत्र ने 1500 करोड़ रुपये का सर्वाधिक लाभ कमाया।
कोयले की कीमत वृद्धि, मैनपावर कमी से उत्पादन प्रभावित।
जागरण संंवाददाता, बोकारो। महाप्रबंधक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड को चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक) में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा हुआ है।
इस शानदार प्रदर्शन में सबसे बड़ी भागीदारी बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) की रही है, जिसने इस अवधि में उत्पादों की आपूर्ति और खपत के जरिए लगभग 1,500 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
इस वित्तीय परिणाम की औपचारिक घोषणा मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित सेल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा करेंगे, जिसमें बीएसएल, दुर्गापुर, भिलाई और राउरकेला इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारियों के साथ-साथ सभी कार्यवाहक और स्वतंत्र निदेशक उपस्थित रहेंगे।
विभिन्न इकाइयों का संभावित मुनाफा
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में विभिन्न इकाइयों के निम्नलिखित लाभ की संभावना है।
- बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL): ₹1,500 करोड़
- राउरकेला इस्पात संयंत्र: ₹1,200 करोड़
- भिलाई इस्पात संयंत्र: ₹1,000 करोड़
- दुर्गापुर इस्पात संयंत्र: ₹300 करोड़
- इस्को बर्नपुर: ₹200 करोड़
कोयला कीमतों में वृद्धि और मैनपावर संकट से बढ़ी चुनौती
महारत्न कंपनी सेल का बाजार वर्तमान में बूम पर है और कंपनी का एनएसआर बढ़कर 60 हजार तक पहुंच गया है। हालांकि, कोयले की कीमतों में भारी वृद्धि (लगभग 25,000 रुपये प्रति टन) का असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा है।
इसके अलावा, बीएसएल सहित सेल की विभिन्न इकाइयों में ठेका श्रमिकों की छंटनी के कारण मैनपावर का गंभीर संकट गहराने लगा है। परिणामस्वरूप, आए दिन विभिन्न इकाइयों में 'ब्रेकडाउन' की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। स्थिति यह है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मांग होने के बावजूद, उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
हस्तक्षेप पर उठे सवाल
स्टील एक्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) के पूर्व महासचिव विमल कुमार विशी ने इस्पात सचिव और मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सेल प्रबंधन के आंतरिक मामलों में मंत्रालय का बढ़ता हस्तक्षेप कंपनी के उत्पादन को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सेल में 20 प्रतिशत ठेका श्रमिकों की छंटनी के निर्देश और 'राइट मैन राइट प्लेसमेंट' नीति के उल्लंघन से वर्तमान और भविष्य की कई योजनाएं अधर में लटक गई हैं। यदि सेल मुख्यालय को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की छूट मिले, तो चालू वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का मुनाफा 14,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
