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MLA Jairam Mahto की गिरफ्तारी पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन का दबाव, फिर भी धनबाद एसएसपी को किस बात का इंतजार

Updated: Wed, 02 Sep 2026 10:09 AM (GMT+05:30)

MLA Jairam Mahto: धनबाद में विधायक जयराम महतो और थानेदार रवि कुमार के बीच विवाद गहरा गया है, जिसमें पुलिस एसोसिएशन विधायक की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

डुमरी के विधायक जयराम महतो। (फाइल फोटो)

डुमरी के विधायक जयराम महतो। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. विधायक जयराम महतो ने माफी मांगने से साफ इनकार किया।

  2. पुलिस एसोसिएशन ने विधायक की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन छेड़ा।

  3. धनबाद पुलिस सरकार के राजनीतिक संकेत का इंतजार कर रही।

मृत्युंजय पाठक, धनबाद। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) प्रमुख और डुमरी के विधायक जयराम महतो और धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच का विवाद अब प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। एक तरफ झारखंड पुलिस एसोसिएशन है, तो दूसरी तरफ विधायक जयराम महतो।

विधायक का माफी मांगने से साफ इनकार 

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने पांच दिनों के भीतर MLA Jairam Mahto से माफी मांगने की मांग की थी। महतो ने साफ कर दिया कि वह माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि चाहे उन्हें फांसी पर ही क्यों न चढ़ना पड़े, वह माफी नहीं मांगेंगे।

इसके बाद पुलिस एसोसिएशन ने जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान कर दिया है। हालांकि, धनबाद पुलिस फिलहाल जयराम महतो की गिरफ्तारी को लेकर सक्रिय नजर नहीं आ रही है। अभी तक उनके संभावित ठिकानों पर पुलिस ने छापामारी भी नहीं की है। साथ ही उनके अंगरक्षकों को भी धनबाद पुलिस ने क्लोज नहीं किया है।

अब तक एसएसपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं 

21 अगस्त, 2026 को बरवाअड्डा थान में थानेदार और विधायक के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें जयराम महतो थानेदार को गाली देते हुए सुने जा सकते हैं। इस पूरे मामले में धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार की ओर से भी अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हालांकि धनबाद पुलिस ने कानूनी रूप से जयराम महतो पर शिकंजा कस दिया है। उनके खिलाफ दो-दो प्रा‍थमिकी दर्ज की गई है। इनमें से एक एसटी/एससी धारा के तहत भी है। धनबाद कोर्ट ने भी जयराम को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया है। इसके बावजूद धनबाद पुलिस जयराम की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय नहीं दिख रही है। 

मामला राजनीतिक रंग ले चुका है, ऐसे में धनबाद पुलिस भी किसी तरह की जल्दबाजी से बचती नजर आ रही है। माना जा रहा है कि झारखंड सरकार की ओर से स्पष्ट संकेत मिलने के बाद ही पुलिस जयराम महतो की गिरफ्तारी को लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।

जयराम का विधानसभा अध्यक्ष पर आरोप 

राजनीतिक प्रेक्षकों के अनुसार, इस पूरे विवाद पर झारखंड की हेमंत सरकार की भी नजर है। जयराम महतो ने झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो पर भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना के समय उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को तीन-तीन बार फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वे एक विधायक के अधिकारों की रक्षा करने में सफल नहीं रहे। अब वे उन्हें कभी फोन नहीं करेंगे।

राजनीतिक नफा-नुकसान पर सरकार की नजर 

इस पूरे प्रकरण में जहां थानेदार के साथ पुलिस परिवार खड़ा है, वहीं जयराम महतो का भाजपा ने बचाव किया है। राज्य में कुर्मी मतदाताओं की प्रभावी संख्या है और कुर्मी समाज की सहानुभूति जयराम के साथ दिखाई दे रही है। कुर्मियों के बड़े नेता शैलेंद्र महतो तो एलान कर चुके हैं कि जयराम की गिरफ्तारी हुई तो कुर्मी समाज पूरे राज्य में सड़क पर उतरेगा।

ऐसे में जयराम की गिरफ्तारी को लेकर सरकार कोई निर्णय लेने से पहले इसके राजनीतिक नफा-नुकसान का आकलन जरूर करेगी। यही वजह है कि धनबाद पुलिस भी सरकार के रुख का इंतजार कर रही है।

थानेदार-विधायक विवाद का घटनाक्रम

21 अगस्त: बरवाअड्डा थाना क्षेत्र की बड़ापिछरी पंचायत में फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जाति, आवासीय और वंशावली प्रमाण पत्र तैयार करने के आरोप में जेएलकेएम नेता गणेश दास की गिरफ्तारी।

इसके बाद: गणेश दास की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद विधायक जयराम महतो ने थानेदार रवि कुमार को वाट्सऐप कॉल किया। इसके बाद गणेश दास को छुड़ाने के लिए रात में ही बरवाअड्डा थाना पहुंच गए। थाने में जयराम महतो और बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच मारपीट हुई।

थाने में विवाद: थाने में जयराम महतो और थानेदार के बीच विवाद हुआ। थानेदार ने जयराम महतो पर गाली-गलौज करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन के चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम

पहला चरण: आठ सितंबर से 11 सितंबर तक कुल चार दिनों तक पूरे झारखंड के कनीय पुलिस पदाधिकारी काला बिल्ला लगाकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।

दूसरा चरण: 19 सितंबर को सभी पुलिस केंद्र, थाना और ओपी में चूल्हा-चौका व मेस बंद रहेगा। सभी पुलिसकर्मी एक दिवसीय सामूहिक उपवास पर जाएंगे।

तीसरा चरण: 24 सितंबर को एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके तहत सभी जिला शाखा और इकाइयां अपने-अपने एसपी व कमांडेंट के कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगी।

चौथा चरण: पांच अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक छह दिनों के लिए झारखंड के पुलिसकर्मी सामूहिक रूप से अवकाश पर चले जाएंगे।