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हाथियों के गलियारे में अवैध खनन पर शिकंजा: दलमा में चल रहा अवैध पत्थर क्रशर सील, संचालक पर केस दर्ज

Published: Wed, 30 Sep 2026 02:26 AM (GMT+05:30)

दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको-सेंसिटिव जोन में अवैध पत्थर क्रशर को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है। यह कार्रवाई ...और पढ़ें

धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा के नेतृत्व में खनन, वन विभाग, पुलिस और राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की संयुक्त टीम ने पटमदा अंचल में कार्रवाई की।

धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा के नेतृत्व में खनन, वन विभाग, पुलिस और राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की संयुक्त टीम ने पटमदा अंचल में कार्रवाई की।

HighLights

  1. दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी में अवैध पत्थर क्रशर सील।

  2. हाथियों के गलियारे में चल रहा था अवैध खनन।

  3. संचालक सुभाष शाही के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज।

जासं, जमशेदपुर। दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के अति संवेदनशील पर्यावरण क्षेत्र (इको-सेंसिटिव जोन) में नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे अवैध पत्थर क्रशर पर जिला प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। 
 
धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अर्नव मिश्रा के नेतृत्व में खनन, वन विभाग, पुलिस और राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद की संयुक्त टीम ने पटमदा अंचल के धुसरा मौजा में औचक दबिश देकर अवैध क्रशर इकाई को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
 

हाथियों के प्राकृतिक गलियारे में चल रहा था अवैध खेल 

दलमा गज परियोजना की निगरानी समिति की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। पूर्व में बंद पड़े इस क्रशर को बिना किसी वैध अनुमति व अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के दोबारा गुपचुप तरीके से चालू कर दिया गया था। 
 
जांच में कनीय पर्यावरण अभियंता आफताब आलम ने पुष्टि की कि यह संयंत्र वायु एवं जल प्रदूषण अधिनियम का खुला उल्लंघन कर रहा था। वनपाल सीमोन टुडू के अनुसार, वन्यजीवों और हाथियों के इस प्राकृतिक निवास क्षेत्र में पत्थर पिसाई पूरी तरह प्रतिबंधित है।
 

सामग्री जब्त, संचालक सुभाष शाही पर एफआईआर 

राष्ट्रीय संपदा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले क्रशर संचालक सुभाष कुमार शाही के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
 
छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने मौके से एक जनरेटर लदा वाहन, वेल्डिंग मशीन, सब्बल, हथौड़ा समेत करीब 300 सीएफटी बोल्डर और 200 सीएफटी पत्थर चिप्स जब्त कर पटमदा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिए हैं। 
 
जांच दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्राकृतिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाने और राजस्व की चोरी करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।