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बंगाल की खाड़ी का चक्रवात बिगाड़ेगा पूजा का मजा, जमशेदपुर में चार दिनों तक येलो अलर्ट जारी

Published: Sun, 11 Oct 2026 11:48 PM (IST)Updated: Mon, 12 Oct 2026 02:38 AM (IST)

जमशेदपुर में दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात के कारण मौसम विभाग ने चार ...और पढ़ें

मौसम की प्रतीकात्‍म‍क तस्‍वीर।

मौसम की प्रतीकात्‍म‍क तस्‍वीर।

HighLights

  1. बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात का असर।

  2. जमशेदपुर में चार दिनों तक भारी बारिश का येलो अलर्ट।

  3. दुर्गा पूजा पंडालों और मूर्तियों को नुकसान की आशंका।

जासं, जमशेदपुर। आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को कलश स्थापना के साथ ही देवी आराधना की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन आसमान के तीखे तेवरों ने उत्सव की तैयारियों पर चिंता बढ़ा दी है। 

शहर में जब शिल्पकार भव्य पंडालों को अंतिम रूप देने और तोरणद्वारों को सजाने में जुटे हैं, तब बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी बवंडर ने रंग में भंग डालने की स्थिति पैदा कर दी है। 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार से अगले चार दिनों तक जमशेदपुर सहित पूरे कोल्हान में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज आंधी के साथ भारी वर्षा की पीली चेतावनी जारी की है।

उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण के कारण 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली तेज हवाएं विशाल पंडालों के ढांचों और सज्जा बिगाड़ देंगी। 

मूर्तियों और विद्युत सज्जा को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न पूजा कमेटियां आनन-फानन में तिरपाल बांधने में जुट गई हैं, ताकि नमी और बारिश से किसी प्रकार का नुकसान न हो।

चार दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज

  • सोमवार (द्वितीया): मां ब्रह्मचारिणी के पूजन के दौरान दोपहर बाद मूसलाधार वर्षा और तेज अंधड़ का सबसे तीव्र दौर रहेगा। इस दौरान तापमान गिरकर अधिकतम 29 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
  • मंगलवार (तृतीया): मां चंद्रघंटा की पूजा के बीच रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा।
  • बुधवार (चतुर्थी): आसमान में घने बादलों का डेरा रहेगा और मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है।
  • गुरुवार (पंचमी): इस दिन मौसम में आंशिक सुधार देखने को मिलेगा, हालांकि छिटपुट फुहारों का दौर बना रहेगा।

मौसम के इस बदले मिजाज के कारण इस बार दुर्गापूजा की तैयारियों और दर्शनार्थियों की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है, जिसे लेकर जिला प्रशासन और पूजा समितियां पूरी तरह सतर्क हैं।