जमशेदपुर में बिना जांच जारी है उड़ान, विमान सेवा बंद होने के बाद एयरपोर्ट से हटाए जा चुके हैं सुरक्षाकर्मी
जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट से व्यावसायिक विमान सेवाएं बंद होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हटा ली गई है।

फ्लाइंग क्लब और कॉर्पोरेट विमानों की आवाजाही जारी रहने के बावजूद, परिसर में सुरक्षा जांच के लिए कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं है, जिससे सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
HighLights
सोनारी एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानें बंद, सुरक्षाकर्मी हटाए गए।
74 प्रशिक्षित पुलिसकर्मी वापस बुलाए गए, सुरक्षा उपकरण भी समेटे।
फ्लाइंग क्लब, कॉर्पोरेट उड़ानें बिना सुरक्षा जांच के जारी।
जासं, जमशेदपुर। औद्योगिक नगरी जमशेदपुर स्थित सोनारी एयरपोर्ट से व्यावसायिक (Commercial) विमान सेवाएं बंद होते ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह से हटा ली गई है।
वर्तमान में एयरपोर्ट से रोजाना फ्लाइंग क्लब के प्रशिक्षण विमान उड़ान भर रहे हैं और कारपोरेट विमानों की आवाजाही भी लगातार जारी है।
इसके बावजूद, परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों और यात्रियों की सुरक्षा जांच के लिए एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं है। ऐसे में एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
74 प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को वापस बुलाया गया
उड़ान योजना के तहत सोनारी एयरपोर्ट से जमशेदपुर-कोलकाता और जमशेदपुर-भुवनेश्वर के बीच इंडिया वन एयर की व्यावसायिक सेवाएं संचालित की जा रही थीं।
हाल ही में इन सेवाओं के स्थायी रूप से बंद होने के बाद राज्य सरकार ने एयरपोर्ट पर तैनात सभी 74 पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया।
वापस बुलाए गए पुलिस बल में 4 सब-इंस्पेक्टर (SI), 8 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और 62 पुलिस जवान शामिल थे।
इन सभी कर्मियों को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) द्वारा 15 दिनों का विशेष सुरक्षा प्रशिक्षण और परीक्षा पास कराने के बाद एयरपोर्ट पर तैनात किया गया था।
12 अक्टूबर को जारी हुआ था आधिकारिक आदेश
झारखंड पुलिस की विशेष शाखा ने 12 अक्टूबर को आदेश जारी कर सभी जवानों और अधिकारियों को रांची स्थित एपीएसयू (APSU) मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया। आदेश में पूर्वी सिंहभूम के पुलिस उपाधीक्षक (विशेष शाखा) के पत्र का हवाला देते हुए बताया गया कि कमर्शियल उड़ानें बंद हो चुकी हैं।
इसके साथ ही एयरपोर्ट पर लगाए गए सुरक्षा उपकरण और मेटल डिटेक्टर भी समेटकर संबंधित विभाग में जमा करा दिए गए हैं।
60 से अधिक ट्रेनी पायलट और कारपोरेट उड़ानों पर बना जोखिम
भले ही शेड्यूल कमर्शियल उड़ानें रोक दी गई हों, लेकिन सोनारी एयरपोर्ट पर उड्डयन गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। यहां 60 से अधिक युवा विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
इसके अलावा टाटा समूह और अन्य कॉर्पोरेट घरानों के चार्टर्ड विमानों का आवागमन भी बना हुआ है। पहले परिसर में प्रवेश के समय सभी लोगों की गहन फ्रिस्किंग और मेटल डिटेक्टर से जांच होती थी, लेकिन अब यह व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ चुकी है।
तमाम सुरक्षा चिंताओं के बीच टाटा स्टील के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि सोनारी एयरपोर्ट का एक हिस्सा टाटा स्टील के नियंत्रण में है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी निभाती है।
वहीं, दूसरा छोर राज्य सरकार के नियंत्रण में है, इसलिए वहां की सुरक्षा व्यवस्था राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है।
प्रशिक्षित जवानों और उपकरणों की अचानक वापसी के बाद कोई वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं किया जाना एक बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है।